पेट्रोल-डीजल की डायनमिक प्राइसिंग का ‘जोर का झटका धीरे से’, 60 दिन में 6 रुपये बढ़ी कीमतें

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देश में पेट्रोल की कीमत में जुलाई से लेकर अबतक 6 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया जा चुका है. बीते 60 दिनों के दौरान प्रतिदिन बढ़ती-घटती कीमतों के नए नियम से पेट्रोल की कीमत एक बार फिर 2014 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है.

वहीं डीजल की कीमतों पर लागू इस नए नियम के चलते इस दौरान धीरे-धीरे कर कीमतें 3.67 रुपये बढ़ चुकी है. डीजल की ये कीमतें बीते चार महीनों के दौरान शीर्ष स्तर पर हैं.15 जून तक सरकारी तेल कंपनियां महीने में दो बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों का आंकलन करते हुए कीमतों में कटौती अथवा इजाफा करती थीं. लेकिन जुलाई से पेट्रोल-डीजल की कीमतों का आंकलन प्रतिदिन किया जाने लगा. इसके असर से बीते जुलाई से अभीतक पेट्रोल की कीमतों में 6 रुपये और डीजल की कीमत में 3.67 रुपये का इजाफा हो चुका है.

गौरतलब है कि दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 69.04 रुपये है. वहीं अगस्त 2014 में पेट्रोल की कीमत 70.33 रुपये थी. 16 जून 2017 को पेट्रोल की कीमत 65.48 रुपये प्रति लीटर थी. वहीं 2 जुलाई को यह कीमत गिरकर 63.06 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई.

इस गिरावट के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जिम्मेदार है. हालांकि इसके बाद से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में गिरावट का दौर खत्म हो गया और कीमतों में लगातार इजाफा देखने को मिला है. इस दौरान पेट्रोल की तुलना में डीजल की कीमतों में ज्यादा बार इजाफा किया गया. 16 जून को दिल्ली में एक लीटर डीजल की कीमत 54.49 रुपये थी जो कि 2 जुलाई को गिरकर 53.36 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई.

तेल कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक पहले जब 15 दिनों में एक बार कीमतों में बदलाव होता था तो पेट्रोल की कीमत 2-3 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ती थी. इस बढ़त का झटका आम आदमी को सीधे लगता था. अब जब प्रति दिन कीमतें बदल रही हैं तो यह इजाफा 1 पैसे से 15 पैसे का प्रतिदिन हो रहा है जिसे लोग नजरअंदाज कर देते हैं.

गौरतलब है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों को सरकार के कंट्रोल से 1 अप्रैल 2002 को मुक्त कर बाजार के हवाले कर दिया गया था. इसके बाद से ही पेट्रोल-डीजल की कीमत में प्रति 15 दिनों में बदलाव किया जाने लगा.

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