सृजन महाघोटाला: CBI SP आज आ सकते हैंं भागलपुर, देर रात तक चली जांच

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सीबीआइ एसपी किरण एस सृजन घोटाला मामले की जांच के लिए आज भागलपुर आ सकते हैं। सीबीआइ की दो टीमें भागलपुर और सहरसा में हैं और जांच कर रही हैं। बता दें कि 1300 करोड़ के सृजन घोटाले में 14 केस दर्ज हैं और हर केस में 250 से 300 पेज के केस दर्ज किये गए हैं। इस तरह सीबीआइ की टीम 4200 पन्ने की रिपोर्ट पढ़ेगी। इस मामले में अबतक दस केस हैंडओवर हो चुके हैं। तेरह सौ करोड़ रुपये के सृजन घोटाले से संबंधित दस मामले सीबीआइ को सौंप दिए गए। सीबीआइ की टीम ने सोमवार को भागलपुर पुलिस से शेष चार मामलों का प्रभार लिया जबकि पांच मामलों का प्रभार सीबीआइ रविवार देर रात तक ले चुकी थी। सहरसा के मामले को भी सीबीआइ ने अपने पास ले लिया है। भागलपुर में सृजन घोटाले से संबंधित कुल बारह मामले दर्ज किए गए हैं जबकि बांका और सहरसा में एक-एक मामले दर्ज किए गए हैं। सोमवार तक सीबीआइ को दस मामलों के जांच की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। उधर, विशेष केंद्रीय कारा (कैंप जेल) से सृजन घोटाले के कुल छह आरोपितों को स्वास्थ जांच के लिए अस्पताल लाया गया। जांच के बाद तत्कालीन जिला कल्याण पदाधिकारी अरुण कुमार और बैंक ऑफ बड़ौदा के पूर्व चीफ मैनेजर अरुण कुमार सिन्हा को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
आंकड़ों के मिलान में हो रही देरी
सूत्रों की मानें तो लेन-देन के आंकड़ों की संख्या अधिक होने के कारण केस का चार्ज लेने में काफी समय लग रहा। कुछ केस में तो लेन-देन अरबों में है। इस कारण सभी आंकड़ों का मिलान काफी बारीकी से किया जा रहा है ताकि आगे केस में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। ये नौ मामले करीब 14 सौ से ज्यादा पन्नों में दर्ज हैं। इन सभी पन्नों का अध्ययन करके सीबीआइ के हर आइओ केस का चार्ज ले रहे हैं। जिला पुलिस के आइओ इसमें सहयोग कर रहे हैं।
जब्ती सूची के आधार पर संपत्ति के कागजातों का हो रहा मिलान
एसआइटी और ईओयू की टीम ने जिन आरोपितों के ठिकानों पर छापेमारी की। वहां से उनकी अकूत संपत्ति का पता चला है। इससे संबंधित कागजात काफी संख्या में बरामद किए गए हैं। इसके अलावा दर्जनों बैंक एकाउंट मिले हैं। उन सारे जब्त कागजातों और बैंक से जुड़े स्टेटमेंट का भी मिलान सीबीआइ कर रही है। इसके बाद टीम एसआइटी से सारे कागजात रिसीव कर रही है। जब्त कागजातों की संख्या भी काफी है।
अधिसूचना जारी होने के बाद हवाले होंगे अन्य तीन केस
जब गृह मंत्रालय से सृजन घोटाले की जांच के लिए सीबीआइ जांच की अधिसूचना जारी हुई थी, उस समय तक भागलपुर में घोटाले को लेकर कुल नौ मामले दर्ज किए जा चुके थे। अधिसूचना जारी होने के बाद भागलपुर में कल्याण विभाग के 115 करोड़, डीआरडीए का 83 करोड़, सृजन के सभी पदधारकों के खिलाफ तीन अन्य मामले दर्ज किए गए थे। तब तक घोटाले की आंच बांका भी पहुंच गई थी। बांका जिले में भू अर्जन कार्यालय में करीब 83 करोड़ के घोटाले का मामला उजागर हुआ। इस घोटाले को लेकर पुलिस ने एक अलग मामला बांका में दर्ज किया था। इस बीच गृह विभाग ने भागलपुर और सहरसा के कुल दस मामलों की जांच सीबीआइ को सौंपे जाने की अधिसूचना जारी कर दी थी। फिलहाल सीबीआइ भागलपुर और सहरसा के दस मामले की जांच कर रही है। अधिकारिक सूत्रों की मानें तो एक दो दिन में भागलपुर और बांका के चार अन्य केस के जांच की जिम्मेदारी सीबीआइ को मिल सकती है। इससे संबंधित अधिसूचना गृह मंत्रालय से जारी होने के बाद घोटाले के सभी 14 मामलों की जांच सीबीआइ अपने स्तर से करेगी।

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