आज पैन से आधार लिंक नहीं हुआ तो फाइल होने के बावजूद रद्द हो जाएगा आपका ITR..

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नई दिल्ली: अगर आपने अपने पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक नहीं किया है तो आप अच्छी खासी दिक्कत में फंस सकते हैं. अगर आपने अब तक अपना पैन कार्ड आधार से लिंक नहीं किया है तो अब भी आपके पास समय है कि यह काम कर लें. वैसे तो इस काम के लिए आज यानी 31 अगस्त आखिरी तारीख है लेकिन अटकलें हैं कि आज वित्त मंत्रालय इस मियाद को बढ़ा सकता है. पर क्या आप जानते हैं कि यदि आपका पैन आधार से लिंक नहीं है तो क्या हो सकता है?
1- यदि आपने 5 अगस्त से पहले पहले आयकर रिटर्न फाइल कर दिया था, लेकिन आपने पैन को आधार से 31 अगस्त की समयसीमा के भीतर लिंक नहीं किया था तो भी यह हो सकता है कि आयकर विभाग आपके इनकम टैक्स रिटर्न को प्रॉसेस ही न करे. ऐसे में आपके द्वारा फाइल किया गया आईटीआर एक प्रकार से ‘नहीं भरा’ ही माना जा सकता है.

2- जानकारों का मानना है कि यदि आपका आईटीआर प्रॉसेस नहीं किया जाएगा, तो यह आईटीआर फाइल न करने वाले केस की तरह ही ट्रीट किया जाएगा. यानी कि, भले ही आप आईटीआर फाइल कर चुके हों लेकिन माना जाएगा कि 2016- 17 के लिए आपने रिटर्न फाइल नहीं किया है.

3- ऐसे में आपको उन सभी नतीजों को भुगतने के लिए तैयार रहना होगा जो कि रिटर्न फाइल न करने पर झेलने पड़ते हैं. आपकी इस सफाई को नहीं माना जाएगा कि रिटर्न तो फाइल किया था लेकिन आधार पैन लिंकेज नहीं किया था.

4- इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपको धारा 142 (1) के तहत नोटिस भेज सकता है. आकलन अधिकारी आप पर रिटर्न फाइल न करने की एवज में 5 हजार रुपये तक की पेनल्टी ठोक सकता है.

5- जानकारों की मानें तो ऐसे में जब आपका आईटीआर रद्द माना जाएगा तब आपके द्वारा किया गया किसी भी प्रकार का रिफंड का दावा पूरी तरह से फेल हो जाएगा. रिफंड की प्रक्रिया भी प्रॉसेस नहीं की जाएगी.

वैसे हो सकता है कि सरकार यह तारीख बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दे. वित्त मंत्रालय पैन को आधार से जोड़ने की समयसीमा बढ़ाकर इस साल के अंत तक करने की घोषणा आज कर सकता है. वित्त मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से भाषा ने छापा है कि सरकार गुरुवार को इस बारे में फैसला करेगी कि क्या पैन को आधार से जोड़ने की समयसीमा बढ़ाई जाएगी या नहीं.

आयकर कानून की धारा 139 एए (2) कहती है कि प्रत्येक व्यक्ति जिसके पास एक जुलाई, 2017 को पैन नंबर था और वह आधार पाने का पात्र है, उसे अपने आधार नंबर की जानकारी कर अधिकारियों को देनी होगी. ऐसे लोग जो आयकर कानून के तहत प्रवासी भारतीयों में आते हैं, जो भारत के नागरिक नहीं हैं, 80 साल से अधिक उम्र के लोग, असम, मेघालय और जम्मू-कश्मीर के लोगों को इस अनिवार्यता से छूट दी गई है.

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