राज्यसभा से अपने बागी नेता शरद यादव को बाहर कराएगी जदयू

0
297

जदयू के बागी नेता शरद यादव की सदस्यता पर अब पार्टी ने बड़ा फैसला लेने का निर्णय किया है और अब पार्टी शरद यादव की सदस्यता समाप्त करने के लिए जल्द ही राज्यसभा सचिवालय में शिकायत दर्ज कराने जाएगी। पार्टी के नेशनल जेनरल सेक्रटरी संजय झा ने बताया कि ‘हमारी पार्टी ने पहले ही यादव को एक पत्र भेजकर उन्हें लालू की रैली में शामिल नहीं होने के लिए कहा था। इसके साथ ही उन्हें बताया गया था कि अगर वह शामिल होते हैं तो इसे उनका पार्टी को स्वेच्छा से छोड़ना माना जाएगा। बता दें कि बीजेपी के खिलाफ विपक्ष की एकता को दिखाने के लिए आरजेडी ने पटना में 27 अगस्त को एक रैली का आयोजन किया था। इसमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी हिस्सा लिया था और उन सबके साथ ही शरद यादव भी रैली का हिस्सा बने थे। संजय झा ने कहा कि यह स्पष्ट तौर पर आरजेडी की रैली थी और शरद यादव ने पहले से चेतावनी मिलने के बावजूद इसमें हिस्सा लेकर जेडीयू के सिद्धांतों का उल्लंघन किया है। उनका कहना था, ‘रैली का आयोजन आरजेडी ने किया था, जेडीयू ने नहीं। झा ने कहा कि शरद यादव ने हमारी पार्टी की ओर से मना करने के बावजूद रैली में जाकर भाषण दिया। यह निराशाजनक है कि हमारी पार्टी के आरजेडी के भ्रष्टाचार के खिलाफ स्पष्ट रुख रखने के बावजूद यादव ने इसके बारे में कुछ नहीं बोला।’ शरद यादव अब 16 विपक्षी दलों की नैशनल कमिटी के कन्वेनर बने हैं। उन्होंने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में बताया था कि वे राज्यसभा से उन्हें अयोग्य करवाने की नीतीश की योजना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। यादव ने नीतीश के बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाने पर भी सवाल उठाया था। इसके जवाब में झा ने कहा कि नीतीश का आरजेडी के साथ गठबंधन तोड़ने का फैसला भ्रष्टाचार मुक्त सरकार के चुनावी वादे के अनुसार लिया गया है। उन्होंने बताया कि शरद यादव इससे पहले पार्टी का अध्यक्ष होने के समय पार्टी के सदस्यों के खिलाफ गए थे। झा का कहना था, ‘इसमें कोई शक नहीं है कि बिहार में मतदाताओं ने नीतीश को समर्थन दिया था। बिहार के सभी 71 विधायक नीतीश के साथ मजबूती से खड़े हैं। जेडीयू विधायक दल की बैठक में सभी विधायकों ने कहा था कि पार्टी को किसी भी स्थिति में लालू प्रसाद और उनके परिवार के भ्रष्टाचार के साथ नहीं खड़ा होना चाहिए। उनका संदेश था कि हम लालू के साथ नहीं डूबेंगे, लेकिन इसके बावजूद शरद यादव आरजेडी के भ्रष्टाचार की बात नहीं कर रहे।’ उन्होंने कहा कि शरद यादव ने 2013 में जेडीयू के बीजेपी के साथ गठबंधन से बाहर निकलने पर ‘मतदाताओं को धोखा देने’ का मुद्दा भी नहीं उठाया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here