बाढ़ कोर्ट में कुख्यात कैदी गुड्डू सिंह की गोली मार हत्या का पढ़ें पूरा मामला..25 पुलिसकर्मी निलंबित

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पटना/बाढ़ : बाढ़ कोर्ट में शुक्रवार को अत्याधुनिक हथियारों से लैस दो अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए पेशी के लाये गये कुख्यात कैदी गुड्डु सिंह को मौत के घाट उतार दिया. गोलीबारी में दो अन्य कैदी बरकुन महतो व गुड्डू सिंह घायल हो गये, जिन्हें पीएमसीएच में भर्ती कराया गया है.

घटना के बाद हमलावर फिल्मी स्टाइल में पिस्टल लहराते और हवाई फायरिंग करते हुए फरार हो गये, जबकि कोर्ट में मौजूद 25 पुलिसकर्मी जवाबी कार्रवाई करने के बजाय भाग खड़े हुए. जानकारी मिलते डीआइजी राजेश कुमार व एसएसपी मनु महाराज दल-बल के साथ पहुंचे और मामले की छानबीन की. इस दौरान मौके से नाइन एमएम के तीन खोखे बरामद किये गये. साथ ही कोर्ट में तैनात पुलिसकर्मियों की जम कर क्लास भी ली. घटना के बाद मृत गुड्डू सिंह के गांव मरांची थाने के जलालपुर में ग्रामीणों ने हंगामा किया.

गुड्डू पर दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज थे. बताया जाता है कि मरांची थाने के जलालपुर निवासी गुड्डू सिंह, नालंदा जिले के चंडी थाने के गिलानीचक गांव निवासी गुड्डू सिंह और बेलछी थाने के कबीरचक गांव निवासी बरकुन महतो समेत 12 कैदियों को बाढ़ जेल से न्यायिक हिरासत में दोपहर 12 बजे लाया गया था और कोर्ट हाजत में रखा गया था. इसके बाद दो बजे सभी 12 कैदियों को एक रस्से में बांध फायरिंग होते ही जान बचाने हाजत में छुप गये पुलिसकर्मी कर पुलिसकर्मी एडीजे-2 ओमप्रकाश के कोर्ट में पेशी के लिए ले गये.

हाजिरी देने के बाद कैदियों को लेकर जैसे ही पुलिसकर्मी दोपहर 2:20 बजे एसडीजेएम के दरवाजे के सामने पहुंच कर गेट से नीचे उतरने लगे, तभी भीड़ से निकल कर दो अपराधियों ने पिस्टल निकाल कर कैदियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. पुलिसकर्मी मुकाबला करने के बजाय भाग कर बंदी हाजत में छिप गये.

इस दौरान रस्से में बंधे गुड्डू सिंह (जलालपुर) को पीठ और सीने में दो गोलियां अपराधियों ने मार दीं. वहीं, फायरिंग के दौरान गिलानीचक निवासी गुड्डू सिंह की पीठ में गोली लगी, जबकि एक अन्य विचाराधीन बंदी बरकुन महतो के पीठ व हाथ में दो गोलियां लगीं. गुड्डू सिंह को रस्से में बंधे अन्य कैदी घसीट कर कोर्ट हाजत के पास ले गये.

करीब आधे घंटे तक कोई भी पुलिसकर्मी भय से बाहर नहीं निकला. उधर, गोलीबारी के बाद अपराधी खुलेआम पिस्तौल लहराते हुए एपीपी ऑफिस के पास के गेट से भाग गये. जख्मी हालत में गुड्डू सिंह ने हमलावरों के बार-बार नाम भी लिये. इसके बाद गुड्डू सहित अन्य घायल बंदियों को कैदी वैन से अनुमंडल अस्पताल ले जा गया, जहां पर गुड्डू सिंह (जलालपुर) डॉक्टराें ने मृत घोषित कर दिया. वहीं, बरकुन महतो और गुड्डू सिंह (गिलानीचक) को गंभीर हालत में पीएमसीएच रेफर कर दिया है. दोनों की हालत नाजुक बतायी जाती है.

वहीं, भगदड़ में रस्से से बंधा बंदी मरांची थाने के पंचमहला गांव निवासी विकेश कुमार भी गिरने के दौरान जख्मी हो गया. उसे भी अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

सुरक्षा में गंभीर चूक, अपराधी की पहचान हुई : एसएसपी

एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि जिस तरह से घटना को अंजाम दिया गया है, वह गंभीर मामला है. पुलिस सुरक्षा में चूक सामने आयी है. यह सुरक्षा का सवाल है. घटना के दौरान लापरवाही बरतने वाले बाढ़ कोर्ट में तैनात सभी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. वहीं, हमलावरों की पहचान हो गयी है. इसकी गिरफ्तारी को लेकर अभियान शुरू कर दिया गया है. अपराधी जल्द गिरफ्त में होंगे.

दो दर्जन से अधिक मामले थे दर्ज

मरांची थाने के पंचमहला गांव निवासी अनिल महतो और टुनटुन महतो का अपहरण कर उनकी हत्या के मामले में गुड्डू सिंह नामजद था. घटना तीन दिसंबर, 2015 को हुई थी. इस मामले में मरांची कांड संख्या 124 व 125/2016 दर्ज किया गया था. इसमें गुड्डू सिंह करीब 17 माह से न्यायिक हिरासत में था. इसी केस में गुड्डू सिंह की पेशी एडीजे-2 के कोर्ट में थी. इसके अलावा गुड्डू सिंह पर पंचमहला, मोकामा, बड़हिया व मरांची थानों में हत्या व रंगदारी के दो दर्जन मामले दर्ज थे. सबसे ज्यादा मरांची थाने में 19 मामले दर्ज थे, जिनमें 10 हत्या व नौ अपहरण, लूट व रंगदारी के मामले थे. इसके अलावा मोकामा जीआरपी, लखीसराय, बेगूसराय आदि थानों में भी कई मामलों में वह नामजद था.

पंचमहला के मोनू-सोनू ने की गुड्डू की हत्या

पटना. कुख्यात गुड्डू सिंह की हत्या पंचमहला निवासी मोनू-सोनू ने की है. ये दोनों सहोदर भाई हैं. जांच के क्रम में इन दोनों के नामों का खुलासा पुलिस के समक्ष हुआ. दोनों काे पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है.

पुलिस ने घायल कैदियों का भी फर्दबयान लिया है, जिसमें मोनू-सोनू द्वारा ही गोली चलाये जाने की बात सामने आयी है. बताया जाता है कि मोनू व सोनू की बहन इस बार मुखिया चुनाव में खड़ा होना चाहती थी. लेकिन, गुड्डू सिंह और अन्य ने काफी तंग किया और वह चुनाव में खड़ा नहीं हो पायी.

इस बात को लेकर मोनू व सोनू काफी गुस्से में थे. बाढ़ जेल में अन्य कैदियों से पूछताछ के बाद एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि इस घटना को मोनू व सोनू ने अंजाम दिया है और दोनों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है.

कोर्ट में मौजूद 25 पुलिसकर्मी निलंबित

वारदात को अंजाम देने के लिए महज दो अपराधी मोटरसाइकिल से कोर्ट परिसर के अंदर दाखिल हुए थे, जबकि मौके पर 25 पुलिसकर्मी मौजूद थे. इनमें चार सिपाही कैदी वैन के साथ और परिसर में दो दारोगा व 19 कांस्टेबल तैनात थे. फिर भी किसी पुलिसकर्मी ने कोई जवाबी कार्रवाई नहीं की, बल्कि भाग कर कोर्ट हाजत में छिप गये.

इससे अपराधी घटना को अंजाम देकर आसानी से फरार हो गये. किसी पुलिस वाले ने इनका पीछा तक करने की जरूरत नहीं समझी. पुलिस मुख्यालय ने सभी मौजूद पुलिसकर्मियों को निलंबित करने का आदेश दिया है. साथ ही इस मामले में हुई चूक से जुड़े सभी प्रमुख कारणों का पता लगाने के लिए भी कहा गया है. सभी कोर्ट का फिर से सुरक्षा ऑडिट कराने के लिए निर्देश दिया गया है. पटना हाईकोर्ट की सुरक्षा को और सख्त कर दिया गया है. हाइकोर्ट परिसर और इसके आसपास तैनात पुलिसकर्मियों की संख्या में बढ़ोतरी की जायेगी.

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