रूस ने ISIS पर गिराया ‘फादर ऑफ ऑल बॉम्ब’, अमेरिकी बम से चार गुना ताकतवर

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रूस मॉस्को,। रूसी सेना ने खूंखार आतंकी संगठन आइएस के शीर्ष कमांडरों पर शक्तिशाली ‘फादर ऑफ ऑल बॉम्ब’ से हमला किया है। यह हमला पूर्वी सीरियाई शहर देर अज-जोर में किया गया। बताया गया कि आईएस के नेताओं पर गिराया गया यह सबसे बड़ा गैर-परमाणु बम है। हमले में इस्लामिक स्टेट के चार नेता मारे गए।

गौरतलब है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सेना द्वारा गिराया गया यह बम अमेरिका के एमओएबी यानी ‘मदर ऑफ ऑल बम’ से चार गुना ज्यादा शक्तिशाली है। अमेरिका ने अप्रैल 2017 में अफगानिस्तान में आइएस के ठिकानों पर ‘मदर ऑफ अल बम’ गिराया था। इसमें 11 टन विस्फोटक था, जबकि रूस के बम में 44 टन विस्फोटक है। स्थानीय मीडिया ने शुक्रवार (8 सितंबर) को रक्षा मंत्रालय के एक बयान के हवाले से बताया कि हवाई हमले में 40 आतंकी मारे गए। इनमें आतंकी नेता अबू मोहम्मद अल-शिमाली और गुलमुरोद खलीमोव शामिल हैं। कहा जाता है कि अल-शिमाली सीरिया में विदेशी लड़ाकों के अभियान का नेतृत्व कर रहा था और संगठन के लिए नई भर्तियां कर रहा था। इस शहर में सीरिया के सरकारी बलों और आइएस के बीच भारी संघर्ष चल रहा है। आतंकियों ने इस शहर पर वर्षों से कब्जा जमा रखा है।

2007 में हुआ था पहला परीक्षण
‘फादर ऑफ ऑल बम’ का 2007 में पहली बार परीक्षण किया गया था। ठीक चार साल पहले यानी 2003 में अमेरिका ने ‘मदर ऑफ ऑल बम’ का परीक्षण किया था। इससे होने वाली तबाही लगभग परमाणु बम जैसी ही होती है। लेकिन इससे रेडिएशन का खतरा नहीं होता। इसे गिराने के बाद यह हवा में ही फट जाता है। हवा और ईधन के मिलने से यह और भी भयावह रूप ले लेता है। विस्फोट से इतनी ऊर्जा और ऊष्मा निकलती है कि यह अपने लक्ष्य को भाप में बदल देता है। यह बम फिलहाल सिर्फ रूस के पास है।

अमेरिका ने की थी बड़ी कार्रवाई
अमेरिका ने अप्रैल में अफगानिस्तान में आइएस के ठिकाने पर एमओएबी गिराया था। ननगरहार प्रांत के अचिन जिले में हुई इस कार्रवाई में 92 आतंकी मारे गए थे। इससे आतंकियों के बंकरों और खुफिया ठिकानों पर हमला किया गया था।

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