बिहार विकास मिशन : सीएम ने दिया निर्देश, कॉलेजों में छात्रों की उपस्थिति बढ़ाएं, करें मॉनीटरिंग

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पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के कॉलेजों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने और उसकी मॉनीटरिंग करने का निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री ने यह निर्देश मंगलवार को बिहार विकास मिशन के शासी निकाय की चौथी बैठक में दिया. मुख्यमंत्री सचिवालय के संवाद कक्ष में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने बिहार विकास मिशन के अन्य उप मिशन के कार्यक्रम, सात निश्चय की योजनाओं की प्रगति की विभागवार समीक्षा की. साथ ही विकास मिशन के िलए वर्ष 2- 17-18 के िलए 175 करोड़ का बजट मंजूर िकया गया है.

मैराथन बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि कॉलेजों में कितने छात्र आते हैं, इसका ध्यान रखा जाये. छात्र-छात्राओं की उपस्थिति अगर कम है, तो इसका क्या कारण है, इसका अध्ययन होना चाहिए. स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति को लेकर मेहनत की गयी, तो छात्रों की उपस्थिति बढ़ गयी. इसलिए कॉलेजों में भी छात्रों की उपस्थिति को मॉनीटर की जाये.

मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा में बिहार का ग्रॉस इनरॉलमेंट रेशियो सिर्फ 13.9% है, इसे 3- % से ऊपर ले जाना चाहते हैं. इसके लिए कॉलेजों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़नी चाहिए. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि कुशल युवा कार्यक्रम में आवेदनकर्ता उन जिलों, जहां पर वे आवेदन कर रहे हैं, वहां का अस्थायी निवास प्रमाण पत्र भी जमा करा सकते हैं. युवा उप मिशन की समीक्षा के दौरान नगर विकास व आवास विभाग की शहरी फुटपाथ दुकानदारों के लिए वेंडिंग जोन की स्थापना और सबके लिए आवास योजना पर विस्तृत चर्चा की गयी.

वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना पर गांवों में तेजी लाने, बच्चों में स्टंटेड ग्रोथ, बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ सशक्त अभियान चलाने का निर्देश दिया गया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की इसमें सक्रिय सहभागिता होगी. स्टंटिंग बाल विवाह के कारण ही है. दो अक्तूबर से बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ सशक्त अभियान चलेगा. इसमें स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और पुलिस विभाग तीनों का सक्रिय सहभागिता जरूरी होगी. वहीं, बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के सफल प्रयोग पर सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव ने प्रजेंटेशन दिया. इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका बहुत अच्छा प्रभाव पड़ रहा है और लोग लाभांवित हो रहे हैं.

स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के लिए आये सिर्फ तीन प्रतिशत आवेदन

जिला निबंधन व परामर्श केंद्र में आये आवेदनों की समीक्षा की गयी. इन केंद्रों में अब तक 4,44,6- 3 आवेदन आये हैं, जिनमें स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के सिर्फ तीन प्रतिशत आवेदन हैं. वहीं, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता के 41 प्रतिशत और कुशल युवा कार्यक्रम के 56 प्रतिशत आवेदन आये हैं.

ऑनलाइन के साथ कॉमन सर्विस सेंटर से भी आवेदन प्राप्त किये गये हैं. बिहार विकास मिशन के निदेशक अतीश चंद्रा ने बताया कि युवाओं की काउंसेलिंग डीआरसीसी, कॉलेजोें, स्कूलों और पंचायतों में की जा रही है. अब तक 9,23,- 27 लोगों की काउंसेलिंग की जा चुकी है. वहीं, कुशल युवा कार्यक्रम की समीक्षा की गयी.

डीआरसीसी पर कुल 2,49,928 आवेदन मिले हैं, जिनमें 2,48,181 स्वीकृत किये गये. 1,17- केंद्रों पर युवाओं को संवाद कौशल, व्यवहार कौशल और कंप्यूटर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. विवि और कॉलेजों में नि:शुल्क वाई-फाई की भी समीक्षा हुई. 319 संस्थानों में 3- – संस्थानों में फ्री वाई-फाई की सुविधा दी जा रही है.

25 प्रखंड और एक अनुमंडल हो चुके हैं ओडीएफ

मुख्यमंत्री ने शौचालय निर्माण, घर का सम्मान योजना की समीक्षा की. अब तक 16,726 ग्रामीण वार्ड, 478 पंचायत, 25 प्रखंड और एक अनुमंडल को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है.

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बाढ़ के कारण नष्ट हुए शौचालयों को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग समुचित कार्रवाई करे. हर घर बिजली निश्चय योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 39,- 73 गांवों में से 38,596 गांवों में बिजली पहुंचायी जा चुकी है. बचे 477 गांवों में दिसंबर तक बिजली पहुंचाने की कार्रवाई की जायेगी. मुख्यमंत्री ने हर घर नल, घर तक पक्की गली-नाली योजना की बिंदुवार समीक्षा की गयी. इसके साथ-साथ अवसर बढ़े, आगे पढ़ें योजना की भी बिंदुवार समीक्षा की गयी.

बैठक में थे मौजूद :-

बैठक में उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी सहित सभी मंत्री, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, डीजीपी पीके ठाकुर, मंत्रिमंडल के सचिव प्रधान सचिव सह बिहार विकास मिशन के सदस्य सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, बिहार विकास मिशन के निदेशक सह मुख्यमंत्री के सचिव अतीश चंद्रा, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा सहित सभी संबंधित विभागों के प्रधान सचिव, सचिव व वरीय पदाधिकारी मौजूद थे.

दो अक्तूबर से बाल विवाह, दहेज प्रथा के खिलाफ चलेगा अभियान
39,- 73 में से 38,596 गांवों में पहंुची िबजली, 477 में िदसंबर तक
बाल श्रम उन्मूलन के लिए जवाबदेही तय

पटना : राज्य सरकार ने सूबे से बाल श्रम का उन्मूलन करने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी की है. इसके तहत बाल श्रम उन्मूलन और किशोर श्रम निषेध एवं विनियमन के लिए राज्य कार्ययोजना, 2- 17 को कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी गया. इसके अलावा केंद्रीय सड़क निधि से छपरा शहर में गांधी चौक से नगरपालिका चौक तक एक नया फ्लाई ओवर बनाया जायेगा.

411. 31 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इनमें 24- करोड़ रुपये केंद्र सरकार और शेष रुपये राज्य सरकार देगी. मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में कुल 14 एजेंडों को मंजूरी दी गयी. बैठक के बाद कैबिनेट विभाग के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने बताया कि बाल श्रम उन्मूलन के लिए श्रम संसाधन विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है. साथ ही एक दर्जन से अधिक अन्य विभागों की भी जवाबदेही तय की गयी है. इसके लिए सभी संबंधित विभागों का टास्क तय कर दिया गया है. इन विभागों शामिल में प्रमुख रूप से समाज कल्याण, शिक्षा, एससी-एसटी कल्याण, पिछड़ा ए‌वं अतिपिछड़ा कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, पंचायती राज, भू-अर्जन, शहरी विकास एवं आवास, गृह, सीआइडी और सूचना ए‌वं जनसंपर्क विभाग हैं.

श्रम संसाधन विभाग निरंतर या निश्चित समय अंतराल पर सर्वे करने, क्षमता संवर्द्धन समेत अन्य अहम कार्य करेंगे, जबकि समाज कल्याण विभाग को बाल अधिकार और संरक्षण से जुड़ी नीतियों के लिए नोडल विभाग बनाया गया है.

उसे जुवेनाइल जस्टिस एक्ट का पालन, मुक्त कराये गये बच्चों को सुधारगृह में समुचित देखभाल करने समेत अन्य संबंधित कार्य करने होंगे. इसी तरह से सभी विभागों की जिम्मेवारी निर्धारित कर दी गयी है. राशन कार्ड बनाने से रद्द करने तक का काम बीडीओ के जिम्मे
बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम में शामिल खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अधीन जोड़ी गयी तीन नयी सेवाओं के निबटारे की जिम्मेदारी अब बीडीओ की होगी. पहले यह जिम्मेदारी एसडीओ के पास थी. लेकिन, इसमें परिवर्तन करते हुए नये राशन कार्ड जारी करने, कार्ड में संशोधन और इसके प्रत्यर्पण या रद्द करने से जुड़े सभी कार्य बीडीओ के स्तर पर ही होंगे.

जेल अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए सोसाइटी गठित

राज्य सरकार ने जेल में तैनात सभी स्तर के पदाधिकारियों को कई पहलुओं पर प्रशिक्षण देने के लिए बिहार इंस्टीट्यूट ऑफ कॉरेक्शनल एडमिनिस्ट्रेशन सोसाइटी का गठन किया गया है.

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित इस सोसाइटी में गृह, विधि, सामान्य प्रशासन विभाग समेत अन्य विभागों के प्रधान सचिव या सचिव सदस्य होंगे. इसके जरिये सभी स्तर के जेल पदाधिकारियों को समुचित ट्रेनिंग समेत अन्य तरह से दक्ष बनाया जायेगा, ताकि ये पदाधिकारी कैदियों को मुख्य धारा में शामिल करने के लिए कारगर तरीके से कार्य कर सकें. इसके तहत एक जर्नल भी प्रकाशित किया जायेगा, जो मुख्य रूप से जेल की गतिविधि, सुधार एवं कार्यक्रम पर आधारित होगा.

अन्य अहम निर्णय

– आइटी या आइटीईएस निवेश प्रोत्साहन विजन, 2- 17 और इएसडीएम (इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन और विनिर्माण) विजन, 2- 17 को मंजूरी दी गयी है. इसके तहत राज्य में आइटी कंपनियों के निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई तरह की सुविधाएं दी जायेंगी.
– जेल में पदस्थापित सहायक अधीक्षक, उपाधीक्षक और अधीक्षक को अन्य पुलिसकर्मियों की तरह ही सालाना वर्दी भत्ता दिया जायेगा. इसमें अधीक्षक को पांच हजार रुपये और अन्य दोनों को साढ़े चार हजार रुपये दिये जायेंगे.
– फास्ट ट्रैक कोर्ट में लंबित मामलों के निबटारे के लिए पीठासीन पदाधिकारी के पद पर जिला न्यायाधीश संवर्ग पर आठ सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, प्रधान न्यायाधीश और अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश को बहाल किया जायेगा.

– राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना के तहत वर्ष 2- 17-18 में 91.49 करोड़ रुपये जारी. इनमें 45.77 करोड़ राज्यांश और 3- करोड़ 51 लाख रुपये केंद्रांश के रूप में होंगे.

– पूर्णिया के इचालो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ मो सादिक बर्खास्त
बॉक्स में………

छह लेन वाराणसी-औरंगाबाद सड़क के लिए जमीन
एनएच-2 के तहत वाराणसी से औरंगाबाद के लिए बनने वाली छह लेन की सड़क के लिए बारूण अंचल के विभिन्न मौजा के अंतर्गत करीब साढ़े नौ एकड़ जमीन एनएचएआई को मुफ्त में ट्रांसफर की जायेगी. जमीन अधिग्रहण का कार्य जल्द ही शुरू होगा.

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