बुलेट ट्रेन: आबे ने अपने भाषण से मोहा मन, नमस्कार से शुरुआत, धन्यवाद से समाप्त, दिया नया नारा

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अहमदाबाद

जापान के प्रधानमंत्री शिंजे आबे और पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को यहां बहुप्रतीक्षित अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन की आधारशिला रखी। जापानी पीएम ने इस अवसर पर अपने संबोधन से सबका ध्यान खींचा। आबे ने हिंदी में संबोधन शुरू किया। आबे ने भारत और जापान के लिए एक नया नारा भी दिया। उन्होंने ‘जय जापान, जय इंडिया’ का नारा देते हुए आगे भी भारत की मदद का आश्वासन दिया।
नमस्कार से संबोधन शुरू, धन्यवाद से समाप्त
आबे ने नमस्कार के साथ बोलना शुरू करते हुए भारत की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘यह दोनों देशों के बीच दोस्ती की नई शुरुआत है। जापान के 100 से ज्यादा अधिक इंजिनियर भारत आ चुके हैं। रात-दिन एक करके चर्चा कर रहे हैं। दोनों देशों के इंजिनियर अगर मिलकर मेहनत करें तो कोई काम ऐसा नहीं जो संभव नहीं हों।’ आबे ने संबोधन का समापन धन्यवाद से किया।

‘जय जापान, जय इंडिया का नारा’

आबे ने भारत और जापान की दोस्ती को मिसाल बताते हुए एक नया नारा भी गढ़ दिया। उन्होंने कहा, ‘जापान का ‘ज’ और इंडिया का ‘आई’ मिलकर जय यानी विजय बन जाते हैं। जय जापान, जय इंडिया को साकार करने के लिए दोनों देश मिलकर काम करेंगे।

‘पीएम मोदी दूरदर्शी शख्स’

जापानी पीएम ने पीएम मोदी को एक दूरदर्शी शख्स बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें 10 साल पहले भारत की संसद को संबोधित करने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि जब अगली बार भारत की यात्रा पर आए तो शिनकानसेन में बैठक मोदी के साथ अहमदाबाद से मुंबई की यात्रा करें। उन्होंने कहा, ‘मैं मोदी, गुजरात और भारत को पसंद करता हूं। भारत के लिए जो कुछ भी करना होगा उसे मैं करूंगा।’

‘मेक इन इंडिया’ के लिए प्रतिबद्ध

आबे ने कहा कि जापान और वहां की कंपनियां ‘मेक इन इंडिया’ के लिए प्रतिबद्ध हैं। जापान की कंपनियां भारत के प्रति गंभीर हैं। दोस्ती का संबंध साबरमती से शिनकानसेन से और ज्यादा फैलेगी। सभी भारतीयों के लिए जापान की सरकार और कंपनियां कड़ी मेहनत करने के लिए तैयार हैं। एक दिन पूरे भारत में चलेगी बुलेट ट्रेन।

शिनकानसेन दुनिया की सबसे सुरक्षित ट्रेन

जापानी पीएम ने शिनकानसेन को दुनिया की सबसे सुरक्षित ट्रेन बताया है। उन्होंने कहा, ‘जापान में जबसे यह ट्रेन सेवा शुरू हुई है, तब से कोई भी घातक दुर्घटना नहीं हुई है। विश्व की सबसे सुरक्षित सेवा है।’

जापान-भारत दुनिया की बड़ी ताकत

आबे ने कहा, ‘जापान और भारत स्वतंत्रता, लोकतंत्र मानवाधिकार के लाभ को साझा रखते हैं। विवादों का शांतिपूर्ण हल खोजने के लायक हम पूरी कोशिश करते हैं। हमारी दोस्ती विश्व व्यवस्था की है। क्षेत्रीय संप्रभुता, स्थानीय रोजगार का भी आदर हो। इसे साकार करने के लिए जापान तथा भारत इसे और मजबूत बनाएंगे।’

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