लालू-तेजस्वी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा, आज होगी सुनवाई

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पटना । पटना के एक रत्न और आभूषण व्यापारी ने मंगलवार को राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और उनके पुत्र तेजस्वी यादव के खिलाफ सृजन घोटाले में अनर्गल आरोप लगाने को लेकर मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया।

इस मामले में बुधवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में सुनवाई होगी। उक्त मुकदमा अभूषण व्यापारी रवि जालान ने अपने वकील राधेश्याम सिंह के जरिए आईपीसी की धारा- 500 (मानहानि), 501 (जानबूझ कर अपमान करना) और 505 (जानबूझ कर अफवाह फैलाने की कोशिश) के तहत दर्ज कराया है।

जालान ने कहा कि लालू प्रसाद यादव और उनके पुत्र तेजस्वी यादव ने पिछले दिनों राजद की भागलपुर रैली और एक संवाददाता सम्मेलन में उनका नाम सृजन घोटाले से जोड़ते हुए उन्हें अपमानित किया था।

आज इस मामले पर सुनवाई होगी। अदालत में दाखिल किये गये शिकायती मुकदमे के अनुसार, राजद अध्यक्ष और तेजस्वी यादव ने इस वर्ष 09 सितंबर को पटना में एक संवाददाता सम्मेलन में और 10 सितंबर को भागलपुर की एक आम सभा में रवि जालान की संलिप्तता सृजन घोटाले में बताते हुए उसकी गिरफ्तारी की मांग की, जिससे शिकायतकर्ता का दावा है कि उसकी मानहानि हुई एवं उसके व्यापार को भी लोग हेय दृष्टि से देख रहे हैं।

सृजन घोटाले से जोड़ा था व्यापारी का नाम

रवि जलान ने यह मानहानि का मुकदमा लालू और तेजस्वी के खिलाफ इसलिए किया है क्योंकि पिछले दिनों भागलपुर में हुई आरजेडी की रैली में लालू और तेजस्वी, दोनों ने रवि जलान का नाम 1000 करोड़ रुपए के सृजन घोटाले से जोड़ा था।

‘सृजन के दुर्जनों की विसर्जन’ रैली

10 सितंबर को भागलपुर में आरजेडी की ‘सृजन के दुर्जनों की विसर्जन’ रैली के दौरान, लालू और तेजस्वी दोनों ने आरोप लगाया था कि उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की चचेरी बहन रेखा मोदी ने कुछ वक्त पहले जलान जेम्स एंड ज्वेलर्स से करोड़ों रुपये के हीरे खरीदे थे और इसका भुगतान सृजन संस्था ने किया था।

हालांकि, सुशील मोदी ने अपने आप को इस विवाद से यह कहकर दूर कर लिया था कि रेखा मोदी के साथ उनके संबंध पिछले कई वर्षों से अच्छे नहीं रहे हैं।

आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप

सीजीएम कोर्ट में दायर मानहानि के मुकदमे में रवि जलान ने कहा है कि लालू और तेजस्वी ने ना केवल उनका नाम सृजन घोटाले में घसीटा बल्कि भागलपुर रैली के दौरान उनके खिलाफ आपत्तिजनक जातिसूचक शब्दों का भी इस्तेमाल किया।

लालू-तेजस्वी के खिलाफ ये पहला मामला नहीं

गौरतलब है कि, सृजन घोटाले को लेकर लालू और तेजस्वी की भागलपुर में हुई रैली के बाद यह पहला कानूनी पचरा नहीं है, जिसमें लालू फंस गए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी दोस्त और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य उदय कांत मिश्रा ने भी लालू और तेजस्वी को कानूनी नोटिस भेजा है, जिसमें कहा गया है कि दोनों नेता 15 दिनों के अंदर अपने आपत्तिजनक शब्दों के लिए उदय कांत मिश्रा से माफी मांगे।

लालू-तेजस्वी को कानूनी नोटिस

भागलपुर की अपनी रैली में उदयकांत मिश्रा का भी नाम लालू ने सृजन घोटाले में घसीट लिया था और सवाल उठाया था कि आखिर क्यों नीतीश कुमार जब भी भागलपुर आते हैं तो उदयकांत मिश्रा के घर पर ही रुकते हैं? उन्होंने मिश्रा के खिलाफ आपत्तिजनक शब्द भी कहे थे। इसी को लेकर उदय कांत मिश्रा ने लालू और तेजस्वी दोनों के खिलाफ कानूनी नोटिस भेजा है।

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