शारदीय नवरात्र : पटना में गांधी मैदान में किन्नरों की टीम करेगी दुर्गा शक्ति को जीवंत

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या देवी सर्वभूतेषु… आज से गूंजने पूजा पंडाल व मंदिर
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ होगी कलश स्थापना, शक्ति की अधिष्ठात्री देवी की आराधना में जुटेंगे भक्त
पटना : …या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रुपेण संस्थिता नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नम:. आज से मां आदि शक्ति का यह मंत्र हर पंडाल और पूजा स्थलों में गूंजेगी. शारदीय नवरात्र की शुरुआत कलश स्थापना से होगी और इसके बाद दिन भर मां शैलपुत्री की आराधना होगी. शास्त्रों के अनुसार सुबह सवा दस बजे तक अमृत योग है इसके बाद अभिजीत मुहूर्त साढ़े ग्यारह बजे के बाद एक घंटे तक रहेगा.

हालांकि उदय कालीन तिथि मान कर दिन भर कलश स्थापना होगी. ज्याेतिषियों के मुताबिक इस दौरान अमृत योग है जिसमें कलश स्थापना करना शास्त्रोनुसार सुखद है. उसी दिन मध्याह्न में अभिजीत मुहूर्त 11 :36 बजे से 12 :24 बजे के बीच है, जिसमें आप कलश स्थापना कर मां की विशेष कृपा पा सकते हैं.

रामलीला भी आज से : इसके साथ ही आज से रामलीला कमेटी के तत्वावधान में रामलीला की भी शुरुआत हो रही है. वृंदावन के प्रख्यात राधाकृष्ण सर्वेश्वर मंडल की रामलीला टीम रामायण के चरित्रों को जीवंत करेगी. 21 सितंबर से 1 अक्टूबर तक नागाबाबा ठाकुरबाड़ी में रामलीला होगी. शाम छह बजे से रात के साढ़े नौ बजे तक इसका आयोजन होगा. कदमकुआं स्थित नागा बाबा ठाकुरबाड़ी में वृंदावन के आचार्य गिरिराज वशिष्ठ जी की अगुवाई में उनकी टीम के सदस्य रामलीला का मंचन करेंगे. इस टीम में 40 लोग हैं.

कमेटी के अध्यक्ष कमल नोपानी, सचिव अरुण कुमार और डॉ तिलकराज गांधी ने बताया कि इसके लिए सारी तैयारी पूरी हो गयी है. नागा बाबा ठाकुरबाड़ी में एक साथ करीब दो हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था है, जहां पर रामलीला का आयोजन होगा. रामलीला में पहले दिन शिव विवाह, उसके बाद क्रमश: जय-विजय नाटक, श्रीराम सीता जन्म प्रसंग, श्री विश्वामित्र आगमन, श्री नगर दर्शन एवं फुलवारी, श्री धनुष यज्ञ, श्री सीताराम विवाह, लंका दहन एवं रावण वध, भरत चरित्र और अंत में भरत मिलाप राजतिलक प्रसंग का मंचन होगा.

पंडालों के लिए निर्देश

पंडाल में किसी संप्रदाय अथवा व्यक्ति विशेष की संवेदना को ठेस पहुंचाने वाला कार्टून, माॅडल, पेंटिंग न लगाएं.
सभी पूजा पंडालों में आप कैमरे की नजर में हैं की जानकारी के साथ सीसीटीवी कैमरा अनिवार्य रूप से लगाएं.
पूजा पंडाल तक फायर टेंडर की पहुंच और कम से कम सिंथेटिक कपड़े का इस्तेमाल हो, यह भी सुनिश्चित किया जाये.
पंडालों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें, नगर आयुक्त ऐसे तीन पूजा आयोजकों की पहचान कर उन्हें पुरस्कृत करें, जहां बेहतर सफाई हो.
महिला एवं पुरुष के लिए अलग बैरिकेडिंग कराएं.

दुर्गापूजा

पंडालों में दिखेगी महिला सशक्तीकरण की झलक

पटना . दुर्गा पूजा पंडालों को महिला सशक्तीकरण से जोड़ कर जिला प्रशासन दहेज प्रथा, बाल विवाह के विरुद्ध व्यापक अभियान चलायेगा. सभी आयोजकों को दहेज प्रथा, बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता के लिए पूजा पंडाल व संपर्क पथों पर आकर्षक बैनर पोस्टर, कट आउट आदि भी लगाने होंगे.

दुर्गा पूजा के साथ ही समाज में महिलाओं की गरिमा बढ़ाने के लिए दहेज प्रथा व बाल विवाह के विरुद्ध वृहद पैमाने पर जागरूकता अभियान प्रारंभ होगा. बुधवार को समाहरणालय में अधिकारियों व पूजा समितियों के साथ संयुक्त बैठक में डीएम संजय कुमार अग्रवाल ने ये बातें कहीं. उन्होंने कहा कि पंडालों में महिला सशक्तीकरण विषय पर सर्वोतम संदेश के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने वाले तीन पूजा पंडाल के आयोजकों को चिह्नित करते हुए पुरस्कृत भी किया जायेगा.

प्रतिमा विसर्जन 30 सितंबर को

बैठक में निर्देश दिया गया कि प्रतिमा विसर्जन 30 सितंबर को सभी अधिकारी अनिवार्य रूप से कराएं साथ ही सभी घाटों पर सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया जाये. पाटीपुल घाट पर काफी संख्या में प्रतिमा आती है, इसलिए सुरक्षा के दृष्टिकोण से यहां घाट पर डायवर्सन व एप्रोच पथ का निर्माण किया जाये.

वैसे विसर्जन वाले घाट जिनके रास्ते में पेड़ की डाल झुकी हुई है अथवा पेड़ गिरा हुआ है, उसे दुरुस्त किया जाये. पंडाल जो सड़क के आर-पार तक सजावट किये हुए हैं, उन्हें नवमी के रात्रि से ही सजावट हटाने का निर्देश दिया गया है, ताकि प्रतिमा विसर्जन जुलूस में किसी तरह की परेशानी न हो एवं यातायात संचालन सुगम रहे. समीक्षा के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी, पटना सिटी द्वारा बताया गया कि 485 प्राप्त आवेदनों के विरुद्ध पूजा पंडाल के लिए 109 व मुहर्रम के लिए 73 लाइसेंस जारी किया गया है.

गांधी मैदान में किन्नरों की टीम करेगी दुर्गा शक्ति को जीवंत

पटना. इस बार दशहरे में ऐतिहासिक गांधी मैदान में किन्नरों की टीम दुर्गा शक्ति को जीवंत करेगी. पहली बार आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम रावण वध के ठीक पहले आयोजित होगा. इसमें पहले 15 सदस्यीय किन्नरों का दल दस महाविद्या का मंचन करेगा, इसके बाद इनके द्वारा दुर्गा शक्ति की प्रस्तुति होगी. सभी भगवान श्री राम की पूजा के साथ शुरुआत करेगी. इसके बाद कार्यक्रम रफ्तार पकड़ेगा.

कुल 25 मिनट के इस कार्यक्रम को कोलकाता कि मेघा किन्नर लीड कर रही हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा शाम पांच बजे औपचारिक उद्घाटन के बाद इसकी शुरुआत होगी. किन्नरों का कार्यक्रम खत्म होने के बाद रावण वध होगा. मंचन में मेघा, अक्षी, संदिक्ता, अनुराधा किन्नरों का बेहद अहम रोल होगा.

इस पूरे कार्यक्रम का डायरेक्शन और को-आर्डिनेशन रेशमा प्रसाद कर रही हैं. रेशमा प्रसाद कहती हैं कि हम सब लगातार नया करने के प्रयास में रहते हैं. कुछ ना कुछ नया करते रहते हैं. सम्मान पूर्वक जीवन नहीं जी पाते हैं. यदि समाज हमें मौका दे तो हम सब बहुत नया और सकारात्मक कर सकते हैं. इससे हमारी पहचान को नया रूप मिलेगा. हम कला के क्षेत्र में काम कर रहे हैं और मुकाम हासिल कर रहे हैं.
हमें जिस प्रकार मौके मिल रहे हैं, हम उसके जरिये अपनी कला दुनिया को दिखाते हैं. रामलीला कमेटी ने हमें यह मौका दिया इसके लिए हम उनके शुक्रगुजार हैं. कमेटी के लोग दर्शक वर्ग की परंपरा को बेहतर बना रहे हैं. संस्कृति को संजोकर रखने की परंपरा के कारण पटना की पूरे देश में अलग पहचान है.

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