चीन में मनाई गई महात्मा गांधी की 148 वीं जयंती

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चीन में विशाल शाओयांग पार्क में सोमवार यानि की आज महात्मा गांधी के पसंदीदा भजन एवं सूत्र वाक्यों की गूंज सुनाई दी. यहां हर तबके के लोग आज बापू की 148 वीं जयंती मनाने के लिए एकत्रित हुए थे. भारतीय दूतावास के एक सांस्कृतिक दल ने यहां गांधी की दैनिक प्रार्थना में गाया जाने वाला प्रसिद्ध भजन वैष्णव जन सुनाया. एक चीनी विद्यालय के लाल स्कार्फ के साथ हरे और सफ़ेद कपड़े पहने बच्चों के दल ने अपने विद्यालय द्वारा संकलित गांधी के सबसे लोकप्रिय सूत्र वाक्यों का वर्णन किया.

चीनी विद्यालय के बच्चों द्वारा वर्णित गांधीवादी सूत्र वाक्यों में, ‘कमजोर कभी भी क्षमा नहीं करते, क्षमाशीलता मजबूत व्यक्तियों की विशेषता है’ और ‘शक्ति आपके शारीरिक बल से नहीं, बल्कि अदम्य इच्छा से आती है’. साथ ही किसी राष्ट्र की महानता और उसकी नैतिक प्रगति का मूल्यांकन उसके यहां जानवरों पर किए गए सलूक से किया जा सकता है’ शामिल हैं.

बापू की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित

गांधी के प्रशंसकों ने यहां पार्क में स्थापित बापू की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की. बता दें कि चीन के प्रशंसितमूर्तिकार और कलाकार युआन शिकुन ने वर्ष 2005 में यहां पार्क में गांधी की प्रतिमा स्थापित की थी. युआन ने यहां गांधी के अलावा रबींद्रनाथ टैगोर की आवक्ष प्रतिमा भी बनाई थी जिसे पार्क से जुड़े संग्रहालय में प्रदर्शित किया गया है. यहां आज के इस कार्यक्रम में कई भारतीय राजनयिक, चीन में गांधी के प्रसंशक और वहां रह रहे भारतीय शामिल हुए.

नेताओं को किया प्रेरित

यहां भारतीय दूतावास संबंधी मामलों के प्रभारी बी विल्सन बाबू ने यहां अपने संबोधन में कहा कि गांधी की अहिंसा के लिए वकालत ने उपनिवेशवाद को खत्म किया. आजादी के लिए संघर्ष को प्रभावित किया और उनकी लड़ाई के तरीके ने मार्टिन लूथर किंग और नेल्सन मंडेला जैसे दुनिया के अनेक नेताओं को प्रेरित किया. उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र ने दो अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस घोषित किया है.

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