सौ साल का हुआ पटना विवि, मुख्य समारोह में शामिल होंगे पीएम मोदी

0
180

पटना । रविवार को पटना विश्वविद्यालय सौ साल को गया। स्थापना दिवस को यादगार बनाने के लिए रविवार और मुहर्रम की छुट्टी के बावजूद विश्वविद्यालय में स्नातक कोर्स में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए ऐतिहासिक व्हीलर सीनेट हॉल में दीक्षा समारोह का आयोजन किया गया। सूबे के ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने 81 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल दिया।

कुलपति प्रो. रासबिहारी प्रसाद सिंह ने बताया कि स्थापना वर्ष को लेकर सितंबर से ही विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। शताब्दी वर्ष का मुख्य समारोह साइंस कॉलेज में होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि होंगे।

प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा अक्टूबर मध्य में कार्यक्रम की तैयारी करने को कहा गया है। समारोह 14 या 15 अक्टूबर होगा। जनवरी में पटना कॉलेज में समापन समारोह का आयोजन होगा, इसमें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि होंगे। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल होने की सहमति प्रदान कर दी है। 12 दिसंबर को साइंस कॉलेज में पूर्ववर्ती छात्रों का सम्मेलन है।

शताब्दी वर्ष को लेकर आयोजित कार्यक्रमों के समन्वयक सह छात्र संकाय के अध्यक्ष प्रो. एनके झा ने बताया कि सितंबर से जनवरी माह तक हर दिन कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। सभी विभागों और कॉलेजों में विभिन्न समसामयिक मसलों पर सेमिनार, कार्यशाला, गोष्ठी, पेंटिंग, प्रदर्शनी, खेलकूद प्रतियोगिता आदि आयोजन किए जा रहे हैं।

पटना विश्वविद्यालय भारतीय प्रायद्वीप का आठवां और भारत का सातवां सबसे पुराना विश्वविद्यालय है। कुलपति प्रो. रासबिहारी सिंह ने बताया कि 1857 में कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में एक साथ तीन विश्वविद्यालय का संचालन शुरू हुआ था।

इसके बाद के 1882 में लाहौर, 1887 में इलाहाबाद तथा 1916 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय और मैसूर यूनिवर्सिटी की स्थापना हुई। एक अक्टूबर 1917 को पटना विश्वविद्यालय की स्थापना हुई। उस समय उड़ीसा और झारखंड बिहार के अंग थे। 1920 में बर्मा में रंगून यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here