पत्रकार हत्याकांड: शहाबुद्दीन की नहीं हो पायी कोर्ट में पेशी

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पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड में आज सुनवाई होनी थी। लेकिन तकनीकी खराबी के कारण वीडियो कांफ्रेंसिंग से आरोपित पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की तिहाड़ जेल से पेशी नहीं हो सकी। अगली सुनवाई छह अक्टूबर को होगी।
बता दें कि सिवान के पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड में साक्ष्यों को ठोस रूप देने में सीबीआइ को मोबाइल कॉल डिटेल्स से भरपूर मदद मिल रही। हत्या के तीन दिन पहले व हत्या के दिन भी आरोपितों ने आपस में कई-कई बार व काफी बातचीत की। सीबीआइ की पूछताछ में आरोपितों व साक्ष्यों से मिली जानकारी का मिलान जब इस कॉल डिटेल्स से कराया गया तो यह ठोस साक्ष्य में बदलता गया।

पत्रकार हत्याकांड में सीबीआइ ने विशेष कोर्ट में 22 अगस्त को जो दूसरी पूरक चार्जशीट दाखिल की है, इसमें कॉल डिटेल्स के आधार पर बताया गया कि आरोपित विजय कुमार गुप्ता, राजेश कुमार, रोहित कुमार सोनी व सोनू कुमार सोनी ने आपस में लगभग सौ से अधिक बार आपस में बातचीत की।

सभी मोबाइल का टावर लोकेशन सिवान के बबुनिया मोड़, दक्षिण टोला, स्टेशन रोड, सदानंद बाजार, नया किला, हॉस्पीटल रोड, पन्ना मार्केट, शेख मोहल्ला व खुरमाबाद मोहल्ले का मिला। बबुनिया मोड़ के निकट ही 13 मई 2016 की शाम राजदेव रंजन की गोली मार कर हत्या की गई थी।

सीबीआइ ने अपनी चार्जशीट में कहा है कि घटना के बाद पुलिस ने श्रीकांत भारती हत्याकांड के आरोपित उपेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया था। जिस समय वह न्यायिक हिरासत में जेल में बंद था, उस समय पूर्व सांसद शहाबुद्दीन भी जेल में बंद था। वह अक्सर वार्ड नं-18 में उससे मिलने जाता था। वहीं पूर्व सांसद ने राजदेव रंजन की हत्या की स्पष्ट बात कही थी।

23 सितंबर 2015 को उपेंद्र सिंह जेल से रिहा हुआ। उस समय अजहरूद्दीन बेग उर्फ लड्डन मियां जेल में था। जब उपेंद्र सिंह जेल से निकला तो उसने राजदेव रंजन के संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की। तब लड्डन मियां ने रोहित कुमार सोनी व अन्य से इस घटना को अंजाम दिलाया।

पत्नी की नानी का मकान खाली कराने को शामिल हुआ विजय : आरोपित विजय कुमार गुप्ता की पत्नी की नानी बादामी देवी के मकान में किराएदार वीरेंद्र पांडेय कुछ कागजात के सहारे हड़पना चाहता था। इसको लेकर कोर्ट में मामला चल रहा था। लड्डन मियां के सहयोग से विजय इस मकान को वीरेंद्र पांडेय से जल्दी से खाली कराना चाहता था।

तब वीरेंद्र पांडेय को लड्डन मियां जेल गेट पर बुलाकर मकान खाली करने की चेतावनी भी दी थी। इसके बाद उसने रोहित कुमार सोनी व विजय कुमार गुप्ता के साथ मिलकर राजदेव रंजन की हत्या करने की योजना को अंतिम रूप दिया। उसने विजय को यह भी भरोसा दिलाया कि राजदेव की हत्या के बाद उसकी नानी के मकान को खाली करा लिया जाएगा।
सीबीआइ जांच में यह बात सामने आई है कि हत्या से एक दिन पहले 12 मई 2016 को विजय कुमार गुप्ता ने सिवान रेलवे स्टेशन के निकट स्थित होटल ‘मनपंसद’ में पार्टी (डिनर) का आयोजन किया था। इसमें उसके साथी राजेश कुमार, रिशु कुमार जायसवाल व सोनू कुमार सोनी, रोहित कुमार सोनी शामिल हुए थे। इसका उसने तब आयोजन किया, जब राजदेव रंजन की हत्या की योजना में शामिल होने को लेकर सभी उसके विश्वास में आ गए। होटल में ही विजय कुमार गुप्ता ने सभी से कहा कि लड्डन मियां ने राजदेव की हत्या करने को कहा है।
सीबीआइ के समक्ष आरोपित रोहित कुमार सोनी ने यह बयान दर्ज कराया है कि राजदेव रंजन की हत्या के लिए लड्डन मियां ने उसे 15 हजार रुपये, एक पिस्टल व छह कारतूस दिए। पिस्टल व गोली 25 मई 2015 को सोनू कुमार गुप्ता के घर से बरामद हुए। एफएसएल जांच में यह बात प्रमाणित हुई कि राजदेव रंजन के पोस्टमार्टम के समय उनके शरीर से मिलीं गोलियां एक जैसी थीं।

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