हनीप्रीत को राहत नहीं, पंचकूला कोर्ट ने छह दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा

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पंचकूला। डेरा सच्‍चा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की गोद ली बेटी हनीप्रीत को पंचकूला की जिला अदालत में पेश किया गया। उसे सीजेएम कोर्ट ने छह दिन के पु‍लिस रिमांड पर भेज दिया। कोर्ट में पंचकूला पुलिस और बचाव पक्ष के बीच लंबी बहस हुई। बताया जाता है कि पुलिस अदालत से हनीप्रीत का 12 दिनों का रिमांड मांगा, लेकिन कोर्ट ने छह दिन का रिमांड दिया।दूसरी आेर, हनीप्रीत के वकील ने उस पर लगे आरोपों को गलत बताते हुए जमानत की मांग की। हनीप्रीत के साथ पकड़ी गई सुखदीप कौर को भी छह दिनों के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।

कोर्ट में हनीप्रीत के रिमांड को लेकर पंचकूला पुलिस अपना पक्ष रखा तो बचाव पक्ष उसकी जमानत के लिए अपनी दलीलें दीं। दोनों पक्षों के बीच करीब एक घंटे तक कोर्ट में सुनवाई चली। पुलिस का कहना था कि हनीप्रीत पर गंभीर आराेप हैं और पंचकूला में हिंसा की साजिश के मामले में खुलासे के लिए उससे पूछताछ जरूरी है।

पंचकूला पुलिस ने कोर्ट में दलील दी कि हनीप्रीत को मोबाइल फोन और सिम रिकवर करने के लिए कई प्रदेश में जाना है। इसके साथ ही राजस्थान, हिमाचल और पंजाब से कुछ ऐसे लोगों को गिरफ्तार भी करना है जिन्‍होंने हनीप्रीत को संरक्षण दिया गया था। इस पर कोर्ट ने हनीप्रीत और सुखदीप कौर का छह दिन का रिमांड पुलिस को दे दिया।

दूसरी ओर, बचाव पक्ष की ओर से वकील एसके गर्ग नरवाना और प्रदीप आर्य ने हनीप्रीत की जमानत के लिए बहस की। उन्‍होंने कहा कि हनीप्रीत पर लगाए गए अारोप गलत हैं और इस कारण उसे जमानत दी जाए। वह मामले की जांच में पूरा सहयोग करेगी। सुखदीप कौर बठिंडा के गांव वलुअाना़ की रहने वाली हैं! सुखदीप कौर के वकील रमन सिंह सिद्धू ने बताया कि उस पर पुलिस ने बाद में केस दर्ज किया है। सुखदीप कौर के खिलाफ 120बी के तहत केस दर्ज किया गया है।

पुलिस ने कोर्ट में दलील दी गई कि हनीप्रीत 25 अगस्त में लगातार फरार थी। इस दौरान वह हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान सहित अन्य इलाकों में रही है। इस दौरान उसने कई फोन भी प्रयोग में लाए हैं। कुछ इंटरनेशनल सीम भी वह प्रयोग कर रही थी। हनीप्रीत को संरक्षण देने वालों को भी पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जाना है। पुलिस ने हनीप्रीत का कोर्ट ने 14 दिन का रिमांड मांगा।

दूसरी ओर, बचाव पक्ष के वकील एसके गर्ग नरवाना आैर प्रदीप आर्य ने कहा दी कि 25 अगस्‍तको हनीप्रीत कोर्ट परिसर में मौजूद थी। पुलिस द्वारा सभी के मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ करवा दिए गए थे , इसलिए उस पर हिंसा भड़काने के सहित लगाए गए अन्‍य आरोप बिल्कुल निराधार हैं। हनीप्रीत ने किसी भी तरह की साजिश नहीं की है।

इस पर पुलिस ने कहा कि हनीप्रीत को 25 अगस्‍त नहीं 17 अगस्‍त को डेरा सच्‍चा सौदा मेें षड्यंत्र रचने के लिए आरोपी बनाया गया है| इस दिन पंचकूला में कोर्ट द्वारा गुरमीत राम रहीम के खिलाफ फैसला आने पर हिंसा फैलाने की साजिश रची गई थी। इसका बचाव पक्ष ने विरोध किया। बचाव पक्ष के वकीलों ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। पुलिस के पास कोई भी ऐसे प्रमाण नहीं है कि डेरे में कोई षड्यंत्र रचा गया।

अंतत: कोर्ट ने पुलिस की दलील को मानते हुए हनीप्रीत को 6 दिन के रिमांड पर भेज दिया। पुलिस ने हनीप्रीत के साथ पकड़ी गई सुखदीप कौर का भी 14 दिन का रिमांड मांगा था। पुलिस का कहना था कि सुखदीप कौर हनीप्रीत के साथ पिछले काफी दिनों से है। वह उसकी मददगार थी और हनीप्रीत को किन ठिकानों पर रखा गया है, यह सुखदीप कौर अच्छे तरीके से जानती है।

इसका सुखदीप के वकील रमन सिंह सिद्धू ने विरोध किया| उनका कहना था कि सुखदीप डेरा की अनुयायी है, इसलिए वह हनीप्रीत के साथ थी। उसका किसी भी तरह के षड्यंत्र में कोई लेना-देना नहीं था। पुलिस उसे झूठे केस में फसाने की कोशिश कर रही है। लेकिन, कोर्ट ने सुखदीप कौर को भी छह दिन के पुलिस रिमांड कर दे दिया।

बता दें कि हनीप्रीत को मंगलवार को दिन में करीब तीन बजे गिरफ्तार किया गया था। हनीप्रीत के साथ गिरफ्तार किए गई सुखदीप काैर को भी कोर्ट में पेशकिया गया। हनीप्रीत की पेशी के मद्देनजर अदालत परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

बता दें कि हनीप्रीत को पंचकूला से सटे पंजाब के शहर जीरकपुर से मंगलवार को गिरफ्तार किया गया था। वह बठिंडा की एक महिला सुखदीप कौर के साथ इनोवा कार में पटियाला की ओर जाने की तैयारी में थी। सुखदीप कौर पुरानी डेरा प्रेमी है। हनीप्रीतगिरफ्तार से पहले चार दिनों तक बठिंडा में सुखदीप कौर के घर में छिपी हुई थी।

हनीप्रीत से बीती रात तड़के तीन बजे तक अाइजी ममता सिंह सहित कई वरिष्‍ठ पुलिस अफसरों ने पूछताछ की, लेकिन वह हर सवाल का नकारात्‍मक जवाब ही देती रही। उसे पंचकूला के चंडीगढ़ मंदिर थाने में रखा गया था। बताया जाता है कि उसका रात करीब एक बजे मेडिकल भी कराया गया था।

हनीप्रीत पर पंचकूला में 25 अगस्त को दंगे भड़काने की साजिश रचने एवं देशद्रोह का केस दर्ज हुआ था। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार के समय उसने भागने की भी कोशिश की, लेकिन असफल रही। सूत्रों का कहना है कि हनीप्रीत जिस कार में थी, वह पंजाब के एक पूर्व मंत्री के सिक्योरिटी काफिले में चलती है, हालांकि हरियाणा पुलिस ने इससे इन्‍कार किया है।

हनीप्रीत ने 2 अक्टूबर की कार में बैठे -बैठे एक चैनल को इंटरव्यू दिया। इंटरव्यू जब ऑन एयर हुआ तो पुलिस की एक्टिव हुई। पंचकूला के पुलिस कमिश्नर एएस चावला ने बताया कि मंगलवार दोपहर पुलिस को जानकारी मिली कि हनीप्रीत चंडीगढ़ से पटियाला की ओर जा रही है। इसके बाद एसीपी मुकेश मल्होत्रा टीम के साथ जीरकपुर पहुंच गए। पुलिस ने उनकी इनोवा कार का पीछा कर दोनों को गिरफ्त में ले लिया।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि हनीप्रीत के साथ कार में सवार दूसरी महिला बठिंडा निवासी सुखदीप कौर थी। उसका पूरा परिवार डेरे का पुराना अनुयायी है। सुखदीप लगातार फोन के जरिए हनीप्रीत के संपर्क में थी। जब हनीप्रीत को राजस्थान मेेंं छापेमारी के बाद प्रदेश छोड़ना पड़ा तो सुखदीप ने हनीप्रीत को अपने घर में शरण दे दी थी। वही सभी जगह हनीप्रीत को अपने साथ लेकर जा रही थी।

हनीप्रीत रोहतक की सुनारिया जेल से फरार होने के बाद डेरा प्रमुख गुरमीत के पैतृक गांव गुरसर मोडिया पहुंच गई थी। वहां से 2 सितंबर को वह उदयपुर में प्रदीप गोयल के पास पहुंच गई। पंचकूला के पुलिस कमिश्नर एएस चावला के अनुसार हनीप्रीत ने २ सितंबर को गुरसर मोडिया से भागकर सुखदीप कौर से संपर्क किया। पिछले कई दिनों से वह बठिंडा में सुखदीप कौर के पास थी।

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