इस बार 19 साल बाद पांच शुभ योग एक साथ है धनतेरस पर

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दीपावली से पहले धनतेरस का खास महत्व होता है। यह दिन अबूझ मुहूर्त (अत्यंत शुभकारी) माना जाता है, लेकिन इस बार 17 अक्टूबर को धनतेरस पर बन रहे पांच शुभ योग अत्यंत लाभ देने वाले रहेंगे। पांच शुभ योग 19 साल बाद एक दिन में रहेंगे। धनतेरस की पूजा-अर्चना करने के लिए इस बार 59 मिनट का समय मिलेगा।

धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। इस दिन की खरीदारी चिरस्थायी रहती है। आचार्य दीपक तेजस्वी ने बताया कि कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को धनतेरस कहा जाता है। इस पर्व पर व्यापारी अपना हिसाब-किताब समाप्त करते हैं और बहीखाता की पूजा करते हैं। इसी दिन से पांच दिन तक दीपक जलाए जाते हैं।

आचार्य दीपक तेजस्वी के अनुसार इस साल धनतेरस पूजा का मुहूर्त शाम सात बजकर 18 मिनट से आठ बजकर 17 मिनट तक रहेगा। प्रदोष काल शाम पांच बजकर 44 मिनट से रात्रि आठ बजकर 17 मिनट तक रहेगा। वहीं वृषभ लग्न शाम सात बजकर 18 मिनट से रात्रि नौ बजकर 13 मिनट तक रहेगा।

आचार्य तेजस्वी ने बताया कि धन त्रयोदशी या धनतेरस के दौरान लक्ष्मी पूजन प्रदोष काल के दौरान किया जाना चाहिए, जो कि सूर्यास्त के बाद प्रारम्भ होता है। इस मुहूर्त में शुभ कार्य, लेन-देन भी शुभ माना जाता है। शाम के समय प्रदोष काल (सांयकालीन पूजा के बाद) जूलरी, इलेक्ट्रॉनिक सामान और लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा का खरीदारी का विशेष महत्व होता है। पंडित पंकज कपिल ने बताया कि इस बार धनतेरस सुबह से देर रात तक मंगलकारी और लाभदायक रहेगा।

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