नौ की लकड़ी नब्बे खर्च’ PMCH, CCTV के लिए देता है सालाना 20 लाख, खुद लगाये तो आयेगा 1 चौथाई खर्च

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इसे कहते हैं नौ की लकड़ी नब्बे खर्च. पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल यानी पीएमसीएच में सीसीटीवी लगाने के लिए एजेंसी को साल भर में 20 लाख रुपये दिये जाते हैं. लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि यदि अस्पताल कैमरा स्वयं खरीद कर लगा दे, तो केवल 5 लाख रुपये खर्च आयेगा.

वह भी केवल एक बार ही खर्च होगा, इसके बाद केवल मॉनीटरिंग और मेंटेनेंस में ही थोड़ा बहुत खर्च आयेगा. एजेंसी को काम देने का यह क्रम लगातार तीन साल से चल रहा है. यानी साफ समझा जा सकता है कि सरकारी राशि का किस स्तर पर इस्तेमाल किया जा रहा है.

पीएमसीएच में लगे हैं 60 सीसीटीवी कैमरे : पीएमसीएच में कुल 60 सीसीटीवी कैमरे विभिन्न विभागों में लगे हुए हैं. इमरजेंसी से लेकर बच्चा वार्ड और महिला वार्ड से लेकर सर्जरी विभाग तक में कैमरे लगे हुए हैं.

जगह और जरूरत के हिसाब से कई तरह के कैमरे लगाये गये हैं, जिनमें आमतौर पर बॉक्स की तरह दिखने वाले कैमरे, जिनमें एक छोर पर लेंस के साथ आयताकार यूनिट होती है और दूसरी छोर पर वीडियो रिकॉर्डर है. इन सभी वीडियो रिकाॅर्डर की मॉनिटरिंग के लिए मैनपावर भी लगे हुए हैं, जो मेंटेनेंस करते हैं. पीएमसीएच के अधीक्षक लखींद्र प्रसाद इस तथ्य को स्वीकार करते हुए कहते हैं कि सीसीटीवी के लिए हम सालाना 20 लाख से ज्यादा बिल भरते हैं.

इसके लिए दो टेक्नीशियन भी संबंधित एजेंसी ने लगा रखे हैं. तीन साल का उनका कॉन्ट्रैक्ट अब खत्म हो रहा है. जल्द ही हम खुद कैमरे खरीद कर लगायेंगे. इसके लिए टेंडर निकालेंगे और उनका संचालन भी खुद करेंगे.

सीसीटीवी के एक्सपर्ट और मैक्समाइल टेक सॉल्यूशन कंपनी के अनुपम कुमार कहते हैं कि यदि किसी बड़े अस्पताल में 60 कैमरे लगाये जायें, तो उसमें अधिकतम पांच लाख रुपये खर्च होंगे. इसमें सबसे ऊंचे ब्रांड की कंपनी के सीसीटीवी कैमरे और रिकार्डिंग डीवीआर के साथ लंबे स्पेस तक तार लगा सकते हैं. इस खर्च में एक सेंट्रलाइज मॉनीटरिंग सिस्टम और एक व्यक्ति का मैनपावर भी शामिल है.

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