धनतेरस पर खूब हुई धनवर्षा,1300 करोड़ से अधिक का हुआ कारोबार

0
204

पटना । धनतेरस पर जमकर धनवर्षा हुई। जीएसटी, नोटबंदी के अवरोध कहीं नजर नहीं आए। कोई बाजार खाली हाथ नहीं है। कारों का चमचमाता शोरूम हो या फुटपाथ पर सजी बर्तन की दुकान, हर जगह खरीदारी के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। खरीदारी की वजह से दस बजे के बाद मुख्य सड़कों पर गाडिय़ां रेंगने लगीं।

नौ प्रमुख बाजारों में सर्वाधिक कारोबार हुआ। अनुमान है कि बिहार में कारोबार का आंकड़ा 1300 करोड़ रुपये से ऊपर चला गया जबकि सिर्फ पटना में 680 करोड़ का कारोबार हुआ। सुबह से शुरू हुई खरीदारी देर रात तक चलती रही।

कार बाजार

कार बाजार में मारुति ऑल्टो और के10 की धूम रही। इनकी बुकिंग सर्वाधिक हुई। मारुति के अलावा, हुंडई की गाडिय़ां भी खूब बिकीं। यह बाजार उम्मीद से कुछ आगे बढ़ गया। 2500 कारों की बिक्री का अनुमान लगाया गया था लेकिन 3150 कारों की डिलीवरी हुई।

ज्वैलरी बाजार

ज्वैलरी बाजार को 20 फीसद तक ग्रोथ की उम्मीद थी। हालांकि यह थोड़ा पीछे 15 फीसद पर टिक गया। इसके बावजूद कारोबार पिछले साल से बेहतर हुआ। जानकारों के मुताबिक पटना में 180 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। इसमें सोने की हिस्सेदारी 70 फीसद रही।

इलेक्ट्रॉनिक बाजार

इलेक्ट्रॉनिक होम एप्लायेेंसेज शोरूमों में तो भीड़ ऐसी उमड़ी की शोरूम में दाखिल होना, और खरीदारी करना मुश्किल हो गया था। ओलएलईडी टीवी का जलवा रहा। सर्वाधिक बिक्री टीवी की ही थी। इसके बाद वाशिंग मशीन की ज्यादा मांग थी। तीसरे नंबर पर फ्रिज और चौथे नंबर पर माइक्रोवेव की डिमांड रही। पटना में 150 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान लगाया जा रहा है।

दोपहिया बाजार

दोपहिया बाजार ने इस बार सबको चौंका दिया। दरअसल, पिछले साल के मुकाबले चार हजार दोपहिया पटना में अधिक बिक गईं। देनी टीवीएस के अमरजीत सिंह ने कहा कि पटना में 12 हजार दोपहिया की बिक्री धनतेरस पर हुई है। एक दिन पहले से ही डिलीवरी शुरू हो गई थी। इसकी अनुमानित कीमत 72 करोड़ रुपये होती है।

रियल एस्टेट रहा थोड़ा फीका

रियल एस्टेट को उम्मीद थी कि 50 से 60 करोड़ रुपये झोली में गिरेंगे। हालांकि अनुमानित कारोबार 35 करोड़ पर सिमट गया। बिल्डर एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एनके ठाकुर ने कहा कि उम्मीद से 20 फीसद बाजार पीछे रहा।

अन्य बाजारों में भी रौनक

बर्तन, फर्नीचर, मोबाइल, रौशनी का बाजार भी जगमग रहा। इन बाजारों में बिक्री ऊफान पर रही। विक्रेताओं को देर रात तक फुर्सत नहीं मिली।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here