बिहार में शराबबंदी सफल, कुछ ताकतवर शराब के धंधेबाजों को कर रहे मदद : नीतीश

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पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि प्रदेश में शराबबंदी सफल है, लेकिन कुछ धंधेबाज इधर-उधर कर रहे हैं. ऐसे धंधेबाजों को कुछ ताकतवर लोगों की मदद मिल रही है. कानून के रक्षक भी प्रलोभन में आकर इसमें शामिल हो जा रहे हैं. ऐसे किसी को भी नहीं बख्शा जायेगा. शराबबंदी को विफल करने का जो भी प्रयास करेंगे, उस पर कार्रवाई की जायेगी. मुख्यमंत्री मंगलवार को एक टीवी चैनल के समारोह में बोल रहे थे.

समारोह में उन्होंने बिहार में किये जा रहे विकास कार्यों व सुशासन की भी चर्चा की. बिहार किस तरह से नयी ऊंचाइयों को हासिल कर रहा है, यह एक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनता जा रहा है. बिहारियों को इस पर गर्व करना चाहिए कि चाणक्य और चंद्रगुप्त जैसे महान लोगों ने इस पाटलिपुत्र की धरती को अपना कर्मक्षेत्र बनाया. बिहार सरकार विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है.

कानून का राज स्थापित कर ही हम आगे बढ़े और बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, कृषि, सड़क व पुल-पुलिया निर्माण पर बहुत काम किया. जब तक बुनियाद मजबूत नहीं होगा, शीर्ष तक नहीं पहुंचा जा सकता है.

उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता पर अब सरकार का विशेष जोर है. उच्च शिक्षा में देश भर में शिक्षकों की कमी है. देश में शिक्षक बनाने का माहौल बनाया जाये, ताकि शिक्षकों की कमी पूरी की जा सके.

2017 के अंत तक हर बसावट में बिजली पहुंचा दी जायेगी और 2018 के अंत तक हर घर में बिजली का कनेक्शन दे दिया जायेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि हम उनलोगों को कभी नहीं भूल सकते, जिन्होंने बिहार के विकास के लिए कहीं-न-कहीं अपना योगदान दिया है. बिहार में आईआईटी खोलने की चर्चा हुई तो उस समय के केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह को कभी नहीं भूल सकता. उन्होंने आग्रह को स्वीकार करते हुए पटना में आईआईटी की स्थापना की स्वीकृति दे दी.

विकास के मामले में नहीं करते राजनीति

मुख्यमंत्री ने कहा, मैं विकास के मामले में राजनीति नहीं करता हूं. बिहार में अपराध को लेकर हमारी जीरो टाॅलरेंस की नीति है और हम समाज सुधार के लिए निरंतर काम करते रहेंगे. समाज की कुरीतियों को दूर करने के लिए व्यापक जागरूकता जगाने की आवश्यकता है. शराबबंदी से सामाजिक परिवर्तन की शुरुआत की गयी. शराबबंदी के समर्थन में चार करोड़ लोगों ने मानव शृंखला बनायी थी.

महिलाओं ने शराबबंदी के बाद दहेज प्रथा को खत्म करने की मांग की और हमने इसकी जरूरत को समझते हुए अभियान की शुरुआत की. अब दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ बृहत अभियान शुरू किया गया है. दहेज पर पाबंदी लगा कर बाल विवाह में भी गिरावट लायी जा सकती है. बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ 21 जनवरी, 2018 को एक बार फिर से मानव शृंखला बनायी जायेगी.

कृषि रोड मैप 2017-22 को जल्द लांच करेंगे राष्ट्रपति

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 76% आबादी कृषि पर आधारित है. किसानों की आमदनी बढ़ाना भी हमारा लक्ष्य है. इसके लिए कृषि रोड मैप, 2017-22 तैयार किया जा रहा है. इसे लांच करने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से अनुरोध किया गया है. जल्दी इसकी तारीख मिलने की उम्मीद है.

हमारी नजर में किसान का मतलब सिर्फ जमीन का मालिक नहीं है, बल्कि वह हर आदमी है जो खेतों में काम करता है. हर हिंदुस्तानी की थाली में एक बिहारी व्यंजन हो, यही हमारा उद्देश्य है. सीएम ने कहा कि हमने प्रदेश में साइकिल फैक्टरी लगाने की सलाह दी और इसके लिए औद्योगिक प्रोत्साहन नीति को लागू किया, ताकि पूंजी निवेश करने वालों को कोई असुविधा न हो. बिहार को हर साल बाढ़ और सुखाड़ झेलना पड़ता है. इन कठिनाइयों के बावजूद भी बिहार में निवेश हो रहा है.

बोले मुख्यमंत्री

कानून के रक्षक भी प्रलोभन में हो रहे शामिल, नहीं बख्शे जायेंगे कोई
बुनियाद जब तक मजबूत नहीं होगी शीर्ष तक नहीं पहुंचा जा सकता
बिहार जिस तरह से नयी ऊंचाइयों को हासिल कर रहा है, बन रहा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दा

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