दिसंबर महीने में 66 का स्तर छू सकता है भारतीय रुपया:

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घरेलू शेयर बाजार में समृद्ध मूल्यांकन के बीच बढ़ते चालू खाता घाटा और मंद एफपीआई इक्विटी इन्फ्लो के कारण इस वर्ष के अंत तक रुपया 66 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच सकता है।

बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच (बोफाएमएल) के मुताबिक ऐसी उम्मीद की जाती है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एक सही नीति का पालन करेगी जिसमें रुपए को कुछ मूल्यह्रास की अनुमति दी जाएगी। यह हर अवसर पर विदेशी मुद्रा भंडार को भुनाने वाला होगा जिससे कि ग्रीनबैक कमजोर होता है।

बोफाएमएल की एक रिसर्च नोट में कहा गया है, “ऐसे दौर में जब डॉलर लगातार कमजोर हो रहा है और रुपया 65-66 के स्तर पर पहुंच चुका है भारतीय रिजर्व बैंक (फॉरेक्स रिजर्व) के प्रति अपने रवैये को बरकरार रख सकता है।”

वैश्विक वित्तीय सेवा प्रमुख ने आगे कहा, “हम आने वाले वर्षों में विदेशी मुद्रा भंडार को कम करने के लिए आरबीआई की मजबूरी और अमेरिकी डॉलर के बीच एक अजीब सी स्थिति देखने को मिल सकती है।” उसने यह भी कहा कि दिसंबर 2017 के लिए रुपया का अनुमान 66 और दिसंबर 2018 के लिए 64 का है। आपको बता दें कि मंगलवार को रुपया 64.78 रुपए के स्तर पर खुला था, लेकिन दिन के कारोबार खत्म होने तक यह दो हफ्तों के उच्चतम स्तर के साथ 64.75 पर पहुंच गया है।

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