अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट में आशीष नेहरा की आखिरी गेंद

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आशीष नेहरा, नाम सुनते ही जेहन में विश्‍व कप 2003 का वो मैच याद आता है जब इंग्‍लैंड के खिलाफ इस गेंदबाज ने 23 रन देकर 6 विकेट लिए थे। किसी भी भारतीय गेंदबाज का वर्ल्‍ड कप में यह सबसे अच्‍छा प्रदर्शन है। बुधवार को दिल्‍ली के फिरोज शाह कोटला मैदान में नेहरा ने अपना आखिरी अंतरराष्‍ट्रीय मैच खेला। न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 मैच से पहले पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और वर्तमान कप्तान विराट कोहली ने विशेष रूप से तैयार की गयी ट्राफी देकर सम्मानित किया। भारतीय टीम टास से पहले मैदान पर अपने चिर परिचित घेरे में एक साथ खड़ी हुई जहां पर नेहरा ने अपने सभी साथियों का आभार व्यक्त किया। इसके बाद धोनी और कोहली ने मिलकर उन्हें ट्राफी भेंट की जिसे नेहरा ने मुस्कराते हुए ग्रहण किया। यही नहीं इस मैच के लिये अंबेडकर स्टेडियम वाले छोर को विशेष तौर पर ‘आशीष नेहरा छोर’ नाम दिया गया था। नेहरा ने ही मैच का आखिरी ओवर फेंका। अपने आखिरी ओवर में वह थोड़े भावुक नजर आए, आखिरी ओवर में सारे दर्शकों ने अपने मोबाइल की स्‍क्रीन जला ली और नेहरा को विदाई थी।
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आशीष नेहरा छोर से ही गेंदबाजी का आगाज किया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ऐसा बहुत कम देखने को मिला है जबकि किसी गेंदबाज ने अपने नाम पर रखे गये छोर से गेंदबाजी की हो। इससे पहले इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन को यह सौभाग्य मिला था जिन्होंने ओल्ड ट्रैफड में अपने नाम के छोर से गेंदबाजी की।

देखें नेहरा के कॅरियर की आखिरी गेंद:

नेहरा ने जब अपना पहला टेस्ट मैच खेला था तब कोहली केवल 11 साल के थे। बाद में नेहरा की कोहली को ट्राफी देती हुई एक फोटो सोशल मीडिया पर काफी चर्चित रही थी। आज कोहली उनके कप्तान हैं। नेहरा ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज मोहम्मद अजहरूद्दीन की कप्तानी में किया था। इसके बाद वह सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़, महेंद्र सिंह धोनी, वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, कोहली और यहां तक कि पाकिस्तान के इंजमाम उल हक की कप्तानी में भी अंतरराष्ट्रीय मैच खेले।

नेहरा पहले ही घोषित कर चुके थे कि वह फिरोजशाह कोटला में अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेंगे। इस मैदान पर यह पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच है लेकिन नेहरा इससे पहले यहां चार एकदिवसीय मैच खेल चुके हैं जिनमें उन्होंने 42.25 की औसत से चार विकेट लिये। कोटला में नेहरा ने अपना पहला एकदिवसीय मैच 17 अप्रैल 2005 को पाकिस्तान के खिलाफ खेला था जिसमें उन्होंने 72 रन देकर तीन विकेट लिये थे।

इस मैदान पर उनका इससे पहले आखिरी मैच विश्व कप 2011 में नीदरलैंड के खिलाफ था। यह भी संयोग है कि नेहरा टी20 मैच से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि जब नेहरा ने अपना पहला टेस्ट मैच खेला था उसके चार साल बाद खेल का यह सबसे छोटा प्रारूप अस्तित्व में आया था।

नेहरा ने इस मैच के लिये विशेष तौर पर बाक्स देने का आग्रह किया था जिसे स्वीकार कर लिया गया था ताकि वह अपने परिजनों के सामने अपना आखिरी मैच खेल सकें।

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