खादिम का शेयर कुछ सस्ता, लेकिन बिजनेस मॉडल महंगा है

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फुटवेयर कंपनी खादिम इंडिया प्रमोटर्स को लिक्विडिटी और प्राइवेट इक्विटी इनवेस्टर फेयरविंड्स को एग्जिट रूट मुहैया कराने के लिए आईपीओ ला रही है। खादिम में प्राइवेट इक्विटी फर्म की 34 पर्सेंट हिस्सेदारी है। कंपनी 550 करोड़ रुपये का आईपीओ ला रही है, जिसमें 500 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल होगा। फ्रेश शेयरों की सेल से हासिल रकम कंपनी शॉर्ट टर्म लोन चुकाने में खर्च करेगी। खादिम का वैल्यूएशन इसके कुछ प्रतिद्वंद्वियों से कम है लेकिन हाई कॉस्ट बिजनेस मॉडल और कारोबार कुछ रीजंस में सिमटे होने से इसका आकर्षण कम हो जाता है।

पूर्वी भारत के टीयर III शहरों में कंपनी की मजबूत पकड़ है। वह 10 ब्रांड्स के प्रॉडक्ट्स बेचती है। कंपनी के देशभर में 162 स्टोर्स और 667 फ्रेंचाइजी हैं। उसे दो-तिहाई रेवेन्यू पूर्वी भारत से हासिल होता है। बाटा के बाद कंपनी एक्सक्लूसिव रिटेल आउटलेट्स के मामले में देश की दूसरी सबसे बड़ी फुटवेयर रिटेलर है। खादिम 85 पर्सेंट से ज्यादा प्रॉडक्ट्स आउटसोर्स्ड वेंडर्स से लेती है। कंपनी ने कहा है कि उसने अपने पोर्टफोलियो में प्रीमियम प्रॉडक्ट्स को भी शामिल करना शुरू कर दिया है। कंपनी फिलहाल 451 रुपये के एवरेज सेलिंग प्राइस के साथ लो प्राइस्ड फुटवेयर सेगमेंट में है। कंपनी अपने प्रॉडक्ट्स खुद के स्टोर्स और फ्रेंचाइजी के जरिए बेचती है। इसके चलते कंपनी की फिक्स्ड कॉस्ट बहुत ज्यादा है। दूसरे ब्रांड्स के साथ बढ़ते मुकाबले और ई-कॉमर्स कंपनियों की तरफ से ऑफर होने से वाले बड़े डिस्काउंट को देखते हुए कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर आने वाले समय में दबाव बन सकता है। कंपनी रिटेल बिजनेस में तो है ही, यह डिस्ट्रीब्यूशन चैनल के जरिए भी प्रॉडक्ट्स बेचती है जिससे 22 पर्सेंट सेल हासिल होती है। डिस्ट्रीब्यूशन चैनल के जरिए बिकने वाले प्रॉडक्ट्स का एवरेज प्राइस 90 रुपये है।

कंपनी का रेवेन्यू फिस्कल ईयर 2013 से फिस्कल ईयर 2017 के बीच 10 पर्सेंट सालाना बढ़कर 621.7 करोड़ रुपये हो गया। ऑनलाइन कंपनियों से मिल रहे कड़े मुकाबले और लॉस में इनवेंटरी निकालने की मजबूरी के चलते फिस्कल ईयर 2015 में लॉस उठाना पड़ा था। कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट यानी इबिट्डा 66 करोड़ और नेट प्रॉफिट 31 करोड़ रुपये है। कंपनी का इबिट्डा मार्जिन 10.6 पर्सेंट है। जून 2017 के अंत में इस पर 137 करोड़ रुपये का शॉर्ट टर्म डेट था, जो आईपीओ के बाद घटकर 100 करोड़ रुपये पर आ सकता है। कंपनी का रिटर्न ऑन कैपिटल फिस्कल ईयर 2017 में 21 पर्सेंट था।

प्राइस बैंड के हायर लेवल, 750 रुपये पर कंपनी का प्राइस टु अर्निंग रेशियो उसके फिस्कल ईयर 2017 के ईपीएस का 44 गुना है। इसकी प्रतिद्वंद्वी बाटा के शेयरों में 60 और रिलैक्सो फुटवेयर में 58 के पी/ई पर ट्रेड हो रहा है। हालांकि इन दोनों के पास सुपीरियर ब्रांड्स और मॉडल्स हैं। रेड टेप ब्रांड वाली दूसरी प्रतिद्वंद्वी मिर्जा इंटरनेशनल में 29 के पी/ई पर ट्रेड हो रहा है।

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