वायरल हुआ नीतीश को चाचा कह कर लिखा गया तेजस्वी का लेटर

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बिहार में इन दिनों शराबबंदी को लेकर जदयू और राजद के बीच शुरू हुई जुबानी जंग अब व्यक्तिगत हमले तक पहुंच गयी है. सबसे पहले तेजस्वी यादव ने आरा में जहरीली शराब कांड के आरोपित की तस्वीर के साथ मुख्यमंत्री की तस्वीर को मीडिया के सामने रखकर सवाल पूछा. उसके बाद से जदयू के नेताओं ने तेजस्वी यादव की तस्वीर को मीडिया के सामने रखा. उसके ठीक बाद तेजस्वी यादव ने संवाददाता सम्मेलन कर जदयू और उनके प्रवक्ताओं के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोला. अब तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार को आदरणीय चाचा संबोधित करते हुए पत्र लिखा है, जो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है. नीचे तेजस्वी यादव का लिखा हुआ पत्र दिया जा रहा है-

आदरणीय नीतीश चाचा ने राजनीति का स्तर इतना गिरा दिया है कि एक लड़की के साथ तस्वीर सामने कर, मेरा राजनीतिक चरित्र हनन करने का प्रयास किया. हम तो जहरीली शराब माफिया के साथ उनकी फोटो दिखा छवि कुमार को आईना दिखाने का काम कर रहे थे, फोटो मेरा दिखाया गया वह उस समय का है,जब हम राजनीति में नहीं आये थे, उस समय हम आइपीएल खेला करते थे. और उन आइपीएल सीजन में मैच के बाद सभी खिलाड़ियों और खेल अधिकारियों के साथ ऑफ्टर मैच पार्टी होती थी.

लेकिन नीतीश कुमार आज बिल्कुल हताश और असहज हैं. हताशा इस बात की कि उन्हें आभास हो गया है कि उन्हें पलटी मारने के राजनीतिक स्टंटबाजी में खुद ही अपने पांव पर कुल्हाड़ी मार दी है. मरता क्या नहीं करता! हताशा में अपनी बची-खुची भी मिटाने पर तुल गये हैं. हम सच्चे है इसलिए खुद सामने आकर आरोपों जवाब दे रहे है. आपकी तरह रोबोट आगे नहीं करते. मैं मर्द का बच्चा हूं और अपने जवाब खुद देता हूं.

-नीतीश जी खुद तो आमने सामने दो चार होने की हिम्मत नहीं, अपने बिना जनाधार के रोबोटनुमा प्रवक्ताओं में अपनी घटिया विचारों को प्रोग्राम करके अपने शब्द बुलवा रहे हैं.

– मैं इन प्रवक्ताओं और उनके निम्नतम स्तर को दोष नहीं देता हूं, यह बेचारे तो अपने पलटू राम हाइ कमान के हुक्म की तामील भर कर सकते हैं. आगे बढ़ने की तो सबकी इच्छा होती है, तो ये भी विधान पार्षद या एमएलसी का रिनिवल या किसी आयोग का सदस्य के लालच में आदेशानुसार अनर्गल बकने को मजबूर हैं. यह तो नीतीश कुमार की घटिया, नारी विरोधी सोच को दर्शा भर रहे हैं.

– ये जो फोटो दिखा रहे हैं, उसमें कुछ भी नया या छुपाने वाली बात नहीं है. इस फोटो से 2010 से सभी वाकिफ़ हैं.
– और मैं इससे इंकार भी नहीं कर रहा और ना ही इसे फोटोशॉप किया हुआ बता रहा हूं. इस फोटो में बेशक मैं ही हूं.

-मैं आइपीएल में डेल्ही डेयर डेविल्स की टीम में था और हर मैच के बाद तब ऑफ्टर मैच पार्टियां भी हुआ करती थीं. यह फोटो भी ऐसी किसी एक पार्टी का ही है. जिसमें खिलाड़ी, मशहूर हस्तियां, समर्थक, उनके परिवार इत्यादि आते थे. टीम के फैंस व प्रशंसक खिलाड़ियों या शामिल होने वाले अभिनेताओं, मशहूर हस्तियों के साथ फोटो खिंचवाते थे. ऐसे में किसी युवती ने मेरे साथ भी फोटो खिंचवा लिया तो इसमें इतनी हाय तौबा इनके घटिया स्त्री विरोधी सोच का सूचक है.

– मुझसे राजनीतिक प्रतिशोध लेने के लिए, अपना सियासी उल्लू सीधा करने के लिए यह अपनी नीच स्त्री विरोधी सोच का प्रदर्शन कर रहे हैं.

– मुझ पर निशाना साधने के लिए यह एक अपरिचित महिला का मात्र एक फोटो के आधार पर चरित्र हनन कर रहे हैं.

– सार्वजनिक रूप से एक युवती के चित्र को दिखा, मेरे ऊपर आरोप सिद्ध करने के लिए एक युवती पर लांछन लगा रहे हैं. ये अनजान महिला सम्भवतः आज किसी की पत्नी होंगी, किसी की मां होंगी, एक घर की इज्जत, बहू होंगी.

– इस महिला की इज्जत से खेलने का नीतीश कुमार को क्या अधिकार है? इस महिला फैन ने कौन सा पाप कर दिया कि उनकी इज़्ज़त को नीतीश कुमार सरेआम उछलवा रहे हैं? आज इस महिला, उनके परिवार पर क्या बीत रही होगी?

– एक महिला को घर की दहलीज लांघने पर जद यू वाले चरित्र हनन करेंगे? खराब विचारों का बताएंगें? महिलाओं को किसी खेल खिलाड़ी का प्रशंसक बनने की अनुमति नहीं?

– हम समाजवादी हैं. हम निम्न और मध्यम वर्ग की बात करते हैं. मध्यम वर्ग और निम्न वर्ग के सहूलियत के लिए ट्रेन चलवाते हैं. उनका नाम जन साधारण और गरीब रथ रखते हैं. आपकी तरह किसी ट्रेन का नाम अर्चना या उपासना एक्सप्रेस नहीं रखते.

-वैसे तो बिहार का बच्चा बच्चा जानता है पर अंतरात्मा बाबू अपने मुंह से खुद बताएं कि किसकी उपासना और अर्चना में उपासना और अर्चना एक्सप्रेस का उनके मनो मस्तिष्क से निकल धड़ाधड़ पटरी पर दौड़ने लगती है?

– बिहार एक्सप्रेस या बाढ़ एक्सप्रेस तो कभी नहीं चला, यह अर्चना एक्सप्रेस और उपासना एक्सप्रेस कैसे छुक छुक दौड़ने लगी? अब नीतीश बाबू पूजा पाठ और भक्ति वाला कोण मत ही डालिएगा, वास्तविकता पूरा बिहार जानता है.

– आपके सहयोगी BJP ने चुनाव में खूब फोटोशॉप कर ऐसी तस्वीरों का प्रयोग किया था, उनसे पूछिए उन्हें क्या मिला?

– आप बिहार भवन में सामान रखवाकर द्वारका जाते है और फिर द्वारका से अंधेरे में गुड़गांव में कहां जाते है उसकी जानकारी अपने प्रवक्ताओं को भी दे दीजिए. मेरी तो 6 बहने दिल्ली में रहती है. अपना स्तर उठायें नीतीश चाचा जी.

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