भारत ने दूसरी बार जीता एशिया कप

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भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशिया कप जीत लिया हैं। उसने रविवार को खेले गए फाइनल में चीन को 1-1 की बराबरी के बाद पेनल्टी शूटआउट में 5-4 से हराया। भारत ने इस जीत के साथ ही अगले साल इंग्लैंड में होने वाले वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई लिया है। भारतीय टीम 2014 में हुए वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाई थी। भारत ने 32 साल के एशिया कप के इतिहास में दूसरी बार यह खिताब जीता है। भारत की पुरुष टीम ने पिछले महीने ढाका में एशिया कप जीता था। यानी, अब भारत की पुरुष और महिला दोनों ही टीमें एशियन चैंपियन हैं। एशिया कप के इतिहास में यह सिर्फ दूसरा मौका है जब भारत एक साथ दोनों वर्ग में चैंपियन बना है। इससे पहले महिला टीम ने 13 साल पहले 2004 में एशिया कप जीता था। तब पुरुष टीम भी चैंपियन थी।

जैसी कि उम्मीद थी, भारत और चीन के बीच फाइनल में कड़ी टक्कर हुई। टूर्नामेंट के ग्रुप मैच में चीन को हरा चुके भारत ने फाइनल का पहला गोल किया। नवजोत कौर ने 25वें मिनट में यह गोल किया। भारतीय टीम तीसरे क्वार्टर तक 1-0 से आगे थी। वह जीत की ओर बढ़ रही थी। पर दुनिया की आठवीं रैंकिंग वाली चीनी टीम ने चौथे क्वार्टर में बराबरी कर ली। चीन की तियानतियान लुवो ने 47वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलते हुए बराबरी दिलाई। इसके बाद दोनों टीमें गोल करने में नाकाम रहीं और मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट में हुआ। पेनल्टी शूटआउट में बेहतरीन बचाव करने वाली भारत की सविता को गोलकीपर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया।

सडन डेथ में रानी ने किया विजयी गोल : भारत और चीन की टीमें सिर्फ निर्धारित समय तक ही नहीं, पेनल्टी शूटआउट में भी बराबरी पर थीं। पहले 1-1 से और पेनल्टी शूटआउट के बाद 4-4 की बराबरी थी। इसके बाद फैसले के लिए “सडन डेथ’ का सहारा लिया गया। अपने तीसरे खिताब की तलाश में उतरा चीन “सडन डेथ’ में गोल नहीं कर सका। जबकि, रानी ने इस अहम मौके पर कोई गलती नहीं की और गोल कर भारत को 5-4 से जीत दिला दी। इससे पहले पेनल्टी शूटआउट में रानी, मोनिका, लिलिमा मिंज और नवजोत ने गोल किए।

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