सऊदी अरब में शहजादों की शामत! 2 मरे, 11 गिरफ्तार

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सऊद अरब के राजघराने में इन दिनों खासी हलचल मची हुई है. सबसे पहले वरिष्ठ शहजादे और पूर्व राजा शाह अबदुल्ला बिन अब्दुल अजीज के बेटे मुतैब बिन अब्दुल्ला को नेशनल गार्ड्स के प्रमुख के पद से बर्खास्त कर दिया गया. इसके साथ ही 11 शहजादों समेत 4 मंत्रियों और दर्जनों पूर्व मंत्रियों को हिरासत में ले लिया.

हिरासत में लिए गए लोगों में दुनिया भर में चर्चा में रखने वाले अरबपति बिजनसमैन अलवलीद बिन तलाल भी शामिल हैं. अलवलीद ने ट्विटर और एप्पल जैसी कंपनियों में बड़ा निवेश कर रखा है. फोर्ब्स मैगजीन के मुताबिक, वह दुनिया के पांचवे सबसे अमीर शख्स हैं, जिनकी संपत्ति 17 अरब डॉलर हैं.

मोहम्मद बिन सलमान के सिंहासन का रास्ता साफ!

इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार निरोधी एजेंसी के प्रमुख और सऊदी के वली अहद (क्राउन प्रिंस) मोहम्मद बिन सलमान की भ्रष्टाचार के खिलाफ कदम बताया गया. हालांकि जानकार इसे राजघराने में सत्ता के लिए छिड़े संघर्ष के तौर पर देख रहे हैं और शाह सलमान के बेटे मोहम्मद सऊदी को सिंहासन तक पहुंचने की राह साफ करता बता रहे है. इस बीच सऊदी के दो अन्य शहजादों मंसूर बिन मुकरिन और अब्दुल अजीज की दुर्घटना में हुई मौत से ऐसी अटकलों को और बल मिलता है. यहां प्रिंस मंसूर पूर्व खुफिया प्रमुख मुकरिन बिन अब्दुल अजीज के बेटे थे, जो शाह सलमान को गद्दी मिलने से पहले जनवरी और अप्रैल 2015 के बीच क्राउन प्रिंस थे.

इस सारी कवायद को मोहम्मद बिन सलमान की बढ़ती ताकत के तौर पर देखा जा रहा है. शाह सलमान के सत्ता में आने के बाद पिछले दो साल में उनके इस 32 वर्षीय बेटे की ताकत में अकूत इजाफा देखा गया. सऊदी के 81 वर्षीय शाह सलमान ने अपने बेटे मोहम्मद को वली अहद घोषित किया.

सऊदी के वली अहद बनने के पीछे भी साजिश!

मोहम्मद बिन सलमान के वली अहद बनने के पीछे साजिश की बात सामने आई थी. न्यूयॉर्क टाइम्स ने सऊदी अधिकारियों के हवाले से प्रकाशित खबर में बताया कि युवराज मोहम्मद ने क्राउन प्रिंस बनने के लिए मोहम्मद बिन नाएफ के खिलाफ साजिश रची. रिपोर्ट के मुताबिक, 20 जून की रात, वरिष्ठ शहजादे और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी मक्का स्थित सफा पैलेस में मिले. उन्हें बताया गया था कि किंग सलमान उनसे मिलना चाहते हैं. आधी रात को महल पहुंचने पर उन्हें बताया गया शाह सलमान उनसे अकेले में बात करना चाहते हैं और इसके लिए उन्हें अलग कमरे में ले जाया गया.

रिपोर्ट के मुताबिक, उस कमरे में उनका मोबाइल फोन ले लिया गया और उन पर गद्दी का हक छोड़ने के लिए दबाव बनाया गया. शुरू में उन्होंने इसका विरोध किया, लेकिन बाद में राजी हो गए. इस दौरान दूसरे राजकुमारों को भरोसे में लेने के लिए यह बात फैलाई गई कि मोहम्मद बिन नाएफ को नशे की लत है और वह किंग बनने के लायक नहीं.

मोहम्मद बिन सलमान हटा रहे हैं राह का कांटा!

इसके बाद शाह सलमान ने अपने सबसे पसंदीदा बेटे मोहम्मद को अगली पंक्ति में लाकर खड़ा कर दिया और उन्हें उप प्रधानमंत्री और रक्षामंत्री का भी जिम्मा दिया गया. आज मोहम्मद के पास सेना, विदेश, आर्थिक, समाज कल्याण की नीतियों से बड़े फैसले का अधिकार है. उनके पास अपने देश की तीन बड़ी सेनाओं का नियंत्रण है और अब वह ताकतवर धार्मिक प्रतिष्ठानों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं. इस बीच उनका एक उदार रूप भी खूब प्रचारित किया जा रहा, जिसमें महिलाओं को ड्राइविंग की इजाजत देना और देश में इस्माल के उदार स्वरूप को बढ़ावा देने जैसी उनकी घोषणाएं शामिल है.

इन तमाम घटनाक्रमों से समझा जा रहा है कि बुजुर्ग हो चुके शाह सलमान इस साल के अंत कर गद्दी छोड़ कर अपने बेटे मोहम्मद को नया बादशाह बना सकते हैं. ऐसे में भ्रष्टाचार के नाम शाही परिवार के लोगों पर चला यह चाबुक उन ताकतों को ठिकाने लगाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है, जिनसे भविष्य में उन्हें चुनौती मिल सकती है.

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