स्मॉग का कहरः IMA की चेतावनी से हरकत में दिल्ली सरकार- बंद होंगे स्कूल

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नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में फिर से जहरीला स्मॉग छा गया है। इस स्मॉग से लोगों की आंखों में जलन होने लगी है। मौसम विभाग की मानें तो स्मॉग की यह मार अगले दो दिन भी जारी रह सकती है। वहीं हवा की गुणवत्ता खराब होने पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा को फटकार लगाई है। एनजीटी ने उनसे यह बताने को कहा कि आज बने ‘आपात हालात’ से निबटने के लिए उन्होंने क्या एहतियाती कदम उठाए।

सोमवार की शाम स्मॉग की वजह से विजिबिलिटी घटकर 500 मीटर तक पहुंच गई थी और आज सुबह हालत और खराब नजर आई। सबह ऐसा लग रहा था दिल्ली-एनसीआर स्मॉग की चादर लपेटे हुए हैं। कई इलाकों में एयर क्वॉलिटी ‘बेहद खराब’ की कैटिगरी में बनी हुई है और इसमें अगले 4-5 दिनों तक कोई सुधार होने की उम्मीद नहीं है।

दिल्ली में प्रदूषण का स्तर सामान्य से तीन गुना ज्यादा
भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) ने राजधानी दिल्ली में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को लेकर चिंता व्यक्त करतेे हुए इसके गंभीर खतरों के प्रति आगाह किया है। आईएमए के अध्यक्ष डॉ के. के. अग्रवाल कहा कि मौजूदा समय में दिल्ली में प्रदूषण का स्तर सामान्य से तीन गुना ज्यादा है। इसके कारण सुबह के समय स्कूलों में आउटडोर एक्टिविटी करने से बच्चों के फेफड़ों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। दिल्ली के 14 एयर मॉनिटरिंग स्टेशन पर वायु गुणवत्ता बहुत खराब पायी गयी जहां वायु गुणवत्ता इंडेक्स 300 है, जबकि 100 को सामान्य माना जाता।

स्कूल बंद करने की गई अपील
अग्रवाल ने दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया को पत्र लिख कर सुबह के समय स्कूलों में आउटडोर एक्टिविटी पूरी तरह से बंद करने की अपील की है। उन्होंने लिखा है कि बच्चे जब शारीरिक परिश्रम करते हैं तो उन्हें ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत होती है। ऐसे में सांस के साथ प्रदूषण की बड़ी मात्रा बच्चों के शरीर में जाती है। यह बच्चों के फेफड़ों में ग्रोथ का समय होता है ऐसे में यदि प्रदूषण की बड़ी मात्रा शरीर में जाती है तो फेफड़ों के विकास पर असर पड़ता है और भविष्य में उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि हृदय और अस्थमा के मरीजों के अलावा बुजुर्ग और बच्चों को कम से कम घर से बाहर निकलना चाहिए।

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