हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव : प्रेम कुमार धूमल बोले, 60 से ज्यादा सीटें करेंगे हासिल

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हिमाचल प्रदेश विधानसभा के लिए सुबह 8 बजे से वोटिंग शुरु हो चुकी है शाम 5 बजे तक वोट पड़ने हैं. 68 विधानसभा सीटों के लिए आज हिमाचल के लोग वोट डालने के लिए अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं. यहां पर VVPAT वाली EVM मशीनों के ज़रिए वोटिंग हो रही है. मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अर्की, बीजेपी के मुख्यमंत्री उम्मीदवार प्रेम कुमार धूमल सुजानपुर से चुनाव लड़ रहे हैं. इस बार वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य भी पहली बार चुनाव मैदान में हैं.

राज्य में 11,500 जवानों समेत 6400 होमगार्ड्स तैनात किए गए हैं. अर्द्धसैनिक बलों की 65 टुकड़ियां भी सुरक्षा और व्यवस्था को कायम रखने के लिए तैनात की गई हैं. शांतिपूर्ण मतदान के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है.

राज्य में कड़ा मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच है. चुनावी रण क्षेत्र में 62 विधायकों सहित 337 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, 10 मंत्री, आठ मुख्य संसदीय सचिव, विधानसभा के उपाध्यक्ष जगत सिंह नेगी, पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और एक दर्जन से ज्यादा पूर्व मंत्री समेत अन्य चुनावी मुकाबले में हैं. मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सत्तारूढ़ कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री धूमल की अगुवाई में भाजपा सभी 68 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. बसपा 42 सीट पर, इसके बाद माकपा 14 सीट पर, स्वाभिमान पार्टी और लोक गठबंधन पार्टी छह-छह सीटों पर और भाकपा तीन सीटों पर मैदान में है.

वर्तमान में राज्य की 68 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस और भाजपा के क्रमश: 35 और 28 विधायकों के साथ चार निर्दलीय हैं और एक सीट खाली है. चुनावों में 180 से ज्यादा निर्दलीय और कांग्रेस के एक दर्जन से ज्यादा बागी मुकाबले में हैं. कुल 50,25,941 योग्य मतदाता हैं. राज्य में 7,525 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. मुख्य निर्वाचन अधिकारी पुष्पेंद्र राजपूत ने बताया कि सुरक्षा के लिए पुलिस और होमगार्ड के 17,850 कर्मियों के अलावा केंद्रीय अर्द्धसैन्य बल की 65 कंपनियां तैनात की गयी है.

मंगलवार को समाप्त हुए 12 दिवसीय सघन प्रचार अभियान में भाजपा और कांग्रेस के स्टार प्रचारकों ने 450 से ज्यादा रैलियां कीं. भाजपा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा प्रमुख अमित शाह ने क्रमश: सात और छह रैलियों को संबोधित किया.

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने तीन रैलियों को संबोधित किया. भ्रष्टाचार को मुख्य मुद्दा बनाकर प्रचार अभियान में भाजपा ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर जमकर निशाना साधा जबकि कांग्रेस ने जीएसटी और नोटबंदी को लेकर कांग्रेस पर प्रहार किया.

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