जीएसटी काउंसिल की 23वीं बैठक में 28 फीसद से उच्चतम स्लैब से बाहर होंगी कई वस्तुएं

0
215

जीएसटी काउंसिल की शुक्रवार को यहां 23वीं बैठक होने जा रही है। इसमें केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अगुआई वाली काउंसिल व्यापारियों और मध्यवर्ग को राहत मिलने की पूरी संभावना है। बैठक में रोजाना के इस्तेमाल वाली वस्तुओं, प्लास्टिक उत्पादों और हाथ से बनने वाले फर्नीचर को28 फीसद की उच्चतम दर से बाहर किया जा सकता है। जीएसटी काउंसिल में सभी राज्यों के वित्त मंत्री शामिल हैं।

बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की मानें तो दैनिक उपयोग की 200 चीजों पर जीएसटी दर को 28 से घटाकर 18 फीसद पर लाया जा सकता है। उन्होंने गुवाहाटी की बैठक में जाने से पहले गुरुवार को यह बात कही। मोदी वस्तु एवं सेवा कर के आइटी ढांचे जीएसटीएन की कमियों को दूर करने के लिए पैनल के भी अध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा कि सैनिटरी वेयर, सूटकेस, वॉलपेपर, प्लाईवुड, स्टेशनरी, घड़ी और वाद्ययंत्रों पर खासतौर से टैक्स दर में कटौती की जा सकती है।

फिलहाल 227 वस्तुओं पर 28 फीसद जीएसटी लगता है। इनमें से पान मसाला, सीमेंट, मेकअप सामान, कॉस्मेटिक्स, वैक्यूम क्लीनर, चार्टर्ड विमान, वॉशिंग मशीन और रेफ्रिजरेटर जैसी 62 चीजों को छोड़कर बाकी 165 वस्तुओं पर इस दर को घटाकर 18 फीसद किया जा सकता है। जिन चीजों पर जीएसटी की दर कम होने के आसार हैं, उनमें पंखे, डिटरजेंट, शैम्पू, एलपीजी स्टोव, फर्नीचर जैसे उत्पाद शामिल हैं। इससे मध्य वर्ग को राहत मिलेगी।

इसके अलावा रियल एस्टेट को जीएसटी के दायरे में लाने की दिशा में भी कदम उठाया जा सकता है। काउंसिल के कुछ सदस्यों ने इस सेक्टर को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग उठाई थी। इस पर विचार किया जा रहा है। फिलहाल जमीन की बिक्री पर राज्य सरकारें स्टांप शुल्क लगाती हैं। यह शुल्क भी राज्यों में अलग-अलग है।

नीति आयोग ने अपने त्रिवर्षीय एक्शन एजेंडा में भी स्टांप ड्यूटी घटाने की वकालत की है। काउंसिल असम के वित्त मंत्री हेमंत विश्व शर्मा की अध्यक्षता वाले मंत्रिसमूह की सिफारिशों को स्वीकार कर सकती है। समूह ने रेस्तरां में खाने पर जीएसटी की दर 18 से घटाकर 12 प्रतिशत करने और कंपोजीशन स्कीम को आकर्षक बनाने की सिफारिश की है। कंपोजीशन स्कीम की सीमा एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ करने और यह विकल्प चुनने वाले व्यापारियों, मैन्यूफैक्चरिंग इकाइयों व रेस्तरां पर एक प्रतिशत जीएसटी लगाने की सिफारिश की है। फिलहाल कंपोजीशन स्कीम में एक प्रतिशत से पांच प्रतिशत तक जीएसटी लगता है।

समिति ने जीएसटी अनुपालन की प्रक्रिया को आसान बनाने तथा पेनाल्टी घटाकर 50 रुपये प्रतिदिन करने का सुझाव दिया है। काउंसिल की बैठक से पहले गुरुवार को होटल और रेस्तरां उद्योग के संगठन एफएचआरएआइ के सदस्यों ने जीएसटी काउंसिल के प्रतिनिधि व राजस्व सचिव हसमुख अढिया से मुलाकात की। उन्होंने उद्योग पर जीएसटी दर घटाने की मांग की।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here