प्रद्युम्न हत्‍याकांड: फिर से दोहराया गया मर्डर सीन, आरोपी ने बताई हैरान करने वाली सच्‍चाई

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गुरुग्राम के रायन इंटरनेशनल स्कूल में दूसरी कक्षा के छात्र प्रद्युम्न की हत्‍या की गुत्थी सुलझाने के लिए सीबीआई ने उस क्राइम सीन को फिर से तैयार किया था, तब कहीं जाकर वह असल आरोपी तक पहुंच पाई. सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई आरोपी छात्र को उस दुकान पर लेकर गई, जहां से उसने हत्या के लिए चाकू खरीदा था. दुकान के बाद आरोपी को घटनास्थल पर लाया गया और उससे एक-एक करके वहीं स्टेप करवाए गए, जैसा कि उसने घटना वाले दिन किया था. आरोपी 3 दिन के लिए सीबीआई की हिरासत में है. सबसे पहले उसे सीबीआई हेडक्वार्टर लाया गया, जहां उससे कई घंटे पूछताछ की गई. सीबीआई के मुताबिक इस हत्याकांड में अब तक 125 लोगों से पूछताछ की गई है.

जांच एजेंसी जल्दी ही आरोपी के बयान सीआरपीसी की धारा-165 के तहत दर्ज करेगी. ये बयान ही इस हत्याकांड में पुख्ता सबूत बनेंगे. जानकारी के मुताबिक, इस मामले में पुलिस ने जो चाकू स्कूल के बाथरूम के कमोड से बरामद किया था, वह बिल्कुल वैसा ही है जैसा कि हत्या के लिए इस्तेमाल किया गया था. प्रद्युम्न की हत्या के बाद आरोपी ने इस बारे में स्कूल के पीटी टीचर और माली को बताया कि बाथरूम में एक बच्चे का खून बह रहा है.

बता दें कि 8 सितंबर को हुई प्रद्युम्न की हत्या के आरोप में सीबीआई ने स्कूल के ही 11वीं के एक छात्र की हिरासत में लिया है. सीबीआई ने जुवेनाइल जस्टिस कोर्ट में कहा है कि आरोपी ने अपने पिता के सामने प्रद्युम्न ठाकुर की हत्या में शामिल होने की बात स्वीकार की है, आरोपी द्वारा हत्या की बात कबुल करने के दौरान आरोपी के पिता के अलावा स्वतंत्र गवाह तथा सीबीआई के कई अधिकारी भी मौजूद थे. सीबीआई ने कहा कि आरोपी के कबुलानामे के अलावा उसके पास हत्याकांड के पुख्ता सबूत, फॉरेंसिक जांच तथा सीसीटीवी फुटेज भी है जिसके आधार पर उन्होंने सही आरोपी को पकड़ा है.

सीबीआई अधिकारी ने बताया कि प्रद्युम्न की हत्या के पीछे आरोपी का मकसद स्कूल की परीक्षा तथा टीचर-अभिभावक मीटिंग (पीटीएम) को स्थगित करवाना था, क्योंकि आरोपी पढ़ाई ने कमजोर था और परीक्षा में बैठने से डरता था. सीबीआई के दावे के बाद प्रद्युम्न हत्याकांड दो महीने के भीतर बिल्कुल ही उलट हो गया. दो-दो जांच टीमों ने दो अलग-अलग आरोपियों को पकड़कर हत्या की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है. हरियाणा पुलिस ने इस मामले में स्कूल की कैब के कंडक्टर अशोक कुमार को गिरफ्तार किया था. खास बात यह है कि अशोक कुमार ने सभी के सामने में बच्चे की हत्या करने की बात स्वीकार की थी.

जांच केस सीबीआई के हाथ में आने के बाद जांच अधिकारियों ने एकबार फिर नए सिरे से जांच शुरू की. हरियाणा पुलिस द्वारा इकट्ठा किए गए सबूतों पर दोबारा जांच की. सबूतों की फॉरेंसिक जांच कराई गई और अंत में हरियाणा पुलिस के दावों को झुठलाते हुए सीबीआई ने इस हत्याकांड के आरोप में 11वीं के एक छात्र को हिरासत में लिया तो पूरे मामले की कहानी ही पलट गई.

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