आखिर कौन है राफिया नाज, जिनपर आग बबूला हो रहे हैं मुस्लिम कट्टरपंथी

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योग क्‍या किसी धर्म विशेष की जागीर है या योग पर किसी व्याक्ति विशेष का अधिकार है या योग सिखाना या सीखना कोई पाप है? दरअसल, यह सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्‍योंकि कुछ दिनों से जिस तरह से योग को लेकर एक लड़की को एक विशेष संप्रदाय के लोग निशाना बना रहे हैं वह ज्‍यादातर लोगों के गले नहीं उतर रहा है। इस लड़की का नाम राफिया नाज है जिसको उसके किए कार्यों की वजह से कई जगह सम्‍मानित भी किया जा चुका है।

राफिया रांची में डोरांडा की रहने वाली है और काफी समय से योग सिखाने का काम करती है। एक साधारण परिवार से ताल्‍लुक रखने वाली राफिया पर अब तरह-तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। उसका कसूर इतना था कि उसने योग गुरू बाबा रामदेव के साथ योग का मंच शेयर किया था। इसके बाद से वह कट्टरपंथियों के निशाने पर है। इतना ही नहीं शुक्रवार को एक निजी चैनल पर प्रसारित एक कार्यक्रम के दौरान जब राफिया अपने घर से लाइव थी तभी उसके घर पर पत्‍थरबाजी की गई और उसके घर को कट्टरपंथियों ने घेर लिया। हालांकि इसके बाद उसकी सुरक्षा के मद्देनजर वहां पर दो पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया है।

इसके बाद राफिया ने अपने फेसबुक पोस्‍ट पर उन सभी लोगों का धन्‍यवाद अदा किया है जिन्‍होंने उनका साथ दिया। उन्‍होंने लिखा है कि पुलिस ने उनकी सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी मुहैया करवाए हैं इसके लिए पुलिस प्रशासन का धन्‍यवाद।

राफिया के घर पर हुई पत्‍थरबाजी की योग गुरू बाबा रामदेव ने तीखी निंदा की है। बाबा रामदेव ने कहा कि ईरान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और सऊदी अरब के कई मुसलमान योग का अभ्यास करते हैं। योग एक व्यायाम है, जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। इसमें धर्म को बीच में नहीं लाना चाहिए।

राफिया के खिलाफ कट्टरपंथियों की तरफ से फतवा तक जारी कर उसको डराया और धमकाया जा रहा है। वह योग सिखाने के साथ एम कॉम की भी पढ़ाई कर रही है। राफिया ने मीडिया के सामने यहां तक आरोप लगाया है कि उसको करीब तीन वर्षों से लगातार धमकियां मिल रही हैं। खबरों की मानें तो यह मामला राज्‍य के मुख्‍यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुमार के सामने भी उठाया गया है। राफिया का कहना है कि वह कल के वाकये से काफी डर गई हैं। हालांकि धमकियों के बावजूद उसका परिवार पूरी तरह से उसका साथ दे रहा है।

राफिया का यह भी कहना है कि उसे दोनों समुदायों से शिकायत है। उनके मुताबिक जहां एक समुदाय उनसे योग न सिखाने के लिए कह रहा है तो वहीं दूसरे समुदाय के लोग उसको नाम बदलने की सलाह दे रहे हैं ताकि उन्‍हें उससे योग सीखने में किसी को झिझक न हो। राफिया ने यह भी कहा है कि वह धमकियों से डरेंगी नहीं और आजीवन योग करती रहेंगी। मुस्लिम कट्टरपंथियों की निशाने पर आईं राफिया नाज को कहना है कि उन्हें पहली बार 21 जून 2015 को फेसबुक पर फैज उल्लाह नाम के शख्स ने धमकी दी। इसमें कहा गया कि तुम्हारा शुभचिंतक बोल रहा हूं…शर्म करो, तुम मुस्लिम लड़की हो, बिना हिजाब के स्टेज पर प्रोग्राम करती हो।

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