डीएम ने रद्द किया लिटरेरी फेस्ट, आयोजक बोले-फेसबुक लाइव से होगा ओवैसी का कार्यक्रम

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लखनऊ लिटरेरी फेस्ट में अपनी किताब का विमोचन करने आए जेएनयू के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष और युवा कम्युनिस्ट नेता कन्हैया कुमार को जमकर विरोध सामना करना पड़ा। भाजयुमो और एबीवीपी से जुड़े कार्यकर्ताओं ने उन्हें देशद्रोही बताते हुए कार्यक्रम से वापस जाने की मांग करते हुए खूब हंगामा किया।
उन्होंने कन्हैया के साथ धक्का-मुक्की भी की, पर कन्हैया के समर्थकों और आयोजकों की घेराबंदी कर लेने से मामला ज्यादा नहीं बिगड़ पाया। हालांकि, लखनऊ विश्वविद्यालय के कुछ कन्हैया समर्थकों और विरोध करने वालों के बीच हाथपाई भी हुई।

उस वक्त मौके पर बहुत थोड़े से पुलिस कर्मी थे, जो अपने उच्चाधिकारियों को फोन पर बिगड़े हालात की जानकारी देते हुए फोर्स भेजने की मांग करते रहे, पर काफी देर बाद वहां फोर्स पहुंची। तब तक मंच पर पहुंचे कन्हैया को एसिड अटैक पीड़िताओं ने घेरा बनाकर बचाया।

लखनऊ सोसायटी ने शुक्रवार को एसिड अटैक पीड़िताओं की ओर से चलाए जा रहे रेस्टोरेंट ‘शीरोज’ परिसर में लिटरेरी फेस्ट का आयोजन किया था। इसमें कन्हैया कुमार की पुस्तक ‘बिहार से तिहाड़’ का विमोचन हुआ था।

शाम सात बजे जैसे ही कन्हैया कुमार कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, वहां पहले से ही मौजूद भाजयुमो और एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने कन्हैया के विरोध में जोर-जोर से नारे लगाने शुरू कर दिए। कहा-किसी भी हालत में कन्हैया को कार्यक्रम में बोलने नहीं देंगे।

जिस वक्त हंगामा चल रहा था, वहां प्रदेश के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी भी मौजूद थे। कुरैशी ने मीडिया से कहा कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इस तरह से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का गला नहीं घोटा जा सकता।

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