लेबनान और सऊदी अरब के बीच बढ़ा तनाव, लौटेंगे हरीरी

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लेबनान और सऊदी अरब के बीच बढ़ते तनाव के बीच इस्तीफा दे चुके प्रधानमंत्री साद अल -हरीरी ने जल्द ही स्वदेश लौटने की बात कही है। रियाद से एक साक्षात्कार में हरीरी ने कहा, “मैं आजाद हूं और जल्द ही लेबनान लौटूंगा। ” उनका यह साक्षात्कार लेबनानी राष्ट्रपति के मिशेल औउन के उस बयान के कुछ घंटे के बाद सामने आया है, जिसमें हरीरी को रियाद में नजरबंद रखने की बात कही गई थी।

गौरतलब है कि लेबनान के प्रधानमंत्री हरीरी सऊदी अरब की राजधानी से पिछले हफ्ते इस्तीफा देने के बाद स्वदेश नहीं लौटे हैं। लेबनान ने सऊदी अरब पर हरीरी के अपहरण का आरोप लगाया है। जबकि सऊदी अरब का कहना है कि हरीरी ने अपने सहयोगी लेबनानी संगठन हिजबुल्ला से जान को खतरा के चलते इस्तीफा दिया है। अमेरिका और फ्रांस ने लेबनान की संप्रभुता और स्थिरता के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया है।

लेबनान के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति मिशेल औउन ने अपने राजदूतों से कहा कि हरीरी का अपहरण किया गया है। उन्हें राजनयिक छूट मिलनी चाहिए। औउन ने सऊदी अरब से पूछा है कि अपने इस्तीफे की घोषणा के बाद से हरीरी अब तक क्यों नहीं लौटे। इस तरह के संकेत भी मिले हैं कि मिशेल ने हरीरी का इस्तीफा अभी तक स्वीकार नहीं किया है।

हरीरी की पार्टी फ्यूचर मूवमेंट ने भी कहा है कि वह पूरी तरह उनके साथ है। परिजनों और सहयोगी के संपर्क करने पर हरीरी का कहा कि वह ठीक हैं। स्वदेश लौटने के बारे में उन्होंने कहा कि यह ईश्वर की इच्छा पर है।

बेरुत मैराथन में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों ने प्रधानमंत्री हरीरी से स्वदेश लौटने की अपील की। मैराथन के 42.2 किलोमीटर मार्ग में दर्शक तख्ती लिए खड़े थे जिनपर “आपके लिए दौड़ रहे” और “आपके लौटने का इंतजार” लिखा था।

सऊदी शाह सलमान से मुलाकात के लिए लेबनानी प्रधानमंत्री हरीरी तीन नवंबर को रियाद गए थे। इसके बाद चार नवंबर को उन्होंने सऊदी सरकारी टीवी चैनल से अपने इस्तीफे की घोषणा की। लेबनानी लोगों का मानना है कि उन्हें घर में नजरबंद किया गया है। उनका फोन जब्त कर लिया गया है। हरीरी के परिजनों की सऊदी अरब में बहुत सारी संपत्तियां हैं। शुरुआत में माना जा रहा था कि सऊदी अरब में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान के तहत उन्हें रोका गया।

सुन्नी सऊदी अरब और शिया ईरान के बीच क्षेत्र में वर्चस्व के लिए जारी लड़ाई से अब आसपास के देश भी प्रभावित हो रहे हैं। इसके चलते सीरिया, इराक, यमन और बहरीन में उथल-पुथल मचा हुआ है। अब लेबनान भी निशाने पर है जहां ईरान समर्थित हिजबुल्ला को कमजोर करने के लिए सऊदी अरब लंबे समय से प्रयास कर रहा है। बताया जाता है कि सऊदी अरब लेबनान में हरीरी की जगह उनके बड़े भाई बाहा को प्रधानमंत्री बनाना चाहता है।

चार नवंबर को रियाद एयरपोर्ट को निशाना बनाकर यमन से मिसाइल दागी गई। सऊदी अरब का आरोप है कि यह मिसाइल ईरान और लेबनान ने तैयार की थी। सऊदी अरब यमन में हाउती विद्रोहियों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है। हाउती विद्रोहियों को लेबनानी संगठन हिजबुल्ला का समर्थन है। हिजबुल्ला हथियार संपन्न लड़ाकू संगठन है।

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