PM मोदी की तारीफ, लालू-मुलायम और शरद पर बड़ा खुलासा

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अपनी आत्मकथा ‘लाइफ अमंग स्कॉरपिअन्स’ में जया जेटली ने जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की है,वहीं बीमार जार्ज फर्नाडिंस के सेहत की फिक्र करने वाले नेता लाल कृष्ण आडवाणी की सराहना की है. जया जेटली ने अपनी आत्मकथा में यह खुलासा किया है कि समता पार्टी के विलय के बाद जनता दल यूनाइटेड के गठन के बाद जॉर्ज के प्रति नीतीश का रवैया बदलने लगा था. नीतीश कुमार ने शरद यादव को आगे कर जॉर्ज को फर्जी वोटों के आधार पर पार्टी के अध्यक्ष पद से बेदखल करवाया था. उन्होंने लिखा है कि बिहार की मुजफ्फरपुर सीट से जॉर्ज का टिकट काटकर नीतीश कुमार ने उन्हें राजनीतिक हाशिये पर धकेलने की कोशिश की. जया ने शरद यादव को भी घसीटते हुए कहा है कि वह निजी स्वार्थों की जातीय राजनीति करते हैं. राजनीतिक हल्कों में बताया जा रहा है कि जया जेटली की आत्मकथा ‘लाइफ अमंग स्कॉरपिअन्स’ निश्चित तौर पर एक नए विवाद और एक नया राजनीतिक ध्रुवीकरण को जन्म देगी.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जया जेटली ने अपनी आत्मकथा में कई चौकानें वाले खुलासे किये हैं. उन्होंने राजद सुप्रीमो लालू यादव और जदयू के वर्तमान बागी नेता शरद यादव पर जमकर निशाना साधा है. जया ने लिखा है कि लालू प्रसाद यादव और शरद यादव, नीतीश कुमार को परेशान करते थे. इन दोनों ही नेताओं से परेशान होकर एक बार नीतीश कुमार ने भारतीय जनता पार्टी में जाने का मन बना लिया था लेकिन बाद में वो रुक गये थे. जया जेटली ने लिखा है कि लालू प्रसाद यादव और शरद यादव सिर्फ भाषण से ही समाजवादी हैं. असल में इन नेताओं की हकीकत कुछ और है. जबकि राम मनोहर लोहिया, जेपी और मधु लिमये जैसे नेता अपनी विचारधारा और रहन-सहन से भी समाजवादी थे. लेकिन, लालू और शरद विपरीत हैं. जया जेटली ने लिखा है कि शरद यादव खुलकर कहते थे कि मैं यादव हूं, जबकि लालू और मुलायम ने परिवारवाद को बढ़ावा दिया. शरद यादव, लालू प्रसाद यादव और मुलायम सिंह यादव की इन बातों को राम मनोहर लोहिया, जेपी और मधु लिमये एक भी मिनट के लिए बर्दाश्त नहीं कर सकते थे. इसके साथ ही उनके इन आरोपों के बाद तीनों यादव बंधुओं को जवाब देने में भी मुश्किल होगी.

जया जेटली ने अपनी किताब में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के बारे में भी लिखा है. उन्होंने लिखा है कि 2004 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार की हार का सबसे बड़ा कारण अहंकार था और अपने सहयोगियों की अनदेखी करना था. इन्हीं दो कारणों से साल 2004 का लोकसभा चुनाव एनडीए नहीं जीत पाई थी. इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ भी की है. किताब में उन्होंने लिखा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्ण बहुमत के बाद भी अपने सहयोगियों को लेकर चलते हैं, उनकी अनदेखी नहीं करते. नरेंद्र मोदी अपने विरोधियों से मिलते हैं उनसे बात करते हैं. उन्होंने अपनी किताब में वर्तमान प्रधानमंत्री की काफी तारीफ की है. जया ने लिखा है कि नरेंद्र मोदी ने सिर्फ कहा नहीं है, बल्कि गुजरात में काफी कुछ काम भी किया है. वो गुजरात में आसानी से बड़े बदलाव लेकर आये, लेकिन देश में अच्‍छे काम और बदलावों को कुछ लोग मानते ही नहीं.

गौरतलब हो कि जया जेटली की पहचान एक सामाजिक कार्यकर्ता और समाज के संवेदनात्मक मुद्दों पर अभियान चलाने वाले शख्स की रही है. उनके इन खुलासों ने राजनीतिक गलियारों में तूफान सा ला दिया है. जया जेटली ने क्षेत्रीय राजनीति और सत्ता के लिए आपसी संघर्ष को बड़े ही विस्तार से अपनी किताब में जगह दी है. जया जेटली की आत्मकथा में सबसे ज्यादा जार्ज, नीतीश और शरद के साथ मुलायम सिंह यादव की भी चर्चा है. जया ने यहां तक लिखा है कि यह लोग यादव बोलकर राजनीति करते हैं. जया जेटली ने राज्यसभा सीट को लेकर हुए खींचतान के अलावा जार्ज को हाशिये पर धकेलने की पूरी कहानी किताब में बयां की है.

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