नॉर्थ कोरिया को हराने का अमेरिकी ‘ट्रम्प कार्ड’

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चंद रोज़ पहले तक ज़ुबानी जंग में उलझा उत्तरी कोरिया, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीन दौरे के बाद से शांत है. कहा जा रहा है कि चीन में हुए राष्ट्रपति ट्रंप के भव्य स्वागत से उत्तर कोरिया का तानाशाह किम जोंग उन हैरान है. चीन-अमेरिका की गहराती दोस्ती उसे हज़म नहीं हो रही है.

जबकि दूसरी ओर ऐसी आशंका जताई जा रही है कि ये तूफान से पहले की शांति तो नहीं है. कहीं उत्तरी कोरिया आने वाले समय में कोई बड़ा कदम तो नहीं उठाने वाला है. उत्तरी कोरिया से तनातनी के मामले के बीच अमेरिका भी दवाब बनाने की कोई कसर नहीं छोड़ रहा है. नक्शे के ज़रिए रणनीतिक तौर पर समझें तो उत्तरी कोरिया को अमेरिका और दक्षिणी कोरिया ने चौ-तरफा घेर रखा है.

अमेरिकी वायु और नौ-सेना दोनों ही हमले के अलर्ट मोड पर हैं. जापानी सागर से गुआम द्वीप तक अमेरिका पूरी तरफ शिकंजा कस चुका है. पढ़िए कैसे उत्तरी कोरिया के सनकी तानाशाह पर काबू पाने के लिए अमेरिका कर रहा है तैयारी?

अमेरिकी नौ-सेना पूरी तैयार
अमेरिका की तैयारियों की बात करें तो एक दशक में ऐसा पहली बार ऐसा हुआ है कि उसके तीन एयरक्राफ्ट कैरियर संयुक्त युद्धाभ्यास में शामिल हुए हैं. ये युद्धाभ्यास उत्तरी कोरिया को जताने के लिए काफी है कि अमेरिका किस कदर तैयार है. इसके अलावा दक्षिण कोरिया के बुसान शहर के नज़दीक अमेरिकी सबमरीन किसी भी हालात के लिए तैयार हैं. इनमें क्रूज़ मिसाइल और न्यूक्लियर हथियारों से लैसे सबमरीन USS मिशिगन भी शामिल है.

एयरबेस पर उड़ान भरते अमेरिकी फाइटर जेट्स
नौ-सेना के साथ अमेरिकी वायुसेना ने गुपचुप अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं. जापान में स्थित कडिना एयरबेस, ओकिनावा अमेरिका के लिए खास रणनीतिक स्थान है. इसी महीने नवंबर में अमेरिकी एयरफोर्स ने अपने 12 F-35A फाइटर जेट्स को तैनात किया है.

जो किसी भी हालात में नॉर्थ कोरिया पर हवाई हमले के लिए तैयार हैं. इसके अलावा जापान में ही स्थित इवाकुनि अमेरिकी वायुसेना का एयरबेस है. जहां 16 अमेरिकी F-35A फाइटर जेट्स तैनात हैं. इस एयरबेस की उ. कोरिया से दूरी काफी कम है.

गुआम से तय होगी जीत-हार
रणनीतिक नज़रिए से देखा जाए तो अमेरिका और उत्तर कोरिया दोनों के लिए गुआम द्वीप काफी महत्वपूर्ण है. गुआम पर अमेरिका का कब्ज़ा है. सैन्य नज़रिए से गुआम अमेरिका का मिलिट्री बेस है. जहां बड़ी तादाद में अमेरिकी हथियार और गोला बारूद मौजूद है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने हाल ही में युद्ध सामग्री में 10% का इज़ाफा किया है. इस वक्त 8,16,393 सैन्य हथियार वहां मौजूद हैं. इन हथियारों की कीमत 9.5 करोड़ डॉलर है. वहां मौजूद एंडरसन एयरफोर्स बेस, अमेरिका का सबसे बड़ा फ्यूल और गोला बारूद स्टोरेज है. उत्तरी कोरिया पहले भी लगातार गुआम द्वीप पर हमले की धमकियां दे चुका है. उ. कोरिया भी जानता है कि रणनीतिक तौर पर ये द्वीप कितना अहम है.

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