चीन सीमा के पास बन रही 150 किमी लंबी सड़क, सेना को मिलेगा फायदा

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पिछले दिनों डोकलाम में चीन के साथ भारत की तनातनी देखने को मिली. इसके बाद से ही भारत अपनी सीमा की सुरक्षा को लेकर सतर्क हो गया है. इसी कड़ी में उत्तराखंड में 150 किमी लंबी टनकपुर-पिथौरागढ़ सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो गया है. सेना के अधिकारियों ने सोमवार को कहा- इस सड़क के बनने से इंडिया-चाइना बॉर्डर तक हथियार और गोला बारूद पहुंचाने में सहायता मिलेगी.

ऑल वेदर रोड प्रोजेक्ट के तहत बन रही सड़क

इस सड़क को ‘ऑल वेदर रोड प्रोजेक्ट’ के तहत बनाया जा रहा है. पीएम मोदी ने उत्तराखंड चुनाव के दौरान इस प्रोजेक्ट को लॉन्च किया था. इस प्रोजेक्ट में पहाड़ी इलाकों के बदलते मौसम के हिसाब से सड़कें बनाई जाएंगी.

2019 तक बनकर तैयार हो जाएगी सड़क

ये 150 किमी लंबी सड़क 2019 तक बनकर तैयार हो जाएगी. इस सड़क का निर्माण युद्ध स्तर पर जारी है. नेशनल हाइवे अथॉरिटी के एक अधिकारी के मुताबिक, इस सड़क पर न कोई टनल बनेगा और न ही कोई पुल. क्योंकि यहां की मिट्टी इस हिसाब की नहीं है.

सड़क की कितनी है लागत?

इस सड़क की कुल लागत 1,065 करोड़ रुपए है. इसका निर्माण इंजीनियरिंग प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) के तहत किया जा रहा है. इस की चौड़ाई 12 मीटिर होगी. फिलहाल 4 कंपनियों को ये निर्माण कार्य सौंपा गया है. इन कंपनियों का चुनाव उनके ऑल वेदर रोड बनाने के अनुभव के अधार पर किया गया है.

क्या था डोकलाम विवाद?

बता दें, इसी साल जून से लेकर अगस्त के अंतिम हफ्ते तक भारत-चीन बॉर्डर के डोकलाम इलाके में देनों देशों की सेनाओं के बीच तनातनी देखने को मिली थी. ये माहौल काफी तनावपूर्ण था. ये विवाद सड़क बनाने को लेकर ही शुरू हुआ था.

दरअसल भारतीय सेना के दल ने चीन के सैनिकों को इस इलाके में सड़क बनाने से रोका था. चीन का दावा है था कि वह अपने इलाके में सड़क निर्माण कर रहा है. जबकि इस इलाके को भारत के लिहास से ये इलाके काफी महत्वपूर्ण है. चीन ये भी दावा करता है कि ये इलाका उसके डोंगलांग रीजन का हिस्सा है.

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