SPK news desk, मुंबई हमले को नौ साल हो गए हैं। नौ सालों में कई परिवार हैं जिन्हें इंसाफ का इंतजार है जबकि पाकिस्तान में मुंबई हमलों के मुख्य आरोपी हाफिज सईद को पाक की अदालत ने रिहा कर दिया है। मुंबई हमलों में रमेश बांभनिया को 26 नवंबर 2008 को मछली पकड़ने वाली उसकी बोट के साथ ही आतंकियों ने अपहरण कर लिया था और बाद में उसे मार दिया था। 2008 में रवीना सात साल की थीं, अब बड़ी हो गई हैं। वो एक टीचर बनना चाहती हैं और मां परिवार चलाने के लिए हर दिन जूझ रही है। रमेश सरकारी दस्तावेजों में आज भी मिसिंग पर्सन हैं। परिवार चलाने के लिए कंपनी ने 75000 रुपये दिए थे लेकिन उसका पैसा चार बच्चों को पालने के लिए नाकाफी साबित हुए। रमेश के चार बच्चे थे जिसमें बेटा महेश, बेटी रीना, रवीना और मनीषा शामिल थीं।
गुजरात के उना ताल्लुका के सिमासी गांव में उस रात आतंकियों ने चार मछुआरों का अपहरण कर लिया था। जब मुबंई के तट पर कैप्ट‍न अमर सिंह सोलंकी की बॉडी मिली थी तब और सभी मछुआरों का कोई नामोनिशन नहीं मिला था। आधिकारिकतौर पर सरकार ने उन्हें मृत घोषित नहीं किया है।

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