SPK News desk, ज्यादती और गैंगरेप की घटनाओं को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार कानून में बड़ा फेरबदल करने जा रही है। अब प्रदेश में 12 साल तक की बच्ची से किसी ने भी ज्यादती की या महिला के साथ गैंगरेप की घटना होती है तो उसे फांसी की सजा दी जाएगी। दंड विधि (मध्य प्रदेश अमेंडमेंट बिल) 2017 में प्रस्तावित इस अमेंडमेंट पर शनिवार को सीएम शिवराज सिंह चौहान ने हामी भर दी है। पुलिस के टॉप अफसरों को बुलाकर सीएम ने तमाम पहलुओं पर गौर करके बदलावों को मंजूरी दे दी। रविवार को मंत्रालय में कैबिनेट बैठक रखी गई है, इसमें यह मसौदा पेश होगा। इसके साथ दूसरे सप्लीमेंट पर भी बात होगी। चर्चा के दौरान पुलिस अफसरों ने फांसी की सजा को कुछ कड़ा बताया तो शिवराज ने कहा कि हत्या के आरोपियों को भी फांसी की सजा का प्रोविजन है, लेकिन कितनों को फांसी हो गई। इसलिए ज्यादती या गैंगरेप के मामलों में नरमी से काम नहीं बनेगा। फांसी की सजा का प्रोविजन जरूरी है। इसके बाद सभी इस पर सहमत हो गए। प्रपोज्ड अमेंडमेंट में छेड़छाड़ की घटना को भी शामिल किया गया। एक बार छेड़छाड़ की घोषित सजा पाने के बाद यदि आरोपी दोबारा इस तरह की घटना को अंजाम देता है तो उससे अपराधियों जैसा बर्ताव होगा और सजा भी कड़ी होगी।
पिछले मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह प्रस्ताव टल गया था। तब चर्चा के दौरान मंत्रियों ने यह सवाल खड़े कर दिए थे कि यदि फांसी की सजा का प्रोविजन रखेंगे तो रेप करने वाला शख्स फंसने के डर से बच्चियों या विक्टिम को जान से मार सकते हैं। तब मुख्यमंत्री ने कहा था कि इस प्रस्ताव पर एक बार और चर्चा की जाए। फिर कैबिनेट में लाएं। यह काम तेजी से हो, क्योंकि शीतकालीन सत्र में ही यह विधेयक पेश किया जाएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here