चमारखेड़ा का नाम बदलने का विरोध, प्रदर्शन

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फोटो कैप्शन : गांव का नाम बदलने के खिलाफ प्रदर्शन करते लोग। (छाया : देवेन्द्र उप्पल)
एनबीटी न्यूज, हिसार : जिले की तहसील उकलाना के गांव चमारखेड़ा का नाम बदलने जाने को लेकर दलित जाति के लोगों ने कड़ा रोष जताया है। इस जाति के लोगों ने सोमवार को हिसार पहुंचकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और सीएम के नाम एक ज्ञापन भेजकर गांव का नाम चमारखेड़ा ही रखे जाने की मांग की। डॉ. अंबेडकर युवा विकास समिति चमारखेड़ा ने आदर्श गांव चमारखेड़ा का नाम सुंदरखेड़ा रखने की घोषणा पर कड़ा रोष जताया है। इसके विरोध में सोमवार को समिति के बैनर तले सैकड़ों ग्रामीणों व अन्य संगठनों ने सिरसा रोड स्थित गुरु रविदास छात्रावास से पैदल प्रदर्शन करते हुए लघुसचिवालय पहुंचकर अपना ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में शामिल दलित समाज के लोगों कुलदीप, राजकपूर, दर्शन सिंह, होशियार सिंह, भागचंद, रामस्वरूप, रूलीराम, मोहनलाल, सज्जन कुमार, सुरेंद्र कुमार ने कहा कि लगभग 200 वर्ष पूर्व उनके पूर्वजों ने चमारखेड़ा गांव की नींव रखी थी। इसी के आधार पर इस गांव का नाम चमारखेड़ा पड़ा। बाद में अन्य जातियां भी भाइचारे के साथ यहां पर बसने लगीं। इस दौरान किसी को भी कोई आपत्ति नहीं थी, लेकिन आज आजादी के 70 साल बाद गांव के कुछ असामाजिक तत्वों ने गांव का भाईचारा खराब करने के लिए व आदर्शन गांव चमारखेड़ा का नाम चमार जाति को अपमानित व नीचा दिखाने के लिए इस गांव का नाम बदलना चाहते हैं।

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