IPL से इस टीम को बाहर करने की वजह से BCCI को चुकाने पड़ सकते हैं 850 करोड़

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टीम इंडिया के क्रिकेटरों के डोप टेस्ट को लेकर राष्ट्रीय रोधी एजेंसी (नाडा) के साथ चल रही खिंचतान पर बीसीसीआई 11 दिसंबर को अपनी स्पेशल जनरल मीटिंग (एसजीएम) में कोई बड़ा फैसला ले सकती है।

इस मीटिंग में नाडा के अलावा राजस्थान क्रिकेट संघ (आरसीए) का निलंबन खत्म करने, साल 2019 से 2021 के बीच होने वाले फ्यूचर टूर प्रोग्राम (एफटीपी) और खत्म हो चुकी आईपीएल फ्रेंचाइजी कोच्चि टस्कर्स केरल के मुआवजे के दावे पर भी चर्चा की जाएगी।

बीसीसीआई के कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना ने बताया कि बीसीसीआई के कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी ने एससीएम के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन भेजा है।

खन्ना ने बताया कि हमने इस महीने के शुरूआत में ही नाडा को जवाब भेज दिया है। जवाब में कहा गया है कि नाडा के पास टीम इंडिया के क्रिकेटरों का डोप टेस्ट लेने का कोई अधिकार नहीं है।

उन्होंने कहा कि एसजीएम में इस मुद्दे पर भी चर्चा होगी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी ऑफ ऐडमिनिस्ट्रेटर (सीओए) ने अपने फैसले में यह साफ कर दिया था कि बीसीसीआई को नाडा के अंतर्गत आने की जरूरत नहीं है क्योंकि वो पहले ही एक डोपिंग रोधी प्रणाली का इस्तेमाल कर रहा है।

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इसके अलावा आरसीए से निलंबन हटाने को लेकर भी चर्चा की जाएगी। बता दें कि 2014 में आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी के आरसीए का अध्यक्ष चुने जाने के बाद बीसीसीआई ने इसे निलंबित कर दिया था। बीसीसीआई के निलंबन के बाद हाईकोर्ट की निगरानी में आरसीए अध्यक्ष पद के लिए फिर चुनाव कराए गए और कांग्रेस के सीपी जोशी नए अध्यक्ष चुने गए।

सीपी जोशी ने इस चुनाव में ललित मोदी के बेटे रुचिर को मात दी थी। इसके अलावा इस मीटिंग में आईपीएल में खेली कोच्चि टस्कर्स केरल के साथ बीसीसीआई द्वारा करार खत्म करने के मुद्दे पर भी चर्चा की जाएगी। माना जा रहा है कि बीसीसीआई को इस फ्रेंचाइजी को 850 करोड़ रुपए की मोटी रकम मुआवजे के तौर पर चुकानी पड़ सकती है।

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