विधानमंडल का शीतकालीन सत्र : भ्रष्टाचार और घोटाले पर जमकर भिड़े पक्ष-विपक्ष

0
150

पटना । बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र का आज तीसरा दिन भी हंगामे के बीच शुरू हुआ। विधानसभा में जहां भ्रष्टाचार और घोटाले के मुद्दे पर पूर्व उपमुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री में तीखी बहस हुई तो वहीं सदन के बाहर भी विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी कर कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाया और जमकर नारेबाजी की।

नेता प्रतिपक्ष ने घोटालों को लेकर सवाल किया जिसका जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि भ्रष्टाचार और घोटाले के दोषी अगर पाताल में भी छिपे होंगे तो उन्हें हम ढूंढ निकालेंगे और कड़ी सजा दिलवाएंगे। उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषी जो भी हो किसी को बचाने का सवाल ही नहीं उठता।

इस पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि घोटाले तो रोज उजागर हो रहे हैं, क्या कार्रवाई हो रही। आपलोग कहते फिर रहे हैं कि अब डबल इंजन लग गया है विकास तेजी से होगा। तो अाप ही बताईए कि डबल इंजन विकास के लिए लगा है कि घोटाले के लिए?

बता दें कि शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन कई विधेयक पेश किये जाने हैं, जिसपर हंगामे के बीच चर्चा जारी है। विपक्षी सदस्य सदन के अंदर सवालाें को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे है। विपक्ष की ओर से कानून-व्यवस्था को लेकर सदन में कार्यस्थगन प्रस्ताव लाया गया है. इसे लेकर श्याम रजक और नंदकिशोर ने कहा कि राजद को यह अधिकार नहीं है कि वह इस मुद्दे पर बात करे।

श्याम रजक ने कहा कि बिहार की जनता आज जितना सुरक्षित महसूस कर रही है, उतना पहले कभी नहीं करती थी। दस-पंद्रह वर्ष पहले जो स्थितियां थी, वह आज नहीं है। परिस्थितियां बदल गयी हैं। छिटपुट घटनाएं होती हैं, इसे नकारा नहीं जा सकता। जिन लोगों के पेट में दर्द होता है, उन्हें अपने गिरेबां में भी झांकना चाहिए।

वहीं, नंद किशोर यादव ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है। राजद को कानून-व्यवस्था के बारे में सवाल उठाना हास्यास्पद है। राजद ने अपने शासनकाल में जिस तरह से बिहार को तबाह-बरबाद किया, अपराधियों का राज कायम किया था, उन्हें कोई नैतिक अधिकार नहीं है कि कानून-व्यवस्था के बारे में बात करें। विधानमंडल की कार्यवाही के अनुरूप कोई प्रस्ताव आता है, तो हम सदन में बहस के लिए तैयार हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here