आपको गले लगा सकती हूं: ट्रांसजेंडर का ओबामा से सवाल, जवाब मिला- हां

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नई दिल्ली.अमेरिका के पूर्व प्रेसिडेंट बराक ओबामा ने कहा कि भारत और अमेरिका में बहुत कुछ कॉमन है, जैसे डेमोक्रेसी और कल्चर। ओबामा ने दिल्ली में टाउन हॉल के दौरान ये बात कही। उन्होंने कहा, “हमें बांटने वाली ताकतों के खिलाफ लड़ना होगा।” ओबामा भारत के 300 यंग लीडर्स और आंत्रप्रेन्योर्स से बातचीत भी कर रहे हैं। इसे Obama.org, फाउंडेशन के फेसबुक पेज और यूट्यूब पर लाइव किया जा रहा है। इस दौरान एक ट्रांसजेंडर सोशल एक्टिविस्ट ने पूछा- क्या मैं आपको गले लगा सकती हूं? इस पर ओबामा ने जवाब दिया- हां… लेकिन प्रोग्राम के बाद। बता दें कि ओबामा की यह तीसरी विजिट है। पहली बार वे प्रेसिडेंट के तौर पर आए थे।

टाउन हॉल में बराक ओबामा, खास बातें

1) हम व्हाइट हाउस में दीवाली मनाते हैं
– ओबामा ने अपनी स्पीच की शुरुआत हिंदी में कही। उन्होंने कहा, “बहुत धन्यवाद।”
– वे बोले, “मैं इस देश में रिपब्लिक डे पर चीफ गेस्ट बनने वाला पहला अमेरिकी प्रेसिडेंट था। हम व्हाइट हाउस मे दीपावली भी मनाते हैं। आज अमेरिका में लाखों भारतीय हैं और वहां की इकोनॉमी ही नहीं, बल्कि हर सेक्टर में योगदान दे रहे हैं। हम लोगों में बहुत कुछ कॉमन है। जैसे डेमोक्रेसी और कल्चर। कुछ सेक्टर ऐसे हैं जहां आज भी काम किए जाने की जरूरत है। बांटने वाली ताकतों के खिलाफ हमें खड़ा होना है।”

2) नेक्स्ट जेनरेशन लीडरशिप तैयार करनी है
– पूर्व अमेरिकी प्रेसिडेंट ने कहा, “हमें अगली जेनरेशन के लिए लीडरशिप तैयार करनी है। ओबामा फाउंडेशन हर जगह डिजिटल नेटवर्क खड़ा करना चाहता है। यहां आने के पहले हमने जर्मनी और ब्राजील में भी काम किया और लोगों से बातचीत की। हम जानते हैं कि भारत में कई यंग लीडर्स हैं। ये लोग कल्चर से लेकर एनवायर्नमेंट तक के लिए काम कर रहे हैं। जाहिर है भारत दुनिया के लिए आशावाद का केंद्र है।”
3) परेशानियों से उबरकर दुनिया को कुछ देना है
– ओबामा ने कहा, “भारत में कुलदीप दंगवादिया जैसे लोग हैं। जिन्होंने समाज के लिए बहुत कुछ किया है। मुद्दा ये है कि इन यंग लीडर्स ने दुनिया को बताया है कि अगर इच्छाशक्ति हो तो दुनिया को एक नए और बेहतर रास्ते पर ले जाया जा सकता है। आप को बांटकर देखने की बजाए सिर्फ ये सोचना है कि आप इंसान हैं और इस दुनिया को कुछ देने के लिए इस जमीन पर आए हैं। आगे बढ़ने के लिए काम करते हैं तो कई दिक्कतें और परेशानियां आएंगी। लेकिन, इनसे ही तो बाहर निकलकर दुनिया को कुछ देने की चुनौती आपके सामने है। इसलिए मैं कहता हूं कि मिलकर काम करना है।”

4) नैचुरल फूड्स के तरजीह दी जानी चाहिए
– ओबामा ने यंग लीडर्स के बारे में बोलने से पहले कहा, “अगर मैं प्रोग्राम के बीच में कुछ देर खड़ा रहकर बात करता हूं तो बुरा मत मानिए, क्योंकि यहां से निकलने के बाद मुझे बहुत लंबी फ्लाइट में बैठना है।”
– हेल्थ अवेयरनेस के सवाल पर ओबामा बोले, “मुझे लगता है कि यंग लोगों को इस बारे में दुनिया को अवेयर करना होगा, क्योंकि उनके पास हेल्थ के बारे में ज्यादा जानकारी होती है। विकसित देशों में हेल्थ की सुविधाएं ज्यादा हैं, लेकिन बीमारियों को रोकने के लिए और काम किए जाने की जरूरत है। हम उम्मीद करते हैं कि माताओं को प्रसव से पहले सावधानियां रखनी चाहिए। साफ पानी मिलना चाहिए और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं पर काम किया जाना चाहिए। इसके लिए पैसा भी जरूरी है। न्यूट्रिशन एक अहम मसला है। ज्यादा नहीं, लेकिन भोजन सेहत को बेहतर बनाने वाला हो। नैचुरल फूड्स को तरजीह दी जानी चाहिए। इससे हमारे किसानों और हमें दोनों को फायदा होगा।”
5) ऑनलाइन संपर्क करें, लेकिन ऑफलाइन जरूर मिलें
– उन्होंने कहा, “टेक्नोलॉजी दुनिया को बेहतर बना सकती है लेकिन कई बार इसके खतरे भी सामने आते हैं। इसके जरिए आप लोगों तक बहुत जल्दी पहुंच सकते हैं। मुझे अपने इलेक्शन में सोशल मीडिया का बहुत फायदा मिला था। ब्यूरोक्रेसी और इन्फ्रास्ट्रक्चर में इसका इस्तेमाल बढ़ाया जाना चाहिए। इन्फॉर्मेशन को हम लोगों तक जल्दी पहुंचा सकते हैं, लोग हमसे कम्युनिकेट कर सकते हैं। इसके जरिए ज्यादा लोगों तक, ज्यादा जल्दी और ज्यादा कारगर तरीके से अपनी बात और सुझाव पहुंचा सकते हैं। अगर आपको कोई पढ़ाने वाला ना हो तो आप टेक्नोलॉजी के जरिए भी बेहतर एजुकेशन हासिल कर सकते हैं। इसके लिए डिवाइस मौजूद हैं। लेकिन, मैं मानता हूं कि टेक्नोलॉजी के खतरे भी हैं। आपको इन खतरों का ध्यान रखना और इनसे बचना है। ताकि सोसायटी पर इसका बुरा असर ना पड़े। हम चाहते हैं कि लोग ऑनलाइन संपर्क करें, लेकिन ऑफलाइन जरूर मिलें। हम ओबामा फाउंडेशन में लोगों के एक दूसरे से मिलने को ज्यादा अहम मानते हैं।”
6) काम के दौरान मस्ती में रहें, ये सुकून देता है
– अमेरिका के पूर्व प्रेसिडेंट ने कहा, “हमारे देश में सुप्रीम कोर्ट ने अलग-अलग नस्लों के लिए अलग स्कूल के विचार को खारिज कर दिया था। आज इसका नतीजा सामने है। आज इससे समाज को फायदा मिल रहा है। दुनिया को भूख से बचाना है। आपको उन लोगों को सुनना चाहिए, जिनसे आप मदद लेना चाहते हैं। क्योंकि, इससे समाज को ही फायदा मिलना है। कुछ लोग क्लाइमेट चेंज का मामला उठाते हैं। सूखे की बात करते हैं, लेकिन इन सारी चीजों को किस तरह रोका जाए…ये भी सोचना होगा। आपको अपने प्रयास और एजेंडा ऐसे सेट करना चाहिए कि आपकी ऊर्जा सही दिशा में लगे। आप जिन लोगों के साथ कम कर रहे हैं, उनसे रिश्ते बेहतर होने चाहिए। ऐसा करने से कामयाबी जल्दी मिलती है। ये बहुत जरूरी है कि आप अपने काम करने के दौरान खूब मस्ती भी करें। मैं यही करता था। इससे सुकून मिलता है। देखिए काम करने के साथ सबसे जरूरी चीज मनोरंजन है। फिल्म देखें, खेलें या पार्टी करें। नहीं तो जो काम आप कर रहे हैं उसमें मन नहीं लगेगा। कुछ खालीपन सा लगता है।”
7) ट्रांसजेंडर ने पूछा- हमारे साथ भेदभाव क्यों?
– टाउन हॉल में एक ट्रांसजेंडर ने ओबामा से कहा, “मैंने भीख मांगी, सेक्स वर्कर रही और आज आपसे प्यार करती हूं। मेरे कई सवाल हैं। मेरे पास यहां आने के पैसे नहीं थे। एक एनजीओ ने यहां तक पहुंचाया। मेरा सवाल है कि राज्य ट्रांसजेंडर से भेदभाव क्यों करता है? मैं कैसे अपने सवालों और परेशानियों का हल करा सकती हूं। हम भी समाज का हिस्सा हैं? मैं आपको गले लगा सकती हूं?”
– ओबामा ने जवाब दिया, “जरूर, लेकिन इस प्रोग्राम के बाद।”
– “यह भारत की संसद और उसके कानून का मामला है। हम चाहते हैं कि सभी को अपनी आवाज उठाने का हक मिले। सिर्फ इसलिए कि कोई अलग है, उसके साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। हमको एक सही तरीके से समाज की सोच में बदलाव लाना होगा। एक अश्वेत के तौर पर मुझे भी पहले यही लगता था कि मैं दुनिया से अलग हूं। अच्छा नहीं लगता था। लेकिन, वहां हालात बदले। आप जब आवाज उठाते हैं तो लोग फिर साथ आ ही जाते हैं। अगर आप ट्रांसजेंडर हैं तो आपको सेक्शुअल असाल्ट के खिलाफ आवाज उठानी होगी। राजनीतिक दबाव बनाना होगा और लोगों को अपने साथ लाने की कोशिश करनी होगी। इसमें वक्त लगता है, लेकिन कामयाबी तय है। अमेरिका और दूसरे देशों में एलजीबीटी इश्यू हैं। आपसे इस बारे में मिशेल भी बात करेंगी। मैं जब कॉलेज में था, तब एलजीबीटी लोगों ने संगठन बनाना शुरू कर दिया था। कई किताबें इन पर लिखी गईं। अब यह खुला मुद्दा है और इसमें काफी सुधार हुआ है।”
कितने टाउन हॉल कर चुके हैं ओबामा?
– एक फेसबुक मैसेज में ओबामा ने कहा था, ”मैं भारत के यंग लीडर्स के साथ टाउन हॉल करूंगा। सवाल-जवाब के दौरान वे मुझसे समाज को आगे लेकर जाने के लिए आइडिया शेयर करेंगे कि इसमें ओबामा फाउंडेशन क्या रोल निभा सकता है।”
– बता दें कि इसके पहले बराक ओबामा जर्मनी, इंडोनेशिया और ब्राजील में यंग लीडर्स के साथ टाउन हॉल कर चुके हैं।
– फिलहाल ओबामा तीन देशों (फ्रांस, भारत और चीन) के दौरे पर हैं। शनिवार को वह चीन जाएंगे और राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे। शुक्रवार को ओबामा ने फ्रांस में लेस नेपोलियन्स समिट में हिस्सा लिया। साथ ही कुछ प्राइवेट मीटिंग भी की।
पिछली बार कब भारत आए थे ओबामा?
– बता दें कि बराक ओबामा 2015 में रिब्लिक डे परेड समारोह के चीफ गेस्ट थे। तब वे फैमिली के साथ भारत आए थे। इस दौरान मोदी-ओबामा ने साथ में रेडियो प्रोग्राम ‘मन की बात’ में हिस्सा लिया था।
12 दिन के एशिया दौरे पर आए थे ट्रम्प
– बता दें कि अमेरिका के मौजूदा राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रम्प पिछले दिनों एशिया के दौरे पर आए थे। 12 दिन के दौरे में उन्होंने नरेंद्र मोदी, शी जिनपिंग और दुनिया को बाकी बड़े नेताओं से मुलाकात की थी।

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