SPK News desk, केंद्र सरकार ने एक बार में तीन तलाक पर रोक लगाने के लिए मसौदा बिल तैयार कर लिया है, जिसके तहत तीन तलाक देना अवैध और अमान्य होगा। ऐसा करने पर पति को तीन साल की जेल और जुर्माना भी हो सकता है। तीन तलाक देना गैर जमानती और संज्ञेय अपराध होगा। इस अपराध के लिए कितना जुर्माना लगेगा यह मजिस्ट्रेट तय करेंगे। सरकार यह कदम सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद तीन तलाक देने के मामलों को देखते हुए उठा रही है। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विधेयक का नाम मुस्लिम वुमेन प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ऑन मैरिज बिल है। राज्यों को तत्काल अपना जवाब देने को कहा गया है। राज्यों की राय मिलने के बाद कानून मंत्रालय मसौदे को मंजूरी के लिए कैबिनेट के सामने पेश करेगा। सूत्रों का कहना है कि सरकार इस बिल को 15 दिसंबर से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र में पेश कर सकती है। संसद से बिल के पारित होने के बाद यह कानून सिर्फ एक बार में तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) पर ही लागू होगा। यह कानून पीड़िता को खुद और अपने नाबालिग बच्चों के लिए भरण-पोषण और गुजारा भत्ता के लिए मजिस्ट्रेट के पास जाने की शक्ति देगा।पीड़िता नाबालिग बच्चों की कस्टडी भी मांग सकेगी। इस मामले पर मजिस्ट्रेट अंतिम फैसला लेंगे। प्रस्तावित बिल में इस बात के विशेष प्रावधान किए गए हैं कि किसी भी स्वरूप में दिया गया तीन तलाक मौखिक, लिखित या इलेक्ट्रॉनिक जैसे ईमेल, एसएमएस या व्हाट्सएप गैरकानूनी और अमान्य होगा।

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