बिहार का जर्दालु आम, कतरनी धान और मगही पान हो गया खास, जानिए

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पटना [राज्य ब्यूरो]। बिहार के जर्दालू आम, कतरनी धान एवं मगही पान को अंतरराष्ट्रीय स्तर की पत्रिका ज्योग्राफिकल इंडिकेशन जॉर्नल में जगह मिली है। उक्त जर्नल में इसे राज्य के बौद्धिक संपदा अधिकार शीर्ष से जगह मिली है। कृषि मंत्री डॉ प्रेम कुमार ने इस आशय की जानकारी दी।कृषि मंत्री ने बताया कि भागलपुर के जर्दालु आम उत्पादक संघ के आवेदन को स्वीकृत करते हुए ज्योग्राफिकल इंडिकेशन जॉर्नल ने स्थान दिया है। ऐसा माना जाता है कि जर्दालु आम को सबसे पहले अली खान बहादुर ने इस क्षेत्र में लगाया था।जर्दालु आम की विशेषता है कि इसका फल हल्के पीले रंग का होता है तथा यह विशेष सुगंध के कारण विश्व भर में प्रसिद्ध है। भागलपुर कतरनी उत्पादक संघ को कतरनी भौगोलिक दर्शन के लिए पंजीकृत किया गया है।कतरनी धान अपनी लंबाई और सुगंध के लिए मशहूर है। नवादा जिला स्थित मगही पान उत्पादक कल्याण समिति देवड़ी के आवेदन को मान्यता दी गयी है।

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