सावधान! उत्तर व दक्षिण बिहार को जोडऩे वाले इस पुल पर हैं ये 10 खतरे, जानिए

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पटना सिटी । उत्तर व दक्षिण बिहार को जोडऩे वाले पटना-हाजीपुर पीपा पुल पर परिचालन का आज दूसरा दिन है। चिह्नित स्थानों पर पुलिस तैनात दिख रही है, लेकिन यात्रियों की लापरवाही तथा पुल की स्थिति के कारण यहां कई खतरे दिख रहे हैं।

आइए डालते हैं पहले दिन के यातायात के आधार पर पुल की टॉप टेन समस्याओं पर, जिन्हें जल्द दूर नहीं किया गया तो गांधी सेतु के जाम का विकल्प बना पीपा पुल खुद एक समस्या बन जाएगा।

समस्या एक

प्रतिबंध के बावजूद पहले दिन सवारी से भरे टेम्पो का परिचालन तेज गति में पीपा पुल से होता रहा। तीन पहिया इस वाहन के असंतुलित हो कर पानी में गिरने के खौफ से पुलिस कर्मी भी डरे-सहमे रहे। पीपा पर चलने के दौरान ऊपर-नीचे होने व झटके से टेम्पो पर बैठे बच्चे या किसी यात्री के झटका खाकर गंगा में गिरने का डर बना रहा।

समस्या दो

सुबह छह से शाम पांच बजे के बीच दो पाली में वाहनों के परिचालन का समय व दिशा कहीं भी दर्ज नहीं था। बोर्ड पर समय दर्ज नहीं होने के कारण हाजीपुर एवं पटना आने जाने के लिए यात्री पुल तक पहुंचते रहे। इन्हें पुलिस कर्मियों ने लौटाया। इस दौरान पुलिस-पब्लिक के बीच बकझक होती रही। लोग परेशान हुए।

समस्या तीन

पीपा पुल के दोनों किनारे स्थित गंगा तट पर रोशनी की व्यवस्था नहीं की गई है। सुबह छह बजे कोहरे के बीच हाजीपुर से वाहन पटना की ओर इस पुल से आएगा। इस दौरान दुर्घटना की संभावना पहले ही दिन नजर आई। ठंड बढऩे पर कोहरा घना होगा। शाम पांच बजे के बाद गायघाट में तट पर अंधेरा छाने से भी मुश्किल होगी।

समस्या चार

तेरसिया गांव एवं गायघाट में पुल के दोनों सिरों पर वाहनों की आवाजाही के दौरान खूब धूल उड़ा। इस पर कई चालकों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यह धूल कभी भी दुर्घटना की वजह बन सकती है। सुबह से शाम के बीच कई बार इस धूल पर पानी का छिड़काव जरूरी है। दोपहिया वाहन के सवारी धूल से सन गये।

समस्या पांच

गायघाट में ढलान से उतर कर पीपा पुल पर जाने के क्रम में वाहनों को अनियंत्रित होकर गंगा में गिरने से बचाने के लिए बांस-बल्ले से की गई बैरीकेङ्क्षडग बेहद कमजोर है। इसे स्थायी रूप से मजबूत लोहा का बनाने की जरूरत है। वाहन चालकों ने कहा कि इस बैरीकेङ्क्षडग से चलता वाहन रुक ही नहीं सकता है।

समस्या छह

पीपा पुल और तट के बीच के ज्वाइंट पर ब्रेकरनुमा बाधा के कारण वाहनों के परिचालन पर असर पड़ा। रफ्तार में आ रहे वाहनों के अचानक इस बाधा पर पहुंच कर ब्रेक लगाने से पीछे आ रहे वाहनों के टकराने की संभावना बनी रही। इस कारण चालक डरे-सहमे दिखे।

समस्या सात

पीपा पुल पर पैदल चलने पर रोक है। बावजूद इसके लोग इस पुल का रोमांच भरा सफर करने के लिए वाहनों के बीच से पैदल आते-जाते दिखे। बाइक सवार बीच पुल पर बाइक रोक सेल्फी लेते दिखे। कई प्रेमी युगल भी पुल पर पहुंच कर गंगा के बैकग्राउंड में एक-दूसरे की तस्वीर उतारते नजर आए।

समस्या आठ

हाजीपुर से पटना पहुंचने एवं पटना से हाजीपुर जाने वाले वाहन गायघाट स्थित अशोक राजपथ के उत्तर में नीनी की ओर जाने वाली सड़क पर फंसते रहे। इस सड़क के दोनों किनारे वाहनों का अवैध पड़ाव था। कई दुकानें खुली हैं। इस अतिक्रमण से मार्ग में जाम के हालात यहां बने रहे। वाहनों की कतार गंगा तट तक लग गई।

समस्या नौ

पीपा पुल पर वाहनों के चलने की गति अधिकतम 20 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित है। कई बाइकर्स ने पुल पर तेज रफ्तार में बाइक चला कर पानी को चीरते पुल के रोमांच का लुत्फ उठाया। लोहे की मोटी चादर से बनी सड़क पर बाइक का पहिया फिसलने से संभावना बनी रही। गत वर्ष इस पुल पर हुई बाइक दुर्घटना में चार की मौत और कई गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे।

समस्या दस

पीपा पुल से होकर गायघाट चौराहा पहुंचने तथा पटना सिटी, डंका इमली गोलंबर और गांधी मैदान की ओर से अशोक राजपथ के रास्ते चल कर पीपा पुल जाने के लिए गायघाट चौराहा पहुंचने वाले वाहनों की रफ्तार पर लगाम लगाने की जरूरत है। यहां ट्रैफिक व्यवस्था चुस्त करनी होगी। दुर्घटना की संभावना यहां बनी रहती है।

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