अमरीका ने यरूशलम में हिंसा का दोष यूएन पर डाला

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अमरीका ने इसराइल और फ़लस्तीनी प्रशासन के बीच शांति की कोशिशों को नुकसान पहुंचाने के लिए संयुक्त राष्ट्र को ज़िम्मेदार ठहराया है.

संयुक्त राष्ट्र में अमरीकी प्रतिनिधि निक्की हेली ने कहा, ”संयुक्त राष्ट्र इसराइल के प्रति शत्रुता दिखाने वाला दुनिया का एक प्रमुख केंद्र है.”

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने यरूशलम को इसराइल की राजधानी मानने और अमरीकी दूतावास को यरूशलम ले जाने का फ़ैसला किया, इस फ़ैसले के बाद निक्की हेली संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक आपातकालीन बैठक को संबोधित कर रही थीं.

अमरीकी राष्ट्रपति के इस फ़ैसले की चारों तरफ़ निंदा हो रही है और इसराइली कब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में हिंसक झड़पे भी हुई हैं.

फ़लस्तीनी सेना ने इसराइली इलाक़ों में रॉकेट दागे, वहीं इसके जवाब में इसराइल ने भी गाज़ा पट्टी में हवाई हमले किए जिसमें कुछ लोग घायल भी हुए हैं.

साथ ही इसराइल ने कहा है कि उसने हमास के चरमपंथी संगठनों को निशाना बनाया है. इसराइली सेना के अनुसार उन्होंने शनिवार सुबह हमास के हथियार निर्माण स्थल और आयुध भंडार पर हमला किया है.

शुक्रवार सुबह जब इसराइली सेना ने गज़ा में भीड़ पर हमला किया तो इसमें तो दो फ़लस्तीनी नागरिक मारे गए.
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मध्य पूर्व में तनाव

राष्ट्रपति ट्रंप के यरूशलम को इसराइल की राजधानी मानने के फ़ैसले के बाद से ही पूरे मध्य पूर्व में तनाव बना हुआ है.

इसराइल लंबे समय से यरूशलम को अपनी राजधानी बताता रहा है, जबकि फ़लस्तीनी प्रशासन का दावा है कि पूर्वी यरूशलम उसकी भविष्य की राजधानी है जिस पर इसराइल ने 1967 के युद्ध में कब्ज़ा जमा लिया था.

निक्की हेली ने संयुक्त राष्ट्र की बैठक में कहा, ”यरूशलम ही इसराइल की राजधानी है और अमरीका शांति समझौते को मानने के लिए प्रतिबद्ध है.”

”इसराइल को संयुक्त राष्ट्र या अन्य देशों के संगठन के ज़रिए ऐसे प्रस्ताव के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता जो उसकी सुरक्षा के लिए ख़तरा पैदा करे.”

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