डोकलाम में सैनिकों के दोबारा जमावड़े के बीच चीन ने भारत संग संबंधों को बताया महत्वपूर्ण

0
268

पेइचिंग
सिक्किम-भूटान और चीन की सीमा से लगते इलाके डोकलाम में तनाव के बीच ड्रैगन ने भारत के साथ अपने संबंधों को महत्वपूर्ण करार दिया है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा है कि चीन और भारत ने जिस तरह से डोकलाम मसले को निपटाया है, उससे पता चलता है दोनों देशों के संबंध किस स्तर के हैं। हालांकि इसके साथ ही उन्होंने डोकलाम को चीन का हिस्सा भी करार दिया है। फिलहाल नई दिल्ली में रूस, चीन और भारत के विदेश मंत्रियों के बीच बैठक चल रही है। इस बैठक के लिए रवाना होने से पहले वांग यी ने यह बात कही। इस बैठक दौरान चीनी विदेश मंत्री भारत के अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे।

डोकलाम में 1800 चीनी सैनिकों ने डाला डेरा

वांग ने कहा, ‘चीन हमेशा से पड़ोसियों के साथ बेहतर संबंधों को महत्व देता रहा है। दोनों बड़े पड़ोसी देश हैं और प्राचीन सभ्यताएं हैं।’ उन्होंने कहा कि भारत-चीन के संबंधों का रणनीतिक महत्व इतना है कि मामूली टकराव उसमें किसी तरह की बाधा नहीं बनते। पिछले सप्ताह एक कार्यक्रम में वांग यी ने कहा, ‘डोकलाम इलाके में दोनों देशों के बीच तनाव को कूटनीतिक तरीके से निपटाने में सफलता हासिल की गई है।’

हालांकि इस दौरान उन्होंने डोकलाम को चीन का ही हिस्सा करार दिया। वांग यी ने कहा, ‘कूटनीतिक प्रयासों के बाद भारतीय पक्ष ने अपने हथियारों और सैनिकों को वापस बुला लिया। इससे पता चलता है कि दोनों देशों के रिश्ते किस स्तर के हैं और कितने महत्वपूर्ण हैं।’ उन्होंने कहा कि भारत और चीन के बीच जितने मतभेद हैं, उससे कहीं ज्यादा साझा हित हैं।

‘डोकलाम में डटे 1800 चीनी सैनिक’
गौरतलब है कि सिक्किम-भूटान-तिब्बत सीमा के पास डोकलाम क्षेत्र में 1600-1800 चीनी सैनिक फिर आ जमे हैं। वे यहां हेलिपैड्स, रोड और शिविरों को बनाने का काम कर रहे हैं। सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि भारत को रणनीतिक लक्ष्य मिल गया है और अब चीन को दक्षिण की तरफ किसी भी हालत में सड़क का विस्तार नहीं करने दिया जाएगा। इस क्षेत्र में पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के जवान स्थाई रूप से रहते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.