‘दहेज को कहें ना’ अभियान का पटना में हुआ समापन

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पटना। मंगलवार की सुबह पटना और पूरे बिहार के लिए एक जन सरोकार से संबंधित, समाज को बदलने का संदेश लेकर आई। आयोजन था दहेज की कुरीति के खिलाफ एकजुट होकर इस दानव को बिहार से बाहर भगाने का।कुल 21 दिन से दैनिक जागरण द्वारा चलाए गए दहेज के खिलाफ अभियान-दहेज को कहें ना….के समापन समारोह में पूरे पटना के कोने-कोने से लोगों ने गांधी मैदान का रूख किया और आयोजन में भाग लिया। इसके साथ ही विचार मंच पर अपने-अपने विचार साझा किये।अभियान का समापन समारोह पटना के गांधी मैदान में आयोजित था। इसकी शुरुआत आज सुबह मशाल के साथ पैदल मार्च से शुरू हुई। चिडिय़ाघर के सामने से सुबह में मशाल लेकर विभिन्न खेल के खिलाड़ियों ने जनसमूह के साथ गांधी मैदान के लिए कूच किया।लोगों का हुजूम मार्च में शामिल हुआ और हड़ताली मोड़ से होते हुए पटना वीमेंस कॉलेज पहुंचा, जहां से हजारों लोग मार्च में शामिल हुए। युवाओं में खासा जोश देखा जा रहा था। कुछ लोग पैदल मार्च कर रहे थे तो कुछ अपने-अपने वाहनों के साथ इस मार्च में शामिल हुए। जिस ओर से यह मार्च गुजर रहा था लोग इस काफिले में शामिल हो रहे थे।लोगों का जत्था पटना के विभिन्न चौक-चौराहों से गुजरते गांधी मैदान पहुंचा जहां समापन समारोह का मंच बना था। मंच पर अतिथि के रूप में विभिन्न धर्मों के धर्म गुरु सहित बिहार सरकार के कई मंत्रिगण सहित उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार भी मौजूद थे।समापन कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए दैनिक जागरण के एसोसिएट एडिटर सद्गुरु शरण अवस्थी ने मंच पर उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत किया और इस अभियान का हिस्सा लेकर इसे सफल बनाने के लिए बिहारवासियों का आभार व्यक्त किया।उन्होंने कहा कि जनसमूह के अपार समर्थन की वजह से ही इस अभियान की गूंज पूरे बिहार में सुनाई दे रही है और अब जल्द ही बिहार दहेज मुक्त हो सकेगा। मशाल के साथ खिलाडिय़ों का मार्च चिडिय़ाखाना के दो नंबर गेट से मंगलवार सुबह 07:30 बजे मशाल यात्रा शुरू हुई। विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों ने मशाल लेकर पैदल मार्च किया। खिलाड़ियों के साथ लोगों का समूह बेली रोड व डाकबंगला चौराहा से आकाशवाणी होते हुए गांधी मैदान में गांधी प्रतिमा के पास पहुंचा और वहां लोगों ने उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को मशाल सौंपी।गांधी मैदान में विचार मंच का आयोजन
गांधी प्रतिमा के पास रथ-यात्रा का समापन हुआ। इस उपलक्ष्य में पूर्वाह्न 10 बजे से विचार मंच का आयोजन किया गया जहां लोगों ने अपने विचार दिए। मुख्य अतिथि के रुप में राज्य के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि दहेज के खिलाफ जो आवाज दैनिक जागरण ने उठाई, वो सराहनीय है। किसी भी कुप्रथा को खत्म करने के लिए जनसहयोग की जरूरत होती है।उन्होंने दहेज के खिलाफ आयोजित पेंटिंग प्रतियोगिता और स्लोगन लेखन प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया। चारों धर्मों (हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई) के गण्यमान्य लोगों ने दहेज विरोधी संदेश लिखे गुब्बारों को हवा में उड़ाया।समापन समारोह के बनेंगे साक्षी विचार मंच के दौरान स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय, नगर विकास व आवास मंत्री सुरेश शर्मा, पीएचईडी मंत्री विनोद नारायण झा, सहकारिता मंत्री राणा रणधीर सिंह, पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री पशुपति कुमार पारस, समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा, मेयर सीता साहू, विधानसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक अरुण कुमार सिन्हा, विधायक डॉ. संजीव चौरसिया, विधान पार्षद संजय सिंह, जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन आदि मौजूद थे। सोमवार को पटना का माहौल देख कोई संदेह नहीं रहा कि दहेज के खिलाफ माहौल बन चुका है। जन-जागरूकता प्रबल है और इसका दारोमदार दैनिक जागरण पर है। दहेज के खिलाफ अभियान (दहेज को ना कहें…) छेड़ कर दैनिक जागरण ने जन-मानस को झकझोर कर रख दिया है। सोमवार तक कुल 21 दिन तक अनवरत अभियान।

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