अर्ध कुंभ नहीं, 2019 में होगा कुंभ का आयोजन

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लखनऊ
इलाहाबाद + के संगम तट पर 2019 में अर्ध कुंभ नहीं बल्कि कुंभ का आयोजन किा जाएगा। यह फैसला उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यजुर्वेद के मंत्र ऊं पूर्णमद: पूर्णमिदं से प्रेरित होकर लिया है।

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प्रदेश सरकार ने फैसला लिया है कि हर 6 साल में आयोजित होने वाले विशाल धार्मिक आयोजन अर्ध कुंभ को कुंभ कहा जाएगा, जबकि हर 12 साल में होने वाले कुंभ + को महाकुंभ कहा जाएगा।

मंगलवार को कुंभ 2019 का लोगो जारी करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ + ने कहा कि वेद का ऊं. पूर्णमदः पूर्णमिदं मंत्र कहता है कि हिंदू धर्म में कुछ भी अधूरा नहीं होता है। सब अपने आप में पूरा होता है। अर्ध शब्द दर्शनशास्त्र के हिसाब से ठीक नहीं है इसलिए वह इस अर्ध शब्द को कुंभ से हटा रहे हैं और अब अर्ध कुंभ नहीं बल्कि कुंभ का आयोजन 2019 में किया जाएगा।

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ऐसा माना जाता है कि आदि शंकराचार्य ने इलाहाबाद, हरिद्वार, नासिक और उज्जैन में कुंभ की शुरूआत की थी। इससे पहले कुंभ का आयोजन इलाहाबाद में 2013 को हुआ था।
मंगलवार को कुंभ के जारी हुए लोगो के बारे में डीजी पर्यटन + अवनीश अवस्थी ने बताया कि इसे प्रूसन जोशी ने सीएम के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए बनाया है। कुंभ 2019 की टैगलाइन है चलो, चलो, चलो, कुंभ चलो।

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सीएम ने कहा है कि सभी सरकारी दस्तावेजों, सरकारी विज्ञापनों और होर्डिंग्स में इस लोगो का प्रयोग किया जाएगा ताकि हर व्यक्ति तक आयोजन की जानकारी पहुंच सके।

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