अमरनाथ गुफा साइलेंस जोन घोषित, विहिप ने NGT के फैसले को बताया तुगलकी

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नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने पवित्र अमरनाथ गुफा को शांत क्षेत्र यानी साइलेंस जोन घोषित करते हुए एक निश्चित सीमा से आगे जयकारे लगाने पर रोक लगा दी है।

इस बारे में एनजीटी ने पर्यावरण सचिव की अध्यक्षता में बनी समिति से तीन हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है। अमरनाथ श्राइन बोर्ड को इस आदेश का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए एनजीटी प्रमुख जस्टिस स्वतंत्र कुमार की पीठ ने कहा कि बोर्ड गुफा के आसपास पर्याप्त बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराया।

वहीं एनजीटी ने बोर्ड को दर्शनार्थी पवित्र हिमलिंग के दर्शन करने से वंचित न रह जाएं, इसकी व्यवस्था के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही ये ताकीद भी की है कि भजन-कीर्तन और जयकारों के कारण गुफा की शांति तथा पारिस्थितिकी संतुलन न भंग होने पाए।

अमरनाथ गुफा साइलेंस जोन घोषित-

इससे पहले ट्रिब्यूनल ने कहा कि अमरनाथ गुफा के आसपास के क्षेत्र को साइलेंस जोन घोषित करने से वहां हिमस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं को रोकने तथा गुफा की प्राचीन स्थिति को बरकरार रखने में मदद मिलेगी। पीठ ने कहा, ‘किसी को भी पवित्र गुफा तक जाने वाली सीढिय़ों तक कोई सामान ले जाने की छूट नहीं दी जाएगी। प्रवेश द्वार पर सभी की तलाशी ली जाएगी। सीढियों के अंतिम बिंदु से लेकर गुफा के भीतर तक के क्षेत्र को साइलेंस जोन घोषित किया जाना चाहिए।’

इसी के साथ एनजीटी ने हिमलिंग के आगे लगी लोहे की ग्रिल को हटाने का आदेश भी दिया, ताकि भक्त हिमलिंग का बेहतर ढंग से दर्शन कर सकें। ट्रिब्यूनल ने अंतिम तलाशी बिंदु से आगे दर्शनार्थियों को कोई भी निजी सामान ले जाने से रोकने का आदेश भी दिया।

विहिप ने एनजीटी के फैसले का किया विरोध-

विश्व हिंदू परिषद का कहना है कि एनजीटी ने अमरनाथ मंदिर में पूजा पद्धति पर रोक लगाकर एक तरह से तुगलकी फतवा जारी किया है। विहिप का कहना है कि धरती पर प्रकृति संबंधित हर संकट के लिए हिंदू जिम्मेदार नहीं हैं।

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