दाऊद-शकील में फूट, अनीस को डी कंपनी सौंपने की तैयारी

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छोटा शकील दाऊद के भरोसेमंद गुर्गों में से था
मुंबई
कई साल तक डी कंपनी में रहे छोटा शकील की अब दाऊद इब्राहिम से अलग होने की खबरें आ रही हैं। हालांकि, अधिकृत रूप से मुंबई पुलिस के आला अधिकारी इस पर कुछ बोल नहीं रहे हैं, पर इस झगड़े की वजह अनीस इब्राहिम को बताया जा रहा है। माना जा रहा है कि दाऊद अपना अवैध कारोबार अब अनीस को सौंपने जा रहा है। अनीस डॉन दाऊद का सगा भाई है।

खतम हो सब के सब जल्दी ही ताकि अमन कायम हो

मुंबई पुलिस सूत्रों का कहना है कि अनीस और शकील के बीच झगड़ा दशकों पुराना है। पर दाऊद दोनों को अब तक संभाले रहा। लेकिन इकबाल कासकर की तीन महीने पहले एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा द्वारा की गई गिरफ्तारी के बाद यह झगड़ा अपने चरम पर पहुंच गया। ठाणे पुलिस से जुड़े एक अधिकारी ने बुधवार को एनबीटी से कहा कि इकबाल मूल रूप से अनीस के ज्यादा करीब है।

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फिर भी आम स्थितियों में डी कंपनी के किसी भी आदमी की मुंबई में हुई गिरफ्तारी के बाद छोटा शकील ज्यादा सक्रिय हो जाता था। ऐसे लोगों को कानूनी मदद के लिए वह ही अपने पंटरों को कॉल करता था, पर इकबाल की गिरफ्तारी के बाद सिर्फ अनीस के ही मुंबई में ज्यादा कॉल्स आए। खास बात यह है कि इकबाल को जिन केसों में गिरफ्तार किया गया है, उनमें शकील के साथ दाऊद और अनीस को भी आरोपी बनाया गया है।

टाइगर मेमन के वक्त से दुश्मनी
लंबे समय तक मुंबई पुलिस से जुड़े रहे पूर्व इंस्पेक्टर सुहैल बुद्धा का कहना है कि शकील की अनीस से दुश्मनी 1993 से पहले की है। उनके अनुसार, 93 के बम धमाकों के लिए अनीस ने टाइगर मेमन के साथ दुबई में मीटिंग की थी। अभिनेता संजय दत्त की गिरफ्तारी भी उस दौरान अनीस के द्वारा भेजे गए हथियारों की वजह से ही हुई थी। पर अनीस ने टाइगर से अपनी मुलाकात का यह राज छोटा शकील से छिपा कर रखा था। शकील को यह तब बहुत बुरा लगा था।

बुद्धा कहते हैं कि दाऊद के ज्यादातर भाइयों का गैंग की गतिविधियों में बहुत कम योगदान रहा। उन्होंने दाऊद के भाई होने का फायदा तो लिया, पर गिरोह की गतिविधियों में कम शामिल रहे। इन भाइयों ने गिरोह के काम में कभी हस्तक्षेप भी नहीं किया। पर अनीस लगातार हस्तक्षेप करता रहा। शकील को यह कभी बर्दाश्त नहीं हुआ। शायद शकील को लगा हो कि दाऊद के लिए काम हम करते रहे, पर दाऊद के नाम पर बॉसगिरी अनीस दिखा रहा है। इसलिए मामले ने ज्यादा तूल पकड़ लिया हो। पहले भी शकील ने दाऊद से अनीस की उसके काम में हस्तक्षेप की शिकायतें की थीं। पर दाऊद अपने भाई को कंट्रोल नहीं कर पाया या बोल नहीं पाया। पर इकबाल कासकर की गिरफ्तारी के बाद कुछ न कुछ ऐसा जरूर हुआ है कि दाऊद और शकील में फूट की खबरें सार्वजनिक होने लगीं।

मुंबई क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी का कहना है कि चूंकि दाऊद अब बूढा हो रहा है, बीमार भी है, इसलिए संभव है दाऊद का पूरा अवैध कारोबार अब अनीस अधिग्रहण कर ले। शकील कितना भी खास क्यों न हो, पर भाई होने के नाते दाऊद अपना कारोबार अनीस को ही सौंपेगा। इसलिए भी अनीस के दुश्मन शकील की दाऊद से फूट की खबरें आ रही हैं। पर इस अधिकारी ने माना कि अनीस में गैंग चलाने की उतनी क्षमता नहीं है, जितनी शकील में है। जब एनबीटी ने हफ्ता निरोधक प्रकोष्ठ के सीनियर इंस्पेक्टर अजय सावंत से इस खबर पर उनकी प्रतिक्रिया मांगी, तो उन्होंने कहा कि हमें पहले इसे वेरिफाई करना पड़ेगा।

अनीस, अभिनेत्री और ग्रुप सेक्स
क्राइम ब्रांच में ही एक अधिकारी ने इस संवाददाता से कहा कि यह सच है कि शकील और अनीस में पुरानी दुश्मनी है, पर यह भी सच है कि दाऊद की उपस्थिति में दोनों के बीच यह समझौता हुआ था कि अनीस बॉलिवुड से जुड़ी बीट देखेगा और शकील मुंबई में बिल्डरों व अन्य व्यापारियों को हफ्ते के लिए धमकाएगा। करीब दो दशक पहले गुलशन कुमार का मर्डर अनीस ने ही करवाया था। फिल्म अभिनेता और निर्देशक राकेश रोशन और राजीव राय पर गोलीबारी उसी ने चलवाई थी। राय बाद में इतने डर गए कि मुंबई छोड़कर विदेश शिफ्ट हो गए। अनीस बॉलिवुड की एक नामी अभिनेत्री को नियमित कई लाख रुपये महीना भिजवाता था। एक पूर्व आईपीएस अधिकारी ने एनबीटी से कहा था कि एक अभिनेता ने उन्हें बताया था कि अनीस ने एक और अभिनेत्री के साथ दुबई में ग्रुप सेक्स भी किया था। वैसे, दाऊद का एक और भाई दूसरे कारणों से बॉलिवुड में ऐक्टिव रहा। उसने कुछ फिल्मों के लिए गीत भी लिखे थे। पाकिस्तान में फायर गुटखा जो चल रहा है, अनीस ने उसकी फ्रैंचाइजी मुंबई के दो बड़े गुटखा व्यापारियों से खरीदी थी।

फिरोज कोंकणी का मर्डर
खास बात यह है कि करीब दो दशक पहले अनीस ने पुलिस कस्टडी में जे. जे अस्पताल से डी कंपनी के सबसे खतरनाक शूटर फिरोज कोंकणी को भगवाया था। क्राइम ब्रांच सूत्रों का दावा है कि छोटा शकील ने बाद में उसका कराची में मर्डर करवा दिया, क्योंकि कोंकणी का डी कंपनी में कद छोटा शकील से ऊपर हो गया था। वह अंडरवर्ल्ड का पहला शूटर था, जिसने बीजेपी नेता रामदास नाईक के मर्डर में एके-47 का इस्तेमाल किया था। उसे बेंगलुरु के डायमंड ब्लू होटल से सीनियर इंस्पेक्टर सुखलाल वर्पे, दिनेश कदम और नरेंद्र सिंह ने गिरफ्तार किया था। जिन लोगों ने कोंकणी को भगाने में मदद की थी, उनमें से कुछ को प्रदीप शर्मा और विजय सालसकर ने एनकाउंटर में मार दिया था।

बढ़ा कद
शकील द्वारा कोंकणी का कत्ल करवाने के बावजूद उसका डी गैंग में कद कम नहीं हुआ, बल्कि सितंबर 2001 में बैंकॉक में छोटा राजन पर हुई गोलीबारी के बाद वह दाऊद गैंग में बहुत ताकतवर हो गया। राजन पर हमले के लिए दाऊद ने शकील के अलावा शरद शेट्टी की मदद ली थी। क्राइम ब्रांच सूत्रों का कहना है कि शरद शेट्टी ने मुंबई में अपने खास विनोद शेट्टी को बैंकॉक भेजा था। विनोद वापसी में शरद शेट्टी या उसके किसी आदमी से वहां मिला। राजन की बैंकॉक की पूरी लोकेशन बताई। उसके बाद वह मुंबई वापस आ गया, जबकि शरद ने दाऊद को इस लोकेशन की पूरी जानकारी दे दी।

दाऊद ने फिर शकील को आगे के ऑपरेशन का जिम्मा सौंपा। उसी के तहत मुंबई के मुन्ना झिंगाडा व अन्य लोगों को बैंकॉक भेजा गया। उन्होंने वहां गोलियां भी चलाईं, जिसमें राजन का साथी रोहित वर्मा मारा गया था, पर राजन घायल होने के बावजूद जिंदा बच गया था। मुन्ना को भारत लाने के लिए मुंबई पुलिस की एक टीम इस महीने कोर्ट की तारीख में बैंकॉक जाने वाली है। राजन के खिलाफ बैंकॉक के उस पूरे ऑपरेशन से अनीस को दूर रखा गया था। क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी के अनुसार, छोटा राजन की अनीस से कभी भी उतनी दुश्मनी रही भी नहीं, जितनी दाऊद व शकील से रही। लेकिन राजन की सुपारी देने वाले शरद शेट्टी का दुबई में और विनोद शेट्टी का मुंबई से सटे पनवेल में बाद में मर्डर हो गया।

समानांतर सत्ता
इस अधिकारी का कहना है कि शरद शेट्टी ने कभी भी छोटा शकील के अंडर में काम नहीं किया था। दरअसल उस वक्त डी कंपनी में चार लोगों के पास समानांतर सत्ता थीं। ये थे- शरद शेट्टी, छोटा शकील, अबू सलेम और सुनील सावंत उर्फ सावत्या। अबू सलेम डी कंपनी में अनीस के लिए काम करता था। उसे बाद में पुर्तगाल के रास्ते फिल्म अभिनेत्री मोनिका बेदी के साथ मुंबई प्रत्यर्पित कर दिया गया, जबकि सावत्या का भी कुछ साल पहले दुबई में कत्ल हो गया। इसलिए दाऊद गैंग में दहशत का इकलौता पर्याय शकील बन गया। वह शायद इसलिए डी कंपनी में दाऊद को छोड़कर किसी से नहीं डरता था।

एक बार, जैसा कि क्राइम ब्रांच के इस अधिकारी का दावा है कि शकील ने अनीस की कनपटी पर रिवॉल्वर रख दी थी और कहा था, कि यदि तुम्हारे नाम के आगे डी न लगा होता तो मैं अब तक तुम्हारा भेजा उड़ा देता। अब इसी शकील के दाऊद से अलग होने की खबर आ रही हैं। पर क्राइम ब्रांच सूत्रों का कहना है कि संभव है दोनों में फिर से समझौता हो जाए, क्योंकि दाऊद ही हरी झंडी के बिना शकील एक दिन भी पाकिस्तान में रह नहीं सकता। यदि वह पाकिस्तान के बाहर लंबे समय तक रहा, तो इंटरपोल द्वारा उसकी गिरफ्तारी और फिर उसे भारत भेजे जाने की संभावना बढ़ जाएगी। यदि शकील फिर भी नहीं माना, तो मुंबई में गैंगवार का खतरा फिर बढ़ जाएगा।

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