फ्लिपकार्ट के स्टाफ ने शेयर बेचकर कमाए 670 करोड़ रुपये

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बेंगलुरु
ऑनलाइन रिटेल सेक्टर की देसी कंपनी फ्लिपकार्ट ने अपने स्टाफ के पास पड़े 100 मिलियन डॉलर (670 करोड़ रुपये) के शेयर वापस खरीद लिए। यह देश की किसी प्राइवेट कंपनी की ओर से बड़ी एंप्लॉयी स्टॉक ऑप्शंस (ईएसओपी) में एक है। कंपनी के इस कदम से इसके 3,000 मौजूदा एवं पूर्व कर्मचारियों को फायदा होगा।

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बेंगलुरु स्थित ई-रिटेलर कंपनी ने बुधवार को बताया कि फ्लिपकार्ट समूह के एंप्लॉयीज बायबैक ऑफर में शामिल हुए और यह देश के सबसे बड़े इएसपीओ रीपर्चेज प्रोग्राम्स में एक बन गया। बायबैक ऑफर फ्लिपकार्ट, मिंट्रा, जबॉन्ग और फोन-पे, सभी के कर्मचारियों को दिया गया था। फ्लिपकार्ट ने कहा कि इसने अपने एंप्लॉयी को कंपनी में उनके कुछ प्रतिशत स्टॉक ऑप्शंस को भंजाने का यह पांचवां मौका दिया।

आकार के मामले में यह फ्लिपकार्ट ही नहीं बल्कि देश के अन्य किसी स्टार्टअप सेक्टर का सबसे बड़ा बायबैक प्रोग्राम है। अपने शेयर बेचनेवाले दो कर्मचारियों ने बताया कि यह पहल कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों और जो कंपनी जॉइन करना चाहते हैं, दोनों के लिए बड़ा मायने रखता है।

फ्लिपकार्ट के चेयरमैन सचिन बंसल और ग्रुप के सीईओ बिन्नी बंसल ने कहा, ‘एंप्लॉयीज हमारी ताकत का बड़ा साधन हैं जिसके बिना फ्लिपकार्ट भारत में ई-कॉमर्स इंडस्ट्री खड़ा नहीं कर सकता था। एक संगठन के तौर पर हम फ्लिपकार्ट की सफलता में उनकी समान भागीदारी की उम्मीद करते हैं। ईएसओपी रीपर्चेज प्रोग्राम इसी संस्कृति का विस्तार और सालों के उनके समर्पण और कठिन परिश्रम के लिए धन्यवाद कहने का जरिया है। हम न केवल स्टार्टअप इंडस्ट्री बल्कि भारत के विस्तृत प्राइवेट सेक्टर में इस महत्वपूर्ण पैमाने पर बेंचमार्क सेट कर बहुत खुश हैं।’
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गौरतलब है कि पेटीएम और लॉजिस्टिक्स वेंचर ब्लैकबक ने भी अपने स्टाफ के लिए इसी तरह के बायबैक ऑप्शन लाया था। ऑनलाइन फर्म साइट्रस के अधिग्रहण के वक्त भी कंपनी के 50 कर्मचारियों ने अपने शेयर बेचकर अच्छी-खासी कमाई की थी।

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